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खून में राजनीति, स्वभाव से प्रशासक : कुछ ऐसे हैं युवा बीसीसीआई अध्‍यक्ष अनुराग ठाकुर

Updated at : 22 May 2016 3:59 PM (IST)
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खून में राजनीति, स्वभाव से प्रशासक : कुछ ऐसे हैं युवा बीसीसीआई अध्‍यक्ष अनुराग ठाकुर

नयी दिल्ली : स्वतंत्र भारत के सबसे युवा बीसीसीआई अध्यक्ष चुने गये अनुराग ठाकुर ने ऐसे समय में दुनिया की सबसे अमीर क्रिकेट संस्था का पद भार संभाला है जब बोर्ड उच्चतम न्यायालय की आमूल चूल बदलावों की सिफारिशों के खिलाफ अस्तित्व की लड़ाई से जूझ रहा है. हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले से तीन […]

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नयी दिल्ली : स्वतंत्र भारत के सबसे युवा बीसीसीआई अध्यक्ष चुने गये अनुराग ठाकुर ने ऐसे समय में दुनिया की सबसे अमीर क्रिकेट संस्था का पद भार संभाला है जब बोर्ड उच्चतम न्यायालय की आमूल चूल बदलावों की सिफारिशों के खिलाफ अस्तित्व की लड़ाई से जूझ रहा है.

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले से तीन बार के लोकसभा सांसद के लिये यह सफर निश्चित रुप से आसान नहीं होगा क्योंकि उनका यह कार्यकाल सितंबर 2017 तक होगा और निकट भविष्य में उन्हें मुश्किल दौर से गुजरना पडेगा. अगर लोढा समिति की सिफारिशें लागू की जाती हैं तो ठाकुर को अनिवार्य रुप से तीन साल की अवधि तक इंतजार करना होगा.
ठाकुर के लिये इस ‘हॉट सीट’ पर आगामी कुछ महीने का समय सचमुच परेशानी भरा होगा क्योंकि उन्हें उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद बीसीसीआई की कार्यप्रणाली में तेजी से बदलाव करने होंगे. लेकिन हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के बेटे ठाकुर राजनीतिज्ञ हैं और वह अपनी विशिष्ट संचालन शैली से काम करेंगे जो बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष एन श्रीनिवासन और शंशाक मनोहर से अलग होगी.
साथ ही उनके जुझारु व्यक्तित्व को भी नकारा नहीं जा सकता, जो किसी भी बात का कहने से हिचकते नहीं हैं और वह बीसीसीआई के उन अधिकारियों :तब के कोषाध्यक्ष अजय शिर्के: में शामिल थे जिन्होंने तत्कालीन अध्यक्ष एन श्रीनिवासन को मैच फिक्सिंग प्रकरण के बाद अपने पद से इस्तीफा देने के लिये कह दिया था.
हिमाचल प्रदेश क्रिकेट संघ के अध्यक्ष ठाकुर किसी भी फैसले पर पहुंचने से पहले समय लेते हैं. इस संदर्भ में यह मामला भी देखा जा सकता है कि रवि शास्त्री का अनुबंध विश्व टी20 के बाद खत्म हो गया था लेकिन भारत के अगले मुख्य कोच के रुप में कौन आयेगा, ठाकुर ने इसका खुलासा अभी तक नहीं किया है. लेकिन उनकी अपनी ही उपलब्धियां भी हैं.
धर्मशाला में धौलाधर रेंज में स्थिति क्रिकेट स्टेडियम निश्चित रुप से भारत में सबसे खूबसूरत क्षेत्र में बना स्टेडियम है. धर्मशाला के अलावा, हिमाचल के बिलासपुर, उना, अमतर, प्रगति नगर और लाल पानी में आधुनिक क्रिकेट ढांचे मौजूद हैं. बिलासपुर और उना ने बीसीसीआई के वरिष्ठ स्तर के मैचों की मेजबानी की है.
बीसीसीआई के शीर्ष स्तर पर युवा अधिकारी होने के नाते उनका राष्ट्रीय टीम के बीते और मौजूदा क्रिकेटरों से अच्छा तालमेल है. बल्कि कई को लगता है कि वह खिलाडियों के पसंदीदा हैं क्योंकि बतौर सचिव उन्होंने सुनिश्चित किया कि किसी भी सीनियर खिलाड़ी के लिये दरवाजे बंद नहीं हों जो अच्छा प्रदर्शन कर रहा है. ठाकुर के सचिव बनने के बाद युवराज सिंह, हरभजन सिंह, आशीष नेहरा सरीखे खिलाडियों ने राष्ट्रीय टीम में वापसी की तथा सीनियर चयन समिति के समन्वयक बन गये.
सीनियर खिलाड़ी जैसे सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली उन्हें उनके पहले नाम से पुकारते हैं और वह ऐसे व्यक्ति हैं जो 25 साल की उम्र में हिमाचल प्रदेश क्रिकेट संघ के अध्यक्ष बनने के बाद अपने राज्य की टीम के खिलाडियों के लिये हमेशा उपस्थित रहे. राहुल द्रविड को भारत अंडर-19 और ए टीम का कोच बनाने के अलावा बीसीसीआई अधिकारियों के ‘हितों में कोई टकराव नहीं’ की धारा पर हस्ताक्षर करने और इसे लाने के उनके कदम को काफी सराहा गया.
उन्होंने हाल में निचले सदन में निजी सदस्य विधेयक पेश किया जिसमें किसी भी खिलाड़ी के मैच फिक्सिंग में शामिल होने के बाद 10 साल की जेल सजा दिये जाने का प्रावधान है. दिल्ली में निचली अदालत ने हाल में प्रतिबंधित और कथित फिक्सर एस श्रीसंत के खिलाफ मकोका के आरोप खारिज कर दिये, लेकिन ठाकुर ने केरल के इस तेज गेंदबाज पर से आजीवन प्रतिबंध को नहीं हटाने का फैसला जारी रखा.
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