श्रीराम ने क्यों किया था विजया एकादशी व्रत? जानिए पूरी कथा

Published by : Shaurya Punj Updated At : 04 Feb 2026 12:56 PM

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विजया एकादशी व्रत श्रीराम ने भी रखा था

Vijaya Ekadashi 2026:विजया एकादशी 2026 का विशेष महत्व है. जानिए क्यों भगवान श्रीराम ने लंका विजय के लिए यह व्रत किया था, क्या है इसकी पौराणिक कथा, पूजा विधि और व्रत का फल.

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Vijaya Ekadashi 2026: फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को विजया एकादशी कहा जाता है. इस एकादशी का बहुत बड़ा धार्मिक महत्व है. पद्म पुराण के अनुसार, भगवान श्रीराम ने लंका पर विजय प्राप्त करने के लिए विजया एकादशी का व्रत किया था. जब भगवान श्रीराम लंका पर चढ़ाई करने के लिए समुद्र तट पर पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि समुद्र बहुत गहरा और भयंकर है. उसमें अनेक खतरनाक जल जीव रहते हैं. यह देखकर श्रीराम चिंतित हो गए और लक्ष्मण से बोले कि समुद्र पार करने का कोई आसान उपाय उन्हें दिखाई नहीं दे रहा है.

मुनि बकदाल्भ्य से मार्गदर्शन

तब लक्ष्मण ने श्रीराम से कहा कि आप स्वयं आदिदेव और पुरुषोत्तम हैं, आपसे कुछ भी छिपा नहीं है. उन्होंने सुझाव दिया कि पास ही मुनि बकदाल्भ्य का आश्रम है, जो बहुत ज्ञानी और तपस्वी हैं. उनसे जाकर उपाय पूछना चाहिए.

लक्ष्मण की बात मानकर भगवान श्रीराम मुनि बकदाल्भ्य के आश्रम पहुंचे और उन्हें प्रणाम किया. मुनि ने श्रीराम को पहचान लिया और उनके आगमन से प्रसन्न हुए. जब श्रीराम ने समुद्र पार करने का उपाय पूछा, तो मुनि बकदाल्भ्य ने कहा कि फाल्गुन कृष्ण पक्ष की विजया एकादशी का व्रत करने से निश्चित रूप से विजय प्राप्त होगी.

विजया एकादशी का फल

मुनि की आज्ञा अनुसार भगवान श्रीराम ने विजया एकादशी का व्रत किया. इस व्रत के प्रभाव से वे अपनी वानर सेना के साथ समुद्र पार करने में सफल हुए, रावण का वध किया, लंका पर विजय प्राप्त की और माता सीता को वापस लाए. शास्त्रों में कहा गया है कि जो व्यक्ति विधि-विधान से विजया एकादशी का व्रत करता है, उसे जीवन में सफलता और विजय मिलती है. साथ ही उसका परलोक भी शुभ और अक्षय होता है.

विजया एकादशी व्रत का महत्व

आचार्य कृष्ण गोपाल मिश्र के अनुसार, भगवान विष्णु की किसी भी रूप में पूजा करने से मनुष्य की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. भगवान श्रीराम स्वयं विष्णु के अवतार थे, फिर भी उन्होंने मानव समाज को सही मार्ग दिखाने के लिए इस व्रत का पालन किया.

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विजया एकादशी 2026 की तिथि और पूजा विधि

इस वर्ष विजया एकादशी 12 फरवरी को सुबह 11:32 बजे से 13 फरवरी को दोपहर 1:30 बजे तक रहेगी. शास्त्रों के अनुसार 13 फरवरी को विजया एकादशी का व्रत रखा जाएगा. इस दिन सुबह स्नान कर भगवान विष्णु की विधिपूर्वक पूजा करनी चाहिए. भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करें और गंध, धूप, दीप और नैवेद्य से पूजन करें.

आचार्य के गोपाल मिश्रा
स्वर्ण पदक विजेता
एस्ट्रो वास्तु सलाहकार

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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