सूर्य ग्रहण को लेकर न हों परेशान, भारत में नहीं दिखेगा और न लगेगा सूतक

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सूर्य ग्रहण 2026

Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण को लेकर कई तरह की मान्यताएं और चर्चाएं होती हैं. इस बार ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. ऐसे में सूतक काल को लेकर क्या नियम होंगे और ज्योतिर्विद ने लोगों को क्या सलाह दी है, जानें इस खबर में.

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Surya Grahan 2026: साल का दूसरा सूर्य ग्रहण आज यानी 12 अगस्त को लग रहा है. भारतीय समय के अनुसार ग्रहण की शुरुआत रात 9:04 बजे होगी और इसका असर 13 अगस्त की सुबह तक रहेगा. हालांकि, यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. ऐसे में देश में इस ग्रहण को लेकर कोई धार्मिक प्रभाव नहीं माना जाएगा और सूतक काल भी मान्य नहीं होगा.

खगोलीय गणना के अनुसार सूर्य ग्रहण की पूर्ण अवस्था भारत में शाम के समय के आसपास होगी, लेकिन उस दौरान भारत से इसे देखा नहीं जा सकेगा. ग्रहण का मुख्य प्रभाव ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी रूस, स्पेन और आसपास के क्षेत्रों में दिखाई देगा. इसके अलावा कई अन्य देशों में आंशिक सूर्य ग्रहण देखने को मिल सकता है.

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करीब 2 मिनट 18 सेकेंड रहेगी पूर्णता की अधिकतम अवधि

सूर्य ग्रहण उस खगोलीय स्थिति को कहा जाता है, जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है. इस दौरान चंद्रमा सूर्य की रोशनी को पृथ्वी तक पहुंचने से कुछ समय के लिए रोक देता है. जब सूर्य पूरी तरह ढक जाता है, तो इसे पूर्ण सूर्य ग्रहण कहा जाता है, जबकि सूर्य का कुछ हिस्सा ढकने पर इसे आंशिक सूर्य ग्रहण कहा जाता है.

इस बार सूर्य ग्रहण की पूर्णता की अधिकतम अवधि करीब 2 मिनट 18 सेकेंड रहने का अनुमान है. हालांकि, भारत में इसकी दृश्यता नहीं होने के कारण यहां से लोग इस खगोलीय घटना को प्रत्यक्ष रूप से नहीं देख पाएंगे.

भारत में नहीं दिखेगा सूर्य ग्रहण

भारत में सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देने के कारण ग्रहण से जुड़े धार्मिक नियमों को लेकर भी स्थिति अलग रहेगी. आमतौर पर सूर्य ग्रहण दिखाई देने पर कई लोग सूतक काल का पालन करते हैं और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा-पाठ समेत कुछ कार्यों से परहेज करते हैं. लेकिन 12 अगस्त का यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. इसलिए देश में सामान्य तौर पर इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा. स्थानीय धार्मिक परंपराओं के अनुसार कुछ मत अलग हो सकते हैं.

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ज्योतिर्विद ने अफवाहों से बचने की अपील की

ज्योतिर्विद शिव नारायण सिंह ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं में सूर्य ग्रहण को विशेष खगोलीय और आध्यात्मिक घटना माना गया है. ग्रहण के दौरान लोग अपनी परंपरा के अनुसार भगवान का स्मरण, मंत्र जाप और ध्यान करते हैं.

उन्होंने कहा कि इस सूर्य ग्रहण की भारत में दृश्यता नहीं होने के कारण यहां ग्रहण संबंधी धार्मिक नियम और सूतक लागू नहीं होंगे. उन्होंने लोगों से ग्रहण को लेकर फैलने वाली अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और इस घटना को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी समझने की अपील की.

सूर्य ग्रहण एक सामान्य खगोलीय घटना है, जो सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी की विशेष स्थिति के कारण होती है. 12 अगस्त को होने वाला यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, जबकि दुनिया के कुछ हिस्सों में लोग इसे प्रत्यक्ष रूप से देख सकेंगे.

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नेहा कुमारी

लेखक के बारे में

By नेहा कुमारी

नेहा कुमारी वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में धर्म बीट पर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. वह व्रत-त्योहार, राशिफल, पंचांग, ज्योतिष, शुभ मुहूर्त, पौराणिक कथाओं और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर लेख लिखती हैं. उन्होंने वेस्ट बंगाल स्टेट यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है.

डिजिटल पत्रकारिता में उन्होंने धर्म, ज्योतिष और भारतीय परंपराओं से जुड़े विषयों पर विशेष अनुभव हासिल किया है. उनका उद्देश्य पाठकों तक सरल भाषा में सटीक, विश्वसनीय और उपयोगी जानकारी पहुंचाना है, ताकि वे धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों को आसानी से समझ सकें.

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