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षटतिला एकादशी पर करें ये उपाय, बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा

Updated at : 20 Jan 2025 8:56 AM (IST)
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Shattila Ekadashi 2025 Upay

Shattila Ekadashi 2025 Upay

Shattila Ekadashi 2025 Upay: धार्मिक परंपरा के अनुसार, जो भक्त षटतिला एकादशी का व्रत करते हैं और विधिपूर्वक भगवान विष्णु की आराधना करते हैं, उनकी सभी इच्छाएं पूरी होती हैं. यह दिन घर में सुख, शांति और समृद्धि लाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. इस दिन कुछ विशेष उपायों को अपनाने से शुभ फल की प्राप्ति होती है.

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Shattila Ekadashi 2025 Upay: हिंदू धर्म में एकादशी का विशेष महत्व है. यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित होता है और वर्ष में आने वाली 24 एकादशियों में से प्रत्येक को अद्वितीय माना जाता है. इनमें से माघ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को षटतिला एकादशी के नाम से जाना जाता है. यह दिन व्रत, पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. साथ ही, षटतिला एकादशी के अवसर पर भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए विभिन्न उपाय किए जाते हैं. इन उपायों के माध्यम से श्री हरि की कृपा प्राप्त करने की संभावना बढ़ जाती है.

षटतिला एकादशी 2025 शुभ मुहूर्त

माघ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 24 जनवरी 2025 को सायं 7:25 बजे प्रारंभ होकर 25 जनवरी 2025 को रात्रि 8:31 बजे समाप्त होगी. उदया तिथि के अनुसार, यह व्रत 25 जनवरी, शनिवार को आयोजित किया जाएगा.

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षटतिला एकादशी पर जरूर करें ये उपाय

  • षटतिला एकादशी के दिन तुलसी के पौधे की पूजा करना और उसे श्रृंगार सामग्री अर्पित करना अत्यंत फलदायी माना जाता है. इस दिन प्रातः स्नान आदि से निवृत्त होकर तुलसी के पौधे की विधिपूर्वक पूजा करें. तुलसी को गंगाजल से स्नान कराकर उस पर हल्दी, रोली और चंदन लगाना चाहिए. तुलसी के पौधे के समीप दीपक जलाना भी शुभ माना जाता है.
  • यदि आप लंबे समय से कर्ज के बोझ से परेशान हैं, तो षटतिला एकादशी के दिन स्नान आदि के बाद पीपल के वृक्ष के चारों ओर 11 बार कच्चा सूत लपेटते हुए परिक्रमा करें. परिक्रमा समाप्त होने के बाद पीपल की जड़ में जल अर्पित करें और हाथ जोड़कर कर्ज से शीघ्र मुक्ति के लिए प्रार्थना करें. इस दिन ऐसा करने से आपके ऊपर से कर्ज का बोझ जल्दी ही उतर जाएगा.
  • षटतिला एकादशी के अवसर पर जल में काले या सफेद तिल डालकर स्नान करना आवश्यक है. इस दिन गंगाजल में तिल मिलाकर सूर्य को अर्घ्य अर्पित करना भी महत्वपूर्ण है. पूजा के समय भगवान विष्णु को तिल और शक्कर का भोग अर्पित करने से व्रत का फल दोगुना हो सकता है.
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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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