Shivji ki Aarti :शिवजी की आरती जय शिव ओंकारा पढ़कर नकारात्मक शक्तियों को करें दूर
Author : RaviKumar Verma Published by : Prabhat Khabar Updated At : 16 Mar 2020 1:31 PM
शिवजी की आरती ॐ जय शिव ओंकारा पढ़ने से बरसती है भाेलेनाथ की कृपा
आज सोमवार के दिन को देवाधिदेव महादेव का दिन माना गया है. इस दिन शिव भगवान (shiv bhagwan ) की पूजा विशेष रूप से करनी चाहिए. इससे भगवान शिव अपने भक्तों पर प्रसन्न रहते हैं और उनपर भोलेनाथ की विशेष कृपा रहती है.आज के दिन भगवान शिव की पूजा के दौरान इस आरती (shiv aarti ) को जरुर पढ़ना चाहिए.
shiv aarti lyrics in hindi :
शिवजी की आरती
ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥
ॐ जय शिव ओंकारा…
एकानन चतुरानन पञ्चानन राजे।
हंसासन गरूड़ासन वृषवाहन साजे॥
ॐ जय शिव ओंकारा…
दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे।
त्रिगुण रूप निरखते त्रिभुवन जन मोहे॥
ॐ जय शिव ओंकारा..
अक्षमाला वनमाला मुण्डमाला धारी।
त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी॥
ॐ जय शिव ओंकारा..
श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे।
सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे॥
ॐ जय शिव ओंकारा..
कर के मध्य कमण्डलु चक्र त्रिशूलधारी।
सुखकारी दुखहारी जगपालन कारी॥
ॐ जय शिव ओंकारा..
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका।
मधु-कैटभ दोउ मारे, सुर भयहीन करे॥
ॐ जय शिव ओंकारा..
लक्ष्मी व सावित्री पार्वती संगा।
पार्वती अर्द्धांगी, शिवलहरी गंगा॥
ॐ जय शिव ओंकारा..
पर्वत सोहैं पार्वती, शंकर कैलासा।
भांग धतूर का भोजन, भस्मी में वासा॥
ॐ जय शिव ओंकारा..
जटा में गंग बहत है, गल मुण्डन माला।
शेष नाग लिपटावत, ओढ़त मृगछाला॥
ॐ जय शिव ओंकारा..
काशी में विराजे विश्वनाथ, नन्दी ब्रह्मचारी।
नित उठ दर्शन पावत, महिमा अति भारी॥
ॐ जय शिव ओंकारा..
त्रिगुणस्वामी जी की आरति जो कोइ नर गावे।
कहत शिवानन्द स्वामी, मनवान्छित फल पावे॥
ॐ जय शिव ओंकारा..
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