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CWG: किसी एक समुदाय का नहीं, देश का प्रतिनिधित्व करती हूं, भारतीय मुक्केबाज निकहत जरीन का बेबाक जवाब

Updated at : 13 Jun 2022 9:37 PM (IST)
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CWG: किसी एक समुदाय का नहीं, देश का प्रतिनिधित्व करती हूं, भारतीय मुक्केबाज निकहत जरीन का बेबाक जवाब

Istanbul: Indian boxer Nikhat Zareen poses with her gold medal after winning Women's World Championship match against Thailand's Jitpong Jutamas in the flyweight (52kg) final, in Istanbul on Thursday, May 19, 2022. (PTI Photo)(PTI05_19_2022_000297A)

वर्ल्ड चैंपियन इंडियन बॉक्सर निकहत जरीन ने कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालीफाई कर लिया है. एक सवाल पर उन्होंने कहा कि वह किसी समुदाय का प्रतिनिधित्व नहीं करतीं, बल्कि वे अपने देश भारत का प्रतिनिधित्व करती हैं और अपने देश के लिए ही पदक जीतती हैं.

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कॉमनवेल्थ गेम्स में मुक्केबाजी में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए वर्ल्ड चैंपियन निकहत जरीन और लवलीना बोरगोहेन का चयन हो चुका है. विश्व चैंपियन मुक्केबाज निकहत ने कहा कि वह किसी समुदाय का प्रतिनिधित्व करने की जगह भारत का प्रतिनिधित्व करती है. जरीन से सोमवार को यहां पूछा गया कि लोग कड़ी मेहनत और रिंग में उपलब्धियों से ज्यादा उनकी धार्मिक पृष्ठभूमि के बारे में बात करते हैं तो उन्होंने कहा कि उनके लिए हिंदू-मुस्लिम मायने नहीं रखता.

देश के लिए जीतती हूं मेडल 

रूढ़िवादी समाज से ताल्लुक रखने वाली जरीन को मुक्केबाजी में करियर बनाने के लिए सामाजिक पूर्वाग्रहों से निपटना पड़ा. लेकिन इस 25 साल की खिलाड़ी ने स्पष्ट किया कि वह किसी विशेष समुदाय के लिए नहीं भारत के लिए खेलती और जीतती है. उन्होंने कहा कि एक खिलाड़ी के तौर पर मैं भारत का प्रतिनिधित्व करती हूं. मेरे लिए हिंदू-मुस्लिम मायने नहीं रखता है. मैं किसी समुदाय का प्रतिनिधित्व नहीं करती हूं, मैं देश का प्रतिनिधित्व करती हूं और देश के लिए पदक जीतकर खुश हूं.

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सवालों का दिया बेबाकी से जवाब

इंडियन वुमैन प्रेस कोर (आईडब्ल्यूपीसी) द्वारा आयोजित बातचीत में निकहत से जब पूछा गया कि भारतीय मुक्केबाजों में कहां कमी है, तो उन्होंने कहा कि भारतीय मुक्केबाज बहुत प्रतिभाशाली हैं, हम किसी से कम नहीं हैं. हमारे पास ताकत, गति और जरूरी कौशल के साथ सब कुछ है. बस एक बार जब आप उस (विश्व) स्तर पर पहुंच जाते हैं, तो मुक्केबाजों को मानसिक दबाव को संभालने के लिए प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए.

फ्लाईवेट स्पर्धा में बनी थीं वर्ल्ड चैंपियन

तेलंगाना की इस 25 साल की मुक्केबाज ने कहा कि बड़े मंच पर पहुंचने के बाद बहुत सारे खिलाड़ी दबाव में आ जाते हैं और वे प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं. पिछले महीने ‘फ्लाईवेट’ स्पर्धा में विश्व चैम्पियन बनी जरीन ने 28 जुलाई से शुरू हो रहे बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों के लिए भी भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की कर ली है. जरीन के भार वर्ग में दिग्गज मैरीकॉम के होने के कारण उन्हें अपनी बारी के लिए इंतजार करना पड़ा लेकिन उन्होंने कहा कि इससे खेल में अच्छा करने की उनकी ललक और बढ़ी है.

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