मुंह छुपाना पड़ा भारी! फीफा वर्ल्ड कप में पहली बार इस अजीब नियम के तहत खिलाड़ी को मिला 'रेड कार्ड'

Edited by Ritu Raj
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मिगुएल अल्मिरोन अपना मुंह ढकते हुए

Miguel Almiron Red Card: फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप-डी में शुक्रवार को पैराग्वे और तुर्की के बीच खेला गया मुकाबला हमेशा के लिए इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है. इस मैच के दौरान एक ऐसा वाक्या हुआ जो इससे पहले फुटबॉल जगत में कभी नहीं देखा गया था.

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Miguel Almiron Red Card: फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप-डी में शुक्रवार को पैराग्वे और तुर्की के बीच खेला गया मुकाबला फुटबॉल इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है. इस मैच में पैराग्वे के स्टार खिलाड़ी मिगुएल अल्मिरोन को एक अनोखे और ऐतिहासिक नियम के तहत रेड कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर भेज दिया गया. वह फुटबॉल इतिहास के पहले ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्हें किसी विवाद के दौरान अपना मुंह ढककर बात करने के लिए रेड कार्ड का सामना करना पड़ा.

जानिए 45+3वें मिनट में क्या हुआ

यह पूरी घटना मैच के पहले हाफ के इंजरी टाइम (45+3वें मिनट) में घटी. जब मैदान पर खिलाड़ियों के बीच कहासुनी हो रही थी, तब न्यूकैसल यूनाइटेड के मिडफील्डर अल्मिरोन अपना मुंह छिपाकर तुर्की के राइट बैक मेर्ट मुल्डुर से कुछ बोल रहे थे, जो कि कैमरे में रिकॉर्ड हो गया. अल सल्वाडोर के रेफरी इवान बार्टन ने तुरंत इस पर एक्शन लिया और वीएआर (VAR) से रीप्ले देखने के बाद अल्मिरोन को सीधे रेड कार्ड थमा दिया.

आखिर क्या है यह नया नियम और क्यों बनाया गया

अगर मैदान पर किसी प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी के साथ टकराव या तीखी बहस हो रही हो, और उस दौरान कोई खिलाड़ी अपना मुंह ढकता है, तो उसे सीधे रेड कार्ड देकर मैदान से बाहर कर दिया जाएगा. खिलाड़ी अक्सर तीखी बहस के दौरान नस्लवादी (Racist) या बेहद अपमानजनक बातें बोलते हैं और लिप-रीडिंग से बचने के लिए मुंह ढक लेते हैं. इसी को रोकने के लिए यह कड़ा कदम उठाया गया है.

नियम की शुरुआत कहाँ से हुई

दरअसल, यह नियम 2025-26 यूईएफए चैंपियंस लीग में बेनफिका के विंगर जियानलुका प्रेस्टियानी और रियल मैड्रिड के विनीसियस जूनियर के बीच हुए एक बड़े विवाद के बाद बनाया गया. नए नियम में यह साफ किया गया है कि अगर खिलाड़ी सामान्य या सौहार्दपूर्ण माहौल में हंसते-बोलते हुए मुंह ढकते हैं, तो इसकी अनुमति है. लेकिन माहौल में तनाव या गुस्सा दिखते ही सीधे रेड कार्ड थमा दिया जाएगा.

टूर्नामेंट का सबसे तेज गोल

पैराग्वे और तुर्की के बीच खेला गया यह मुकाबला सिर्फ अनोखे रेड कार्ड के लिए ही नहीं, बल्कि पैराग्वे के ऐतिहासिक खेल के लिए भी याद रखा जाएगा. मैच की शुरुआत ही पैराग्वे के लिए धमाकेदार रही. खेल शुरू होने के महज 1 मिनट 5 सेकंड बाद ही मिडफील्डर माटियास गैलार्ज़ा ने लंबी दूरी से एक अद्भुत गोल दागकर इतिहास रच दिया. यह इस टूर्नामेंट का अब तक का सबसे तेज गोल दर्ज किया गया.

10 खिलाड़ियों के साथ ऐतिहासिक जीत

इसके बाद जब पहले हाफ के अंत में अल्मिरोन को रेड कार्ड मिला, तो पैराग्वे को बाकी का मैच सिर्फ 10 खिलाड़ियों के साथ ही खेलना पड़ा. लेकिन टीम ने हार नहीं मानी और गजब के डिफेंस का प्रदर्शन करते हुए अपनी 1-0 की बढ़त को अंत तक बचाए रखा. इस ऐतिहासिक जीत के साथ पैराग्वे ने तुर्की को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया.

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प्रभात खबर डिजिटल में स्पोर्ट्स कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत। खेल पत्रकारिता में एक साल का अनुभव और स्पोर्ट्स की हर छोटी-बड़ी खबर पर पैनी नजर। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में मास्टर्स। उद्देश्य है पाठकों तक तेज, सटीक और विश्वसनीय स्पोर्ट्स कवरेज पहुँचाना।

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