हंगामे से नाराज NMCH के जूनियर डॉक्टरों ने काम छोड़ा, कोर्ट ने प्रशासन से कहा- कुछ भी करें, उन्हें हड़ताल पर जाने से रोकें
Author : Prabhat Khabar News Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 29 Apr 2021 9:49 AM
कार्य बहिष्कार किये जूनियर डॉक्टरों की पांच सूत्री मांगें हैं. जिनको पूरा होने के बाद ही कार्य पर लौटने की बात कह रहे हैं. एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ रामचंद्र प्रसाद का कहना है कि अस्पताल में कायम कमियां जब तक दूर नहीं होगी, तब तक ऐसी घटनाएं घटित होगी.
पटना सिटी. कार्य बहिष्कार किये जूनियर डॉक्टरों की पांच सूत्री मांगें हैं. जिनको पूरा होने के बाद ही कार्य पर लौटने की बात कह रहे हैं. एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ रामचंद्र प्रसाद का कहना है कि अस्पताल में कायम कमियां जब तक दूर नहीं होगी, तब तक ऐसी घटनाएं घटित होगी.
पांच सूत्री मांगों में एमबीबीएस की परीक्षा स्थगित होने की स्थिति में कार्य कर रहे 150 जूनियर इंटर्न कार्य नहीं कर रहे हैं. इससे भी संकट हो गया है. 150 गैर शैक्षणिक जेआर की तत्काल नियुक्ति की जाये. अन्य मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में कोविड बेड की संख्या बढ़ायी जाये, मरीजों की देखभाल के लिए वार्ड व्याय व परिचारकों की संख्या बढ़ाने की मांग की है.
इसके साथ ही नर्सिंग स्टाफ की संख्या बढ़ाने, अस्पताल परिसर में अर्ध सैनिक बल की तैनाती व हंगामा में सुरक्षा चूक के लिए दोषी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठायी है. अध्यक्ष ने कहा कि फ्रंट पर काम कर रहे लोगों और टॉप के अधिकारियों के बीच कम्यूनिकेशन गैप है.
नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सर्जरी विभाग में बाढ़ निवासी संक्रमित महिला की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा मचाया. इस दौरान हंगामा के बाद परिजन मृतक महिला के लाश को अपने साथ ले गये. अस्पताल के अधीक्षक डॉ विनोद कुमार सिंह व उपाधीक्षक डॉ सरोज कुमार ने बताया कि मृतक महिला की लाश को परिजन अपने साथ ले गये है. अस्पताल प्रशासन की ओर से प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है.
एनएमसीएच में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल पर हाइकोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए राज्य सरकार से कहा कि अगर जरूरत पड़े, तो वह जूनियर डॉक्टरों के आगे हाथ जोड़े, पांव पकड़े, लेकिन डॉक्टरों को हड़ताल पर नहीं जाने दे.
बुधवार को सुनवाई के समय एनएमसीएच में डॉक्टर और अन्य मेडिकल कर्मियों के साथ मरीजों के परिजनों द्वारा मारपीट करने और फिर से जूनियर डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने की खबर जैसे ही खंडपीठ को मिली, वैसे ही कोर्ट ने उपरोक्त बातें राज्य सरकार के वकीलों को कही.
कोर्ट ने अपर महाधिवक्ता अंजनी कुमार से अनुरोध किया कि वे खुद प्रधान सचिव समेत अन्य अधिकारियों से बात कर हड़ताल खत्म करवाने की कोशिश करें. राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि जूनियर डॉक्टरों की तरफ से हड़ताल टालने की बात हो गयी है. इस मामले पर फिर गुरुवार को शाम 5 बजे के बाद सुनवाई होगी.
Posted by Ashish Jha
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