पिता का कर्ज और बिक चुका घर… कुछ ऐसी है मुकुल चौधरी के क्रिकेटर बनने की कहानी

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केकेआर के खिलाफ जीत के बाद जश्न मनाते हुए मुकुल चौधरी, Pic- PTI

Mukul Choudhary Success Story: लखनऊ के मुकुल चौधरी ने 27 गेंदों में 54 रन बनाकर अपनी टीम को जीत दिलाई. राजस्थान के झुंझुनू के मुकुल को क्रिकेटर बनाने के लिए पिता ने घर बेचकर कर्ज लिया था. मुकुल अब पिता का लोन चुकाकर नया घर बनाएंगे.

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Mukul Choudhary Success Story: आईपीएल 2026 में लखनऊ और कोलकाता के मैच में एक नया सितारा चमका है. राजस्थान के झुंझुनू के 21 साल के मुकुल चौधरी ने अपनी बल्लेबाजी से सबको हैरान कर दिया. यह कहानी सिर्फ एक मैच की नहीं बल्कि एक पिता के संघर्ष और बेटे के उस सपने को सच करने की है जिसके लिए उन्होंने भारी कर्ज लिया.

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पिता ने बेचा घर और लिया कर्ज

मुकुल चौधरी का परिवार आर्थिक रूप से मजबूत नहीं था. क्रिकेट एक ऐसा खेल है जिसमे सामान खरीदने के लिए ज्यादा पैसों की जरुरत रहती है. जैसे अच्छे बैट 20 से 30 हजार रुपये तक आते हैं. इसके अलावा अलग-अलग मैदानों पर सफर का भी काफी खर्च होता है. अपने बेटे को क्रिकेटर बनाने के लिए मुकुल के पिता ने कर्ज लिया और अपना घर तक बेच दिया. मुकुल ने 12-13 साल की उम्र में खेलना शुरू किया था.

पापा के सपने को बनाया अपनी मंजिल

मुकुल के जन्म से पहले ही पिता ने तय कर लिया था कि बेटा क्रिकेटर बनेगा. आईपीएल नीलामी में मुंबई और राजस्थान को पीछे छोड़ते हुए लखनऊ ने मुकुल को 2.6 करोड़ रुपये में खरीदा. इसके बाद जब एक इंटरव्यू में मुकुल से पूछा गया कि वह इन पैसों का क्या करेंगे तो उन्होंने साफ कहा कि उनका पहला काम पिता का कर्ज चुकाना और परिवार के लिए नया घर बनाना है. 

27 गेंदों में पलट दिया हारा हुआ मैच

कोलकाता के खिलाफ मैच में लखनऊ की टीम 182 रनों का पीछा करते हुए 104 रन पर 5 विकेट खो चुकी थी. तब मुकुल मैदान पर आए. टीम को 43 गेंदों पर 78 रन चाहिए थे. मुकुल ने बिना किसी दबाव के मात्र 27 गेंदों में नाबाद 54 रन बनाए. उन्होंने 2 चौके और 7 छक्के लगाए और टीम को आखिरी गेंद पर जीत दिला दी.

धोनी को मानते हैं अपना गुरु

मुकुल पहले तेज गेंदबाजी करते थे लेकिन टीम की जरूरत के हिसाब से विकेटकीपर बन गए. यह फैसला उनके करियर के लिए सही साबित हुआ. वह एमएस धोनी को अपना आइडल मानते हैं और विकेटकीपिंग उन्हीं की वजह से शुरू की. कोलकाता के खिलाफ अपनी पारी के दौरान मुकुल ने अपने हीरो का मशहूर हेलीकॉप्टर शॉट भी लगाया जिसने सबका ध्यान खींचा.

घरेलू क्रिकेट के दम पर मिला मौका

मुकुल को यह कामयाबी रातोरात नहीं मिली है. उन्होंने अंडर-23 ट्रॉफी में 142 की स्ट्राइक रेट और 103 की औसत से 617 रन बनाए थे. इसके अलावा सैय्यद मुश्ताक अली ट्रॉफी में भी उनका स्ट्राइक रेट 200 के करीब था. इसी शानदार प्रदर्शन के कारण आईपीएल में उनको मौका मिला है. जस्टिन लैंगर और ऋषभ पंत के साथ से वह अब एक बेहतरीन फिनिशर के रूप में उभर रहे हैं.

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