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‘नो हैंडशेक’ पर ICC को धमकी देकर बुरा फंसा पाकिस्तान, एशिया कप से भी हो सकता है बाहर, जानें क्या है पूरा मामला

16 Sep, 2025 8:13 am
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Pakistan Cricket Team

पाकिस्तान क्रिकेट टीम खिलाड़ी एशिया कप 2025 में भारत के खिलाफ मैच के बाद हाथ मिलाते हुए. फोटो- PTI.

Asia Cup 2025: भारतीय टीम के हाथ नहीं मिलाने को लेकर पाकिस्तान ने बड़ा मामला बना दिया. उसने आईसीसी में शिकायत दर्ज कराई है. साथ ही उसने मैच रेफरी को हटाने की भी अपील की है और धमकी दी है कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो वह आने वाले मैच का बॉयकॉट करेगा. अब यह पाक टीम के लिए गले का फंदा बन सकता है.

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Asia Cup 2025: भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ एशिया कप 2025 के मैच में दोहरा दर्द दिया कि वह बिलबिला उठा है. पहले तो टीम इंडिया ने 7 विकेट से शिकस्त दी, उसके बाद पूरी टीम इंडिया ने मैच के बाद हाथ मिलाने से भी इनकार कर दिया. इस बात से न केवल पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड बल्कि पूरा मुल्क तमतमाया हुआ है. इस भारी बेइज्जती से बचने के लिए वह तुरंत आईसीसी के पास पहुंचा है. भारतीय खिलाड़ियों के मैच के बाद हाथ नहीं मिलाने पर पाकिस्तान आईसीसी से शिकायत की है. एक रिपोर्ट में सामने आया कि उसने एशिया कप 2025 के इंडिया-पाकिस्तान मैच के दौरान रेफरी रहे एंडी पॉयक्राफ्ट को हटाने की मांग की है. अगर ऐसा नहीं हुआ तो वह यूएई के खिलाफ 17 सितंबर को होने वाले मैच से बॉयकॉट करेगा.  

क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने अभी तक पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) की उस मांग पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, जिसमें एशिया कप 2025 के दौरान मैच रेफरी को हटाने की बात कही गई थी. हालांकि, संभावना यही है कि आईसीसी इस मांग को मानने के मूड में नहीं है. आईसीसी सूत्रों का कहना है कि पीसीबी की इस मांग को उचित ठहराने के लिए पर्याप्त आधार नहीं हैं और जल्द ही आधिकारिक प्रतिक्रिया आ सकती है. 

पायक्रॉफ्ट की भूमिका सीमित

रिपोर्ट के मुताबिक, आईसीसी के भीतर यह राय है कि पायक्रॉफ्ट की इस विवाद में भूमिका बेहद सीमित रही, उन्होंने तो बस पाकिस्तानी कप्तान को यह संदेश पहुँचाया था कि टॉस के दौरान सार्वजनिक रूप से हैंडशेक से इनकार करने पर शर्मिंदगी हो सकती है. आईसीसी अधिकारियों का मानना है कि पीसीबी की मांग को मान लेना गलत मिसाल पेश करेगा, क्योंकि इससे सदस्य बोर्डों को बिना ठोस कारण के मैच अधिकारियों की नियुक्ति में हस्तक्षेप का रास्ता मिल जाएगा. 

हाथ मिलाना जरूरी नहीं

14 सितंबर को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में हुए भारत-पाकिस्तान लीग मैच में भारतीय खिलाड़ियों ने मुकाबले के बाद पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया था. मैच के टॉस के दौरान भी भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अपने समकक्ष पाकिस्तानी कप्तान सलमान अली आगा से हाथ नहीं मिलाया और शीट भी एक्सचेंज नहीं की थी. मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) मैनुअल के अनुसार, मैच से पहले या बाद में हैंडशेक करना अनिवार्य नहीं है. यही बिंदु आईसीसी अपनी औपचारिक प्रतिक्रिया में जोर देकर बताएगा. 

मैच का बहिष्कार मतलब पाकिस्तान एशिया कप से बाहर

एशिया कप 2025 में पाकिस्तान और यूएई का 17 सितंबर को होने वाला मुकाबला अब नॉकआउट बन गया है, क्योंकि यूएई ने ओमान को हराकर सुपर फोर की दावेदारी मजबूत कर ली है. अब पाकिस्तान ने धमकी दी है कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो वे 17 सितंबर को यूएई के खिलाफ होने वाले अपने अगले मुकाबले का बहिष्कार करेंगे. खास बात यह है कि उस मैच के लिए भी पायक्रॉफ्ट ही मैच रेफरी नियुक्त किए गए हैं. इस गतिरोध ने एशिया कप पर अनिश्चितता बढ़ा दी है, हालांकि आईसीसी का साफ रुख यही है कि किसी एक सदस्य बोर्ड के दबाव में बिना ठोस वजह के मैच अधिकारियों को बदला नहीं जा सकता. 

अपने ही जाल में फंसा पाकिस्तान

अब पाकिस्तान के लिए अपनी मांग मनवाना भारी पड़ रहा है. भारतीय खिलाड़ियों से हाथ न मिलाने की घटना के बाद पहले ही विवादों में घिरा पाकिस्तान अब अपने ही बयान और शर्तों के जाल में फंसता दिख रहा है. अगर टीम पाकिस्तानी टीम मैदान में नहीं उतरी तो टूर्नामेंट से उसका बाहर होना लगभग तय है. वहीं, खेलने पर उसे जीत दर्ज करना ही होगी ताकि सुपर फोर में जगह बनाई जा सके. कुल मिलाकर, पाकिस्तान के लिए यह मुकाबला उसकी साख और एशिया कप की किस्मत दोनों तय करेगा.

PCB चेयरमैन ही ACC अध्यक्ष

हालांकि मोहसिन नकवी की ही एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष भी हैं, ऐसे में उनकी मांग ज्यादा तवज्जो नहीं पा सकी है. मैच अधिकारियों की नियुक्ति आईसीसी स्थानीय क्रिकेट निकाय से परामर्श कर करता है. इस मामले में उसने एसीसी की सलाह पर निर्णय लिया है. इसलिए माना जा रहा है कि आईसीसी इस मांग को गंभीरता से नहीं लेगा.

क्या कहता है एमसीसी का नियम?

दिलचस्प बात यह है कि पीसीबी ने सीधे तौर पर एमसीसी, से संपर्क नहीं किया है, जो क्रिकेट के नियमों का संरक्षक है. बल्कि बोर्ड ने इस मुद्दे को ‘स्पिरिट ऑफ क्रिकेट’ के दायरे में उठाया है, लेकिन एमसीसी के साथ औपचारिक बातचीत नहीं हुई है. एमसीसी के ‘स्पिरिट ऑफ क्रिकेट’ प्रीएंबल (प्रस्तावना) में साफ लिखा है कि हैंडशेक को सम्मान का प्रतीक मानकर प्रोत्साहित किया जाता है, लेकिन यह अनिवार्य नहीं है. प्रस्तावना इस बात पर जोर देती है कि परिणाम चाहे जो भी हो, अधिकारियों और विरोधी खिलाड़ियों के प्रति सम्मान दिखाना जरूरी है. हालांकि यह नियम क्रिकेट के बाध्यकारी कानूनों का हिस्सा नहीं है.

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Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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