एलोपैथ से इलाज के नियमों को ले विभाग के अधिकारी भी अंधेरे में
अररिया : आयुष डॉक्टरों द्वारा एलोपैथिक पद्धति से इलाज करने के नियमों को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अंधेरे में हैं. पूछने पर सीएस डॉ एनके ओझा ने कहा कि राज्य सरकार के किसी स्पष्ट निर्देश की जानकारी उन्हें नहीं है. सीएस ने कहा कि एक आयुष डॉक्टर पर हुए एक केस के सिलसिले […]
अररिया : आयुष डॉक्टरों द्वारा एलोपैथिक पद्धति से इलाज करने के नियमों को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अंधेरे में हैं. पूछने पर सीएस डॉ एनके ओझा ने कहा कि राज्य सरकार के किसी स्पष्ट निर्देश की जानकारी उन्हें नहीं है. सीएस ने कहा कि एक आयुष डॉक्टर पर हुए एक केस के सिलसिले में उन्होंने सरकार से मार्ग दर्शन मांगा था,
पर स्पष्ट कुछ जानकारी नहीं दी गयी. अपनी एक जानकारी का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि आयुष निदेशालय ने आयुष डॉक्टरों को जख्म प्रतिवेदन के लिए अधिकृत कर दिया है. चिकित्सा सेवा संघ भासा के राज्य स्तरीय अधिकारी डॉ अजय कुमार कहते हैं कि अलग-अलग राज्यों के उच्च न्यायालयों ने अलग-अलग आदेश दिया है. मुंबई उच्च न्यायालय ने एलोपैथिक दवा लिखने को नियमों का उल्लंघन बताया है, जबकि मद्रास उच्च न्यायालय ने एक मामले में आयुष डॉक्टरों द्वारा एलोपैथिक दवा लिखने को अवैध नहीं माना है,
पर इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट 1956 के सेक्शन 15 के बाबत पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि नियम के अनुसार आयुष डॉक्टर एलोपैथिक दवा नहीं लिख सकते हैं. इसी क्रम में पूछे जाने पर आइएमए के जिलाध्यक्ष डॉ कैप्टन एसआर झा ने भी कहा कि केंद्रीय सरकार ने आयुष डॉक्टरों को लेकर कुछ नियम बदले हैं, पर नियमानुसार वे आम तौर पर एलोपैथिक दवा नहीं लिख सकते हैं.
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