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IND vs ENG Test: विराट कोहली ने तोड़ा विश्वविजेता एमएस धौनी का रिकॉर्ड, कप्तान के रूप में किया यह काम

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
Virat Kohli
Virat Kohli
File Photo

IND vs ENG अहमदाबाद : भारत की गुरुवार को दिन रात्रि तीसरे टेस्ट क्रिकेट मैच में इंग्लैंड पर 10 विकेट से जीत से विराट कोहली (Virat Kohli) ने कप्तान के रूप में घरेलू धरती पर सर्वाधिक टेस्ट जीतने के महेंद्र सिंह धौनी (MS Dhoni) के रिकॉर्ड को तोड़ दिया. कोहली की कप्तानी में भारत ने अपनी सरजमीं पर जो 29 टेस्ट मैच खेले हैं उनमें से 22 में उसे जीत मिली है. धौनी की अगुवाई में भारत ने घरेलू धरती पर 30 टेस्ट मैचों में 21 जीत हासिल की थी. कोहली 35 जीत के साथ पहले ही भारत के सबसे सफल कप्तान हैं.

धौनी की अगुवाई में भारत ने कुल 27 टेस्ट मैचों में जीत दर्ज की. उनके बाद सौरव गांगुली (21 जीत) और मोहम्मद अजहरूद्दीन (14 जीत) का नंबर आता है. आज भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ गुलाबी गेंद के टेस्ट मैच में एक धमाकेदार रिकॉर्ड बनाया है. भारत ने तीसरे टेस्ट मैच में दूसरे ही दिन इंग्लैंड को 10 विकेट से हराकर आईसीसी वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में जाने का उसका सपना तोड़ दिया है.

टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने पहली पारी में अपने अर्धशतक के लिए अपने सकारात्मक रवैये को श्रेय दिया कि उन्होंने दिलचस्प नहीं बल्कि सामान्य विकेट पर सिर्फ डटे रहने की कोशिश नहीं की बल्कि रन बनाने का प्रयास भी किया जिस पर इंग्लैंड को 10 विकेट से हार का सामना करना पड़ा. इस सीनियर सलामी बल्लेबाज ने भारत के लिए मैच की एकमात्र अर्धशतकीय पारी खेली जबकि घरेलू टीम के स्पिनरों ने 19 विकेट झटके.

इंग्लैंड के बल्लेबाजों को अक्षर पटेल की सीधी गेंदों ने चकमा दिया जो टर्न लेने के बजाय सीधे ‘स्किड' कर रही थीं. रोहित ने मैच के समाप्त होने के बाद वर्चुअल कांफ्रेंस में कहा, ‘जब आप ऐसी पिच पर खेलते हो तो आपके अंदर जज्बा होना चाहिए और साथ ही आपको रन बनाने की कोशिश भी करनी चाहिए. आप सिर्फ ब्लॉक नहीं कर सकते. जैसा कि आपने देखा कि कोई कोई गेंद टर्न भी ले रही थी और जब आप टर्न के लिए खेलते तो कोई गेंद स्टंप की ओर ‘स्किड' (फिसल) भी रही थी.'

रोहित को लगता है कि 66 रन की पारी के दौरान वह इंग्लैंड के गेंदबाजों से दो कदम आगे थे. उन्होंने कहा, ‘आपको कभी कभार थोड़ा आगे रहकर रन बनाने के तरीके ढूढने की कोशिश करने की जरूरत होती है. मेरी इच्छा सिर्फ टिकने की नहीं थी बल्कि रन बनाने की कोशिश करने की भी थी जिसमें अच्छी गेंदों को सम्मान करना भी शामिल था. बस मैंने इतना ही करने की कोशिश की.'

Posted By: Amlesh Nandan.

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