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बिहार में 400 युवकों को नौकरी के नाम पर बनाया बंधक, पुलिस ने नेटवर्क मार्केटिंग से जुड़े 5 लोगों को किया गिरफ्तार

Updated at : 29 Mar 2025 8:38 PM (IST)
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बंधक बनाए गए लड़के

बंधक बनाए गए लड़के

बिहार : पुलिस के मुताबिक कुछ कंपनियों द्वारा नेटवर्क मार्केटिंग के व्यापार से लखपति बनने का सपना दिखाया गया था. इनमें सभी बच्चों से पंजीयन के नाम पर पैसा भी लिया गया था.

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बिहार : प्रदेश के साथ-साथ देश के अलग-अलग इलाके से नेटवर्क मार्केटिंग के नाम पर रक्सौल बुलाये गये सैकड़ों बच्चों का शनिवार को प्रशासन ने रेस्क्यू किया है. जिला प्रशासन, जिला पुलिस, सशस्त्र सीमा बल के साथ कई स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में शनिवार की सुबह करीब 10 बजे से शहर के कौड़िहार चौक, गांधी नगर, नागा रोड, परेउआ सहित आधा दर्जन से इलाके में जहां-जहां नेटवर्क मार्केटिंग के लिए लड़के किराये के मकान में रह रहे थे, वहां एसएसबी व पुलिस की संयुक्त टीम पहुंची. बच्चों को रेस्क्यू कर सुरक्षित थाना लाया गया. समाचार लिखे जाने तक लगभग 400 से अधिक बच्चों को थाने लाया गया है. इनमें अधिकांश बालिग थे तो कुछ नाबालिग थे. चार युवतियां भी शामिल हैं. अधिकांश दूर दराज के जिलों के साथ-साथ यूपी और नेपाल के थे.

युवाओं को दिखाया गया था लखपति बनने का सपना  

इन्हें रक्सौल में संचालित कुछ कंपनियों द्वारा नेटवर्क मार्केटिंग के व्यापार से लखपति बनने का सपना दिखाया गया था. इनमें सभी बच्चों से पंजीयन के नाम पर पैसा भी लिया गया था. अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी धीरेंद्र कुमार इस छापेमारी को लीड कर रहे थे. उनके साथ सशस्त्र सीमा बल 47वीं वाहिनी की सहायक सेनानायक नेहा सिंह के अलावे कई पदाधिकारी और सैकड़ों की संख्या में पुलिस व एसएसबी के जवान शामिल थे. रेस्क्यू किये गये बच्चों को एसएसबी की बस व कुछ प्राइवेट बसों से थाने लाया गया. सभी बच्चों का पूरा विवरण इकट्ठा किया जा रहा है.

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नेटवर्क मॉर्केटिंग के नाम पर दिया जा रहा था झांसा 

रेस्क्यू अभियान के बाद अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी धीरेंद्र कुमार ने बताया कि लगातार शिकायत मिल रही थी कि दवा का व्यापार व नेटवर्क मॉर्केटिंग के नाम पर नौकरी का झांसा देकर बच्चों को रक्सौल लाया जा रहा है. शिकायत के सत्यापन के बाद शनिवार को कार्रवाई करते हुए लगभग 400 बालिग व नाबालिग लड़कों को रेस्क्यू किया गया है. उनके ब्यान के आधार पर सरगना की तलाश की जा रही है. छापेमारी में एसएसबी के डीसी दीपक कुमार, रक्सौल थानाध्यक्ष राजीव नंदन सिन्हा, एसएसबी के अधिकारी सचिन कुमार, रजत मिश्रा के साथ दंडाधिकारी के रूप में अंचलाधिकारी रक्सौल शेखर राज, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी आदापुर राजीव कुमार, सुगौली के दिवाकर प्रसाद, प्रयास संस्था की जिला समन्वयक आरती कुमारी सहित रक्सौल थाने की पुअनि एकता सागर, रवि कुमार, अंशुली आर्या सहित अन्य जवान व पदाधिकारी शामिल थे.

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Prashant Tiwari

लेखक के बारे में

By Prashant Tiwari

प्रशांत तिवारी डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत पंजाब केसरी से करके राजस्थान पत्रिका होते हुए फिलहाल प्रभात खबर डिजिटल के बिहार टीम तक पहुंचे हैं, देश और राज्य की राजनीति में गहरी दिलचस्पी रखते हैं. साथ ही अभी पत्रकारिता की बारीकियों को सीखने में जुटे हुए हैं.

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