Unique Temple of India: यहां चूहों को पैर लगाना है पाप, इंसानों से पहले इनको खिलाया जाता है प्रसाद! भारत का यह अनोखा मंदिर कर देगा हैरान

Updated:
विज्ञापन
AI image

AI image

Unique Temples of India: भारत के अलग-अलग राज्यों में आपको अनोखी कहानियों और अनोखी परंपराओं से समृद्ध मंदिर देखने को मिलेंगे. जिनमें से 1 के बारे में हमने इस आर्टिकल में बताया है. यदि आप इस ठंड के मौसम में भारत के अलग-अलग मंदिर घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो इस स्थान को अपनी लिस्ट में शामिल कर सकते हैं.

विज्ञापन

Unique Temple of India: भारत अपनी विविधता और अनोखे रीति-रिवाजों के लिए पूरे विश्व में मशहूर है. यहां के हर एक राज्य में आपको एक अलग सी धार्मिक आस्था और परंपरा देखने को मिलती है. कहा जाता है कि इन अनोखी परंपराओं और इनसे जुड़ी रोचक कहानियों को संजोकर रखने का कार्य यहां के मंदिर करते हैं. आपने अक्सर लोगों को कहते सुना होगा कि व्यक्ति चाहे अमीर हो या गरीब, बड़े-बड़े शहरों में रहने वाला हो या ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाला—जब वह भगवान के द्वार पर जाता है तो सभी समान होते हैं, कोई बड़ा-छोटा नहीं होता. आप माने या न माने, लेकिन कई हद तक इस बात को सही साबित करने में इन मंदिरों में पालन की जाने वाली रीति-रिवाज, परंपराएं और कहानियां योगदान देती हैं. इस आर्टिकल में हम आपको भारत के एक अनोखे मंदिर की चर्चा करेंगे, जिसकी अनोखी कहानी और परंपराएं आपको हैरान कर देंगी.

करणी माता मंदिर (Karni Mata Temple)

करणी माता मंदिर भारत के राजस्थान राज्य के बीकानेर जिले में देशनोक में स्थित है. यह मंदिर माता दुर्गा के स्वरूप माता करणी को समर्पित है. इस मंदिर को जो चीज अनोखा बनाती है, वह हैं यहां के अनोखे निवासी. इस मंदिर में आपको हजारों की संख्या में चूहे देखने को मिलते हैं. अनुमान है कि यहां 25,000 से भी ज्यादा चूहे रहते हैं. यहां माता की पूजा के बाद सबसे पहले चूहों को प्रसाद खिलाया जाता है, उसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद बांटा जाता है. यदि किसी व्यक्ति का पैर इन चूहों पर पड़ जाता है या किसी व्यक्ति के कारण किसी चूहे की मृत्यु होती है तो इसे पाप माना जाता है.

धार्मिक मान्यता – धार्मिक मान्यता के अनुसार, माता करणी का सौतेला बेटा लक्ष्मण एक दिन सरोवर से पानी पीने गया, लेकिन पानी में डूबकर उसकी मृत्यु हो गई. जिसके बाद करणी माता ने मृत्यु के देवता यमराज से उसे फिर से जीवित करने की प्रार्थना की. यमराज ने करणी माता के गहरे दुःख को देखकर उनकी बात मान ली, जिसके बाद यमराज ने लक्ष्मण और माता के सभी बच्चों को चूहों के रूप में पुनर्जन्म देने का वरदान दिया.

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. प्रभात खबर किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.

विज्ञापन
नेहा कुमारी

लेखक के बारे में

By नेहा कुमारी

नेहा कुमारी वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में धर्म बीट पर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. वह व्रत-त्योहार, राशिफल, पंचांग, ज्योतिष, शुभ मुहूर्त, पौराणिक कथाओं और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर लेख लिखती हैं. उन्होंने वेस्ट बंगाल स्टेट यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है.

डिजिटल पत्रकारिता में उन्होंने धर्म, ज्योतिष और भारतीय परंपराओं से जुड़े विषयों पर विशेष अनुभव हासिल किया है. उनका उद्देश्य पाठकों तक सरल भाषा में सटीक, विश्वसनीय और उपयोगी जानकारी पहुंचाना है, ताकि वे धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों को आसानी से समझ सकें.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola