सूर्य ग्रहण के दिन किन चीजों का दान है शुभ, जानें महत्व

सूर्य ग्रहण 2026
Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण के दिन कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत करने और ग्रह दोष से राहत पाने के लिए दान को विशेष महत्व दिया जाता है. इस आर्टिकल में उन 5 चीजों के बारे में बताया गया है, जिनका दान इस दिन शुभ माना जाता है.
Surya Grahan 2026: साल 2026 में 17 फरवरी को सूर्य ग्रहण लग रहा है. सनातन धर्म में सूर्य ग्रहण को अशुभ अवधि माना जाता है. इस समय पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान करना वर्जित माना जाता है. इस दौरान मानसिक साधना और दान-पुण्य पर विशेष जोर दिया जाता है. कहा जाता है कि ग्रहण के दिन दान करने से ग्रह दोष से मुक्ति मिलती है और पुण्य की प्राप्ति होती है. इस दिन ग्रहण समाप्त होने के बाद दान करना चाहिए.
सूर्य ग्रहण के दिन क्या दान करें?
1. अनाज का दान
ग्रहण के बाद सात प्रकार के अनाज जैसे गेहूं, चावल, विभिन्न दालें, तिल और बाजरा समेत अन्य अनाजों का दान करना उत्तम माना जाता है. इससे घर में सुख-समृद्धि आती है और दरिद्रता दूर होती है.
2. गुड़ का दान
मान्यता है कि सूर्य देव को गुड़ अत्यंत प्रिय है. यदि आपकी कुंडली में सूर्य कमजोर है, तो ग्रहण के बाद किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को गुड़ का दान करें. इससे आत्मविश्वास बढ़ता है और करियर में उन्नति मिलती है.
3. तांबे के बर्तन का दान
तांबे को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और शुद्ध धातु माना गया है. सूर्य देव की पूजा में तांबे के बर्तनों का उपयोग किया जाता है. ऐसे में ग्रहण के बाद तांबे के बर्तनों का दान करने से सूर्य देव की कृपा प्राप्त होती है और कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है.
4. लाल वस्त्र का दान
माना जाता है कि सूर्य देव को लाल रंग प्रिय है. ग्रहण की समाप्ति पर स्नान के बाद जरूरतमंदों को लाल रंग के वस्त्र दान करने चाहिए. इससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं दूर होती हैं और मंगल दोष में भी शांति मिलती है.
5. काले तिल का दान
चूंकि 2026 का यह ग्रहण कुंभ राशि (शनि की राशि) में लग रहा है, इसलिए काले तिल का दान करना विशेष रूप से फलदायी माना जाता है. यह शनि दोष के दुष्प्रभाव को कम करने में सहायक होता है.
दान का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्य ग्रहण के समय राहु-केतु सूर्य देव को निगल लेते हैं, जिससे वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. ऐसी मान्यता है कि ग्रहण के दिन दान करने से नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम होता है. साथ ही ग्रह दोष और पितृ दोष से राहत मिलती है तथा सूर्य देव की कृपा प्राप्त होती है.
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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. प्रभात खबर किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.
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By Neha Kumari
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