जीत के लिए लालू के पांव पर रख दी पगड़ी: सुशील मोदी

Updated at : 16 Jun 2014 5:30 AM (IST)
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जीत के लिए लालू के पांव पर रख दी पगड़ी: सुशील मोदी

पटना : भाजपा विधानमंडल दल के नेता सुशील मोदी ने रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर पलटवार किया. कहा, कभी जनता से लालू की लालटेन फोड़ने की अपील करनेवाले नीतीश कुमार आज अपनी सरकार बचाने और राज्यसभा उपचुनाव में जदयू उम्मीदवारों को जिताने के लिए लालू के पांव पर पगड़ी रख कर गिड़गिड़ा रहे […]

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पटना : भाजपा विधानमंडल दल के नेता सुशील मोदी ने रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर पलटवार किया. कहा, कभी जनता से लालू की लालटेन फोड़ने की अपील करनेवाले नीतीश कुमार आज अपनी सरकार बचाने और राज्यसभा उपचुनाव में जदयू उम्मीदवारों को जिताने के लिए लालू के पांव पर पगड़ी रख कर गिड़गिड़ा रहे हैं.

उन्होंने सवाल उठाये कि क्या लालू प्रसाद से फोन कर समर्थन मांगने के बाद भी नीतीश कुमार का स्वाभिमान और सिद्धांत बचा रह गया है? उन्होंनेकहा कि मुख्यमंत्री रहते नीतीश कुमार ने दल-बदल कानून के नियमों को तोड़ कर राजद के 13 विधायकों को विधानसभा में अलग गुट के रूप में मान्यता दिलायी. क्या यह संसदीय आचरण की नैतिकता के अनुकूल था? फिर जब राजद के समर्थन से सरकार बचाने की नौबत आयी, तब अलग गुटवाले फैसले को वापस कराया गया. नैतिकता तो दोनों बार तार-तार हुई. फिर भी उनकी जुबां पर नैतिकता की रट लगी रही.

उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार गैर कांग्रेसवाद की राजनीति करते रहे, पर सरकार बचाने के लिए इस सिद्धांत को डीप फ्रिजर में डाल कर उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल को फोन कर कांग्रेस के चार विधायकों का समर्थन हासिल कर लिया. कांग्रेस ने न तो बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिया, न कोई विशेष पैकेज, लेकिन नीतीश कुमार ने सारे सिद्धांत भूल कर उसी कांग्रेस का समर्थन ले लिया. उन्होंने नीतीश कुमार से पूछा है कि भाजपा के दो और राजद के तीन विधायकों से इस्तीफा दिला कर जनता पर उपचुनाव का बोझ डालना कहां की राजनीति है?

जिस ललन सिंह ने किसान महापंचायत बुला कर नीतीश को अपनी ताकत दिखायी, ऑपरेशन कर उनके पेट से दांत निकालने की बात क ही और पिछले विधानसभा चुनाव में एनडीए उम्मीदवारों के खिलाफ काम किया, उसको लोकसभा चुनाव हारने पर पहले एमएलसी और फिर कैबिनेट मंत्री बनवा दिया गया. क्या यही सिद्धांत की राजनीति है? नीतीश कुमार 17 वर्षो तक भाजपा के साथ रहे, तब सांप्रदायिकता कोई मुद्दा नहीं था. अपने अहंकार को सिद्धांत बता कर उन्होंने गंठबंधन तोड़ा और बिहार को विकास की पटरी से उतार दिया. विधानसभा चुनाव में भी जनता लालू-नीतीश को करारा शिकस्त देगी.

आज भाजपा मनायेगी विश्वासघात दिवस : मांझी सरकार को राजद का समर्थन स्वीकार करने के खिलाफ भाजपा सोमवार को जिला और प्रखंड मुख्यालयों में विश्वासघात दिवस मानयेगी. पटना में यह कार्यक्रम भारतीय नृत्य कला मंदिर में होगा. इसमें पार्टी विधानमंडल दल के नेता सुशील कुमार मोदी, प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय और विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता नंदकिशोर यादव सहित कई नेता-कार्यकर्ता शामिल होंगे.

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