'यहां छुट्टियां मनाने नहीं आए हैं…' BCCI की किस बात पर गंभीर ने कह दिया ऐसा

IND vs ENG: Gautam Gambhir
IND vs ENG: टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने बीसीसीआई के उस नियम की वकालत की है, जिसमें विदेश दौरे पर परिवार की उपस्थिति को सीमित कर दिया गया है. गंभीर का मानना है कि टीमें विदेश दौरे पर देश को गौरान्वित करने के लक्ष्य के साथ जाती हैं और उसे लक्ष्य को प्राथमिकता देनी चाहिए. उन्होंने कहा कि आप यहां छुट्टियां मनाने नहीं आए हैं. परिवार का होना जरूरी है, लेकिन आप एक बड़े उद्देश्य से यहां आए हैं.
IND vs ENG: भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने लंबी विदेशी यात्राओं के दौरान क्रिकेटरों के परिवार की उपस्थिति को सीमित करने के भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) के निर्देश का समर्थन करते हुए कहा कि खिलाड़ियों को यह महसूस करना चाहिए कि वे छुट्टी पर नहीं बल्कि राष्ट्रीय कर्तव्य पर हैं. बीसीसीआई ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में भारतीय टीम की ऑस्ट्रेलिया से 1-3 की हार के बाद एक संशोधित यात्रा नीति तैयार की है. इसके तहत 45 दिनों से अधिक के दौरों के लिए परिवार के सदस्यों के रहने की अवधि अधिकतम दो सप्ताह तक सीमित कर दी गई है. छोटे दौरों के लिए यह अवधि सात दिनों तक सीमित कर दी गई है. not come here for holidays Gambhir support BCCI new rules
देश को परिवार से पहले बताया
गंभीर ने ‘सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क’ पर चेतेश्वर पुजारा से कहा, ‘परिवार की भूमिका महत्वपूर्ण है लेकिन आपको एक बात समझनी होगी. आप यहां एक उद्देश्य के लिए आए हैं. यह कोई छुट्टी नहीं है. आप एक बहुत बड़े उद्देश्य के लिए यहां हैं. उस ड्रेसिंग रूम में या इस दौरे पर बहुत कम लोग हैं जिन्हें देश को गौरवान्वित करने का यह अवसर मिलता है. मैं परिवारों को हमारे साथ नहीं रखने के खिलाफ नहीं हूं.’ इससे पहले दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने खिलाड़ियों के साथ परिवार को रखने का समर्थन किया था. कोहली का तर्क था कि अधिक दबाव वाली स्थितियों के दौरान परिवार की मौजूदगी से काफी मदद मिलती है.
खेल से खुद को अलग नहीं रख सकते गंभीर
गंभीर ने हालांकि बाकी सब चीजों से पहले देश को रखने के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने कहा, ‘परिवार का होना महत्वपूर्ण है. आपका ध्यान अगर देश को गौरवान्वित करने की ओर है और आपकी भूमिका किसी भी अन्य चीज से कहीं ज्यादा बड़ी है और आप उस लक्ष्य, उस उद्देश्य के प्रति प्रतिबद्ध हैं तो मुझे लगता है कि बाकी सब ठीक है. मुझे लगता है कि वह उद्देश्य और वह लक्ष्य किसी भी अन्य चीज से कहीं ज्यादा अहम है.’ इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में तीसरे टेस्ट के इतर गंभीर ने यह भी स्वीकार किया कि उन्हें खेल से खुद को अलग करना मुश्किल लगता है. उन्होंने खुलासा किया कि बर्मिंघम में इंग्लैंड पर भारत की जीत के कुछ ही मिनटों बाद वह टीम संयोजनों के बारे में सोच रहे थे.
तीसरे टेस्ट में अब तक पलड़ा बराबर
गंभीर से जब पूछा गया कि वह तनाव मुक्त कैसे होते हैं तो उन्होंने कहा, ‘यह एक कठिन सवाल है. मुझे अभी तक समझ नहीं आया है कि मैं कैसे इन चीजों से अपना ध्यान अलग करूं क्योंकि मैं ऐसा नहीं कर पाता हूं. कभी-कभी यह बहुत मजेदार और बहुत अजीब होता है.’ तीन मैचों की यह सीरीज अभी 1-1 से बराबर है. तीसरे टेस्ट के दूसरे दिन लंच तक भारत ने इंग्लैंड के सात बल्लेबाजों को आउट कर दिया है, हालांकि इंग्लिश टीम ने 353 का स्कोर बना लिया है. जो रूट शतक लगाकर आउट हो गए हैं.
ये भी पढ़ें…
300 विकेट चटकाने वाली दीप्ति शर्मा धोनी को मानती हैं अपना गुरु, छुपकर सीखी यह विद्या
इंडियन बॉलर्स ने नाक में दम कर दिया है, हैरान-परेशान ओली पोप ने सुनाई व्यथा
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
लेखक के बारे में
By AmleshNandan Sinha
अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




