सर्वश्रेष्ठ फार्म बरकरार रखना चाहता हूं : नारंग

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नयी दिल्ली : गगन नारंग की जिंदगी में पिछले तीन साल चोट और उससे उबरने में लगे रहे और हाल में रियो ओलंपिक के लिये कोटा स्थान हासिल करने वाले इस शीर्ष निशानेबाज कहा कि वह इस खेल महाकुंभ से पहले अपनी सर्वश्रेष्ठ फार्म हासिल करके उसे बरकरार रखना चाहते हैं. लंदन ओलंपिक के कांस्य […]

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नयी दिल्ली : गगन नारंग की जिंदगी में पिछले तीन साल चोट और उससे उबरने में लगे रहे और हाल में रियो ओलंपिक के लिये कोटा स्थान हासिल करने वाले इस शीर्ष निशानेबाज कहा कि वह इस खेल महाकुंभ से पहले अपनी सर्वश्रेष्ठ फार्म हासिल करके उसे बरकरार रखना चाहते हैं.

लंदन ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता नारंग ने अमेरिका के फोर्ट बेनिंग में हुए आईएसएसएफ विश्व कप में 50 मीटर राइफल प्रोन स्पर्धा में तीसरे स्थान पर रहकर रियो ओलंपिक के लिये क्वालीफाई किया. नारंग ने कहा, अमेरिका से रियो भले ही लंबी दूरी नहीं है लेकिन मई 2015 से जुलाई-अगस्त 2016 के बीच लंबी यात्रा तय करनी होगी. मुझे आगे के लिये योजना तैयार करनी होगी.

सबसे महत्वपूर्ण सर्वश्रेष्ठ फार्म हासिल करना और उसे बरकरार रखना है. भारत लौटने पर मैं अपने कोच से बात करके अगले 12 महीनों के लिये अपना कार्यक्रम तैयार करुंगा. इस 32 वर्षीय निशानेबाज ने इसे अहम परिणाम करार दिया जिससे उन्हें ओलंपिक खेलो की तैयारियों के लिये पर्याप्त समय मिल जाएगा.
उन्होंने कहा, मैं आगे की योजना को देखते हुए ओलंपिक कोटा हासिल करना चाहता था. शुरु में कोटा हासिल करने से अगले कुछ महीनों का कार्यक्रम तैयार करने में आसानी होती है. अब मुझे पता है कि किस दिशा में आगे बढ़ना है. इसलिए यह बेहद अहम परिणाम है. मुझे खुशी है कि मैंने इसे विश्व कप में हासिल किया. इसके बाद हम जर्मनी जाकर साल के आखिरी विश्व कप में भाग लेंगे.
ओलंपिक के अलावा एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल, विश्व चैंपियनशिप और विश्व कप में भी पदक जीतने वाले नारंग को भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) के अध्यक्ष रानिंदर सिंह ने भारतीय निशानेबाजी का पावरहाउस करार दिया था.
यह निशानेबाज अभी खुद को फिट रखने पर ध्यान दे रहा है. नारंग ने कहा, मैंने अपनी फिटनेस पर काफी मेहनत की. यह मेरे लिये सबसे बड़ी चुनौती थी. मैं जानता था कि यदि मेरी फिटनेस अच्छी रही तो मुझे अनुकूल परिणाम मिलेंगे. जहां तक तकनीक का सवाल है तो मैं किसी से पीछे नहीं हूं. इसके अलावा मैंने कडे मुकाबलों के लिये अपने मानसिक ट्रेनर के साथ काम किया. मेरी प्रगति संतोषजनक है और परिणाम में यह दिखता है.
पिछले कुछ वर्षों में उतार चढाव से गुजरने वाले नारंग ने कहा कि उन्हें अच्छे परिणाम की उम्मीद थी. उन्होंने कहा, मैं इसके महत्वपूर्ण जीत करार दूंगा. पिछले ओलंपिक और आने वाले ओलंपिक के बीच काफी उतार-चढ़ाव, चोट और उनसे उबरना शामिल रहा है. इस बीच मुझे प्रोन में अच्छे परिणाम मिले. नारंग ने कहा, मैंने ग्लास्गो खेलों में प्रोन और थ्री पोजीशन में दो पदक जीते. कुछ अवसरों में मैं मामूली अंतर से चूका लेकिन पदकों से वंचित नहीं रहा. मुझे खुशी है कि अब मैंने कोटा स्थान हासिल कर लिया है. मैं इसे टर्निंग प्वाइंट नहीं कहूंगा क्योंकि इसकी उम्मीद थी.
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