षटतिला एकादशी का व्रत करने से इन पापों से मिलेगी मुक्ति, इस दिन करें ये आसान काम

Published by : Shaurya Punj Updated At : 23 Jan 2025 3:06 PM

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Shattila Ekadashi 2025

Shattila Ekadashi 2025: षट्तिला एकादशी माघ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी मानी जाती है. आइए जानें षट्तिला एकादशी का व्रत रखने से किन पापों से मुक्ति होती है.

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Shattila Ekadashi 2025: माघ कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी का विशेष महत्व है, जिसे षटतिला एकादशी के नाम से जाना जाता है. कहा जाता है कि इस एकादशी का व्रत करने से पुण्य की प्राप्ति होती है. इस दिन तिल का दान करना भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है.

षटतिला एकादशी का पर्व कब मनाया जाएगा

पंचांग के अनुसार, माघ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी 24 जनवरी को शाम 7 बजकर 25 मिनट पर प्रारंभ होगी. इस एकादशी तिथि का समापन 25 जनवरी को रात 8 बजकर 31 मिनट पर होगा. इसलिए, षटतिला एकादशी का व्रत 25 जनवरी को रखा जाएगा.

षट्तिला एकादशी का व्रत रखने से मिलता है तीन प्रकार के पापों से छुटकारा

धार्मिक परंपरा के अनुसार, यदि कोई एकादशी का व्रत नहीं कर सकता, तो केवल कथा सुनने से भी वाजपेय यज्ञ के समान पुण्य प्राप्त होता है. यह व्रत वाचिक, मानसिक और शारीरिक तीनों प्रकार के पापों से मुक्ति प्रदान करता है. इस व्रत का फल कन्यादान, हजारों वर्षों की तपस्या और यज्ञों के समकक्ष माना जाता है.

इस दिन किए गए व्रत और भक्ति से मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक विकास का अनुभव होता है. शनिवार को आने वाली एकादशी का विशेष महत्व है. इस दिन शनिदेव की पूजा भी की जाती है, जो जीवन में संतुलन और स्थिरता लाने में मददगार होती है. श्रद्धालुओं के लिए यह दिन भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने और आध्यात्मिक शक्ति को बढ़ाने का अनमोल अवसर है.

षटतिला एकादशी पर तिल का महत्व

इस दिन तिल का उपयोग 6 विभिन्न तरीकों से करना अत्यंत शुभ माना जाता है…

  • तिल के जल से स्नान करें.
  • पिसे हुए तिल का उबटन करें.
  • तिलों का हवन करें.
  • तिल मिश्रित जल का सेवन करें.
  • तिलों का दान करें.
  • तिल से बनी मिठाई और व्यंजन तैयार करें.
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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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