Ekadashi 2026: फरवरी में कब है विजया और आमलकी एकादशी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और महत्व

Published by : Neha Kumari Updated At : 30 Jan 2026 3:24 PM

विज्ञापन

एकादशी 2026

Ekadashi 2026: फरवरी महीने में दो एकादशी व्रत रखे जाएंगे—विजया एकादशी और आमलकी एकादशी. आइए जानते हैं ये दोनों व्रत क्यों किए जाते हैं और फरवरी महीने में किस तारीख को ये दोनों व्रत रखे जाएंगे.

विज्ञापन

Ekadashi 2026: हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत रखना बेहद शुभ माना जाता है. यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है. इस दिन स्नान-दान, पूजा-पाठ और मंत्रोच्चारण करना अत्यंत शुभ माना जाता है. साल 2026 के फरवरी महीने में दो बहुत ही खास एकादशी पड़ रही हैं—पहली विजया एकादशी और दूसरी आमलकी एकादशी. आइए जानते हैं इनकी तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि.

1. विजया एकादशी (13 फरवरी 2026, शुक्रवार)

विजया एकादशी यानी विजय प्राप्ति के लिए की जाने वाली एकादशी. मान्यता है कि इस व्रत को करने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है. साथ ही जीवन की कठिनाइयों और बाधाओं से मुक्ति मिलती है तथा कार्यों में सफलता प्राप्त होती है. माना जाता है कि लंका जाने से पहले स्वयं भगवान श्रीराम ने भी यह व्रत किया था.

  • तिथि शुरू: 12 फरवरी, सुबह 11:33 बजे से
  • तिथि समाप्त: 13 फरवरी, दोपहर 01:30 बजे तक
  • पूजा का समय: 13 फरवरी, सुबह 06:26 से 09:15 तक
  • व्रत खोलने (पारण) का समय: 14 फरवरी, सुबह 07:50 से 09:15 तक

2. आमलकी एकादशी (27 फरवरी 2026, शुक्रवार)

आमलकी एकादशी को ‘आंवला एकादशी’ भी कहा जाता है. इस दिन भगवान विष्णु के साथ-साथ आंवले के पेड़ की पूजा का विशेष महत्व होता है. यह व्रत सुख-शांति, निरोगी काया और अच्छी सेहत के लिए किया जाता है.

  • तिथि शुरू: 26 फरवरी, रात 12:07 बजे से
  • तिथि समाप्त: 27 फरवरी, रात 09:59 बजे तक
  • पूजा का समय: 27 फरवरी, सुबह 06:15 से 09:09 तक
  • व्रत खोलने (पारण) का समय: 28 फरवरी, सुबह 07:41 से 09:08 तक

पूजा की विधि

  • सुबह जल्दी स्नान करके साफ पीले कपड़े पहनें और व्रत का संकल्प लें.
  • भगवान विष्णु को पीले फूल, फल और सबसे जरूरी तुलसी के पत्ते अर्पित करें.
  • विजया एकादशी पर एक जल से भरा कलश स्थापित करें.
  • आमलकी एकादशी के दिन आंवले के पेड़ की पूजा करें और वहां दीप जलाएं.
  • पूजा के दौरान भगवान विष्णु के मंत्र “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का जाप करें और व्रत कथा पढ़ें. इसके बाद आरती कर प्रसाद अर्पित करें.
  • अगले दिन शुभ मुहूर्त में किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को दान देने के बाद ही व्रत खोलें.

कुछ जरूरी सावधानियां

  • एकादशी के दिन चावल खाना सख्त मना होता है.
  • व्रत के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए, इसलिए पूजा के लिए एक दिन पहले ही तोड़कर रख लें.
  • मन में किसी के प्रति द्वेष न रखें और सात्विक विचार अपनाएं.

यहां पढ़ें धर्म से जुड़ी बड़ी खबरें: Religion News in Hindi – Spiritual News, Hindi Religion News, Today Panchang, Astrology at Prabhat Khabar

विज्ञापन
Neha Kumari

लेखक के बारे में

By Neha Kumari

नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. उन्हें लेखन के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. पिछले छह महीनों से वे राशिफल और धर्म से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं. उनका मुख्य कार्य व्रत-त्योहारों, पौराणिक कथाओं और भारतीय रीति-रिवाजों से जुड़ी जानकारी को सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. नेहा का हमेशा यह प्रयास रहता है कि वे कठिन से कठिन विषय को भी इतना आसान और रोचक बना दें कि हर कोई उसे सहजता से पढ़ और समझ सके. उनका मानना है कि यदि धर्म और संस्कृति से जुड़ी जानकारी सरल शब्दों में मिले, तो लोग अपनी परंपराओं से बेहतर तरीके से जुड़ पाते हैं. डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने प्रभात खबर में ही ‘नेशनल’ और ‘वर्ल्ड’ डेस्क पर छह महीने की इंटर्नशिप के साथ की थी. इस दौरान उन्होंने रियल-टाइम खबरों पर काम करना, तेजी और सटीकता के साथ कंटेंट लिखना, ट्रेंडिंग विषयों की पहचान करना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उनकी न्यूज़ सेंस, लेखन क्षमता और खबरों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की समझ को और अधिक मजबूत बनाया.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola