कौन हैं ट्राइबल्स के 'रोल मॉडल' स्कॉट बोलैंड, गिलेस्पी के बाद ऑस्ट्रेलिया के दूसरे मूलवासी पुरुष क्रिकेटर

India vs Australia: Scott Boland
India vs Australia: ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज स्कॉट बोलैंड ने पांचवीं और आखिरी टेस्ट मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों को काफी परेशान किया है. उन्होंने दोनों पारियों में 4-4 विकेट चटकाए. वह आदिवासी समुदाय के केवल दूसरे ऑस्ट्रेलियाई पुरुष क्रिकेटर हैं. इस वजह से वह मूलवासियों के लिए रोल मॉडल बन गए हैं.
India vs Australia: चल रहे बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में आस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज स्कॉट बोलैंड का जलवा बरकरार है. उन्होंने सिडनी में खेले जा रहे आखिरी टेस्ट मुकाबले में अब तक 8 विकेट चटका दिए हैं. इस सीरीज में बोलैंड ने तीन मैच खेले और अब तक 19 विकेट अपने नाम कर लिए हैं. बोलैंड मूलवासी समुदाय के दूसरे ऑस्ट्रेलियाई पुरुष क्रिकेट हैं. इससे पहले जेसन गिलेस्पी ही एकमात्र ऑस्ट्रेलियाई मूलवासी हैं, जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए क्रिकेट खेला है. दो और मूलवासी क्रिकेटर महिला हैं. इसका मतलब यह हुआ कि कुल मिलाकर बोलैंड चौथे ट्राइबल मूलवासी हैं, जिन्होंने इस देश के लिए क्रिकेट खेला है.
बोलैंड ने टीम इंडिया को किया खूब परेशान
आखिरी टेस्ट मैच की पहली पारी में बोलैंड ने तेज गेंदबाजी आक्रमण का नेतृत्व करते हुए यशस्वी जायसवाल, विराट कोहली, ऋषभ पंत और नीतीश कुमार रेड्डी को पवेलियन का रास्ता दिखाया. उन्होंने दूसरी पारी में भी शानदार गेंदबाजी की और जायसवाल, राहुल, विराट और नीतीश रेड्डी को आउट किया. उनके इस शानदार प्रदर्शन से ऑस्ट्रेलियाई टीम अब भी मैच में बनी हुई है.
यह भी पढ़ें…
Virat के क्रिकेट में 2025 अभी नहीं आया! फिर एक बार उसी तरह आउट हुए, देखें Video
जसप्रीत बुमराह का हेल्थ अपडेट आया सामने, बल्लेबाजी करेंगे, लेकिन गेंदबाजी…
कौन हैं स्कॉट बोलैंड
2021 में एशेज सीरीज से डेब्यू करने वाले स्कॉट बोलैंड ऑस्ट्रेलियाई मूलनिवासी युवाओं के लिए आदर्श बन गए हैं. वह पुरुष टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले उस समुदाय के दूसरे सदस्य बन गए हैं. 35 साल के विक्टोरिया के तेज गेंदबाज बोलैंड के दादा आदिवासी गुलिदजान जनजाति से थे. जेसन गिलेस्पी स्वदेशी ऑस्ट्रेलियाई वंश के एकमात्र अन्य पुरुष खिलाड़ी हैं, जिन्होंने टेस्ट में देश का प्रतिनिधित्व किया है. महिला टेस्ट टीम में दो और खिलाड़ी, फेथ थॉमस और ऐश गार्डनर शामिल हैं.

2021 में बॉक्सिंग डे टेस्ट में डेब्यू करने वाले बोलैंड ने उस समय कहा था, ‘मुझे बहुत गर्व है. मेरे परिवार को भी बहुत गर्व है.’ उन्होंने कहा था, ‘एक क्लब में शामिल होना मेरे लिए बहुत मायने रखता है और उम्मीद है कि यह क्रिकेट में स्वदेशी समुदाय के लिए किसी बड़ी चीज की शुरुआत है. यदि मैं युवा स्वदेशी बच्चों के लिए एक आदर्श बन सकता हूं जो क्रिकेट खेलना चाहते हैं, तो मुझे लगता है कि फुटबॉल और रग्बी में जितने जनजाति हैं, एक दिन क्रिकेट में भी उतने ही आदिवासी शामिल होंगे.’
टेस्ट डेब्यू में बोलैंड ने किया कमाल
अपने डेब्यू में बोलैंड ने 6/7 का आंकड़ा पेश किया. यह टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने वाले किसी ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी का सातवां सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था. एक टेस्ट पारी में उनका गेंदबाजी स्ट्राइक रेट 4.00 दूसरा सर्वश्रेष्ठ था. उन्होंने उस सीरीज में 18 विकेट लिए और उनका गेंदबाजी औसत 9.55 रहा. बोलैंड ने अब तक 13 टेस्ट की 25 पारियों में 54 विकेट चटकाए हैं. डेब्यू का उनका प्रदर्शन अब तक का उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए अब तक 14 वनडे खेले हैं और 16 विकेट चटकाए हैं.

स्वदेशी ऑस्ट्रेलियाई कौन हैं?
स्वदेशी ऑस्ट्रेलियाई उन परिवारों से आते हैं जो ब्रिटिश उपनिवेशीकरण से पहले ऑस्ट्रेलिया में रहते थे. आदिवासी और टोरेस स्ट्रेट आइलैंडर से आने वाले लोगों को स्वदेशी ऑस्ट्रेलियाई कहा जाता है. स्वदेशी ऑस्ट्रेलियाई लोगों को ऑस्ट्रेलिया के पहले राष्ट्र, ऑस्ट्रेलिया के पहले लोग और पहले ऑस्ट्रेलियाई भी कहा जाता है. फेथ थॉमस ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलने वाली पहली स्वदेशी क्रिकेटर थीं. उन्होंने 1958 में डेब्यू किया था. इसके बाद दूसरी महिला स्वदेशी क्रिकेटर 2019 में डेब्यू करने वाली एशले गार्डनर बनीं. उनसे पहले, जेसन गिलेस्पी बैगी ग्रीन पहनने वाले पहले पुरुष क्रिकेटर थे. अपनी पीढ़ी के सबसे बेहतरीन गेंदबाजों में से एक गिलेस्पी ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 71 टेस्ट खेले और 259 विकेट चटकाए.
ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलने वाले आदिवासी क्रिकेटर्स
| क्रिकेटर का नाम | कब किया डेब्यू |
| फेथ थॉमस (महिला) | 1958 |
| जेसन गिलेस्पी | 1996 |
| एश्ले गार्डनर (महिला) | 2019 |
| स्कॉट बोलैंड | 2021 |
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By AmleshNandan Sinha
अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




