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Shardiya Navratri 2025 Day 5: शारदीय नवरात्रि के पांचवें दिन होगी स्कंदमाता की पूजा, जानें कैसे करें पूजन, प्रिय भोग, शुभ रंग

Updated at : 26 Sep 2025 7:18 AM (IST)
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Shardiya Navratri 2025 Day 5

नवरात्रि के पांचवें दिन करें देवी स्कंदमाता की पूजा

Shardiya Navratri 2025 Day 5: शारदीय नवरात्रि के पांचवें दिन मां दुर्गा के पंचम स्वरूप स्कंदमाता की पूजा-अर्चना की जाती है. भक्त इस दिन देवी को केले का भोग लगाते हैं और पीले वस्त्र अर्पित करते हैं. मान्यता है कि मां स्कंदमाता की उपासना से कष्ट दूर होते हैं और कार्यों में सफलता मिलती है.

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Shardiya Navratri 2025 Day 5: नवरात्रि के पांचवें दिन आदिशक्ति मां दुर्गा के पंचम स्वरूप मां स्कंदमाता की आराधना की जाती है. शास्त्रों में वर्णित है कि मां स्कंदमाता अपने भक्तों पर पुत्रवत स्नेह बरसाती हैं. उनकी उपासना से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है, जीवन में सफलता और मनोकामना की पूर्ति होती है. विधि-विधान से पूजा करने पर साधक को मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग भी सुलभ हो जाता है. चूंकि वे भगवान कार्तिकेय (स्कंद) की माता हैं, इसलिए इन्हें स्कंदमाता कहा जाता है.

मां स्कंदमाता का स्वरूप

मां स्कंदमाता गोद में बाल स्कंद को धारण किए रहती हैं. वे सिंह पर विराजमान होती हैं और उनकी चार भुजाएं हैं.

माता कूष्मांडा की पूजा का महत्व

  • सामान्यत: माता कूष्मांडा की पूजा नवरात्रि के चौथे दिन की जाती है, किंतु इस बार तृतीया तिथि दो दिन होने के कारण पांचवें दिन भी मां कूष्मांडा की पूजा-अर्चना की जा रही है.
  • माना जाता है कि मां कूष्मांडा की उपासना से जीवन में ऊर्जा, सृजन शक्ति और आयु का विस्तार होता है.
  • उनकी कृपा से रोग और कष्ट दूर हो जाते हैं तथा हर कार्य सिद्ध होता है.
  • देवी पुराण और दुर्गा सप्तशती में उल्लेख है कि जब सम्पूर्ण ब्रह्मांड अंधकारमय था, तब मां कूष्मांडा की मंद मुस्कान से सृष्टि की उत्पत्ति हुई. इसलिए वे सृष्टि की जननी और आदि स्वरूपिणी कहलाती हैं.

    पूजा के शुभ मुहूर्त (27 सितंबर 2025)

    • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:36 से 5:24 तक
    • प्रात:कालीन संध्या: सुबह 5:00 से 6:12 तक
    • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:48 से 12:36 तक
    • संध्या पूजा मुहूर्त: शाम 6:30 से 7:42 तक
    • इन मुहूर्तों में पूजा करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है.

    मां स्कंदमाता का भोग

    नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता को उनका प्रिय केला भोग स्वरूप चढ़ाना चाहिए. इससे मां शीघ्र प्रसन्न होकर कृपा करती हैं.

    शुभ रंग (Navratri Day 5 Lucky Color)

    इस दिन मां स्कंदमाता की पूजा में पीला रंग अत्यंत शुभ माना गया है. भक्तों को देवी को पीले वस्त्र, चुनरी और आसन अर्पित करना चाहिए.

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    Shaurya Punj

    लेखक के बारे में

    By Shaurya Punj

    मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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