शनि देव को मित्र बनाएं, साढ़ेसाती में भी मिलेगा करियर में फायदा

Published by : Shaurya Punj Updated At : 12 Jun 2025 1:36 PM

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Shani Sade Sati Dhaiya 2025

Shani Sade Sati Dhaiya 2025:शनि की साढ़ेसाती और ढैया को लेकर लोग अक्सर भयभीत रहते हैं, लेकिन यह समय हमेशा अशुभ नहीं होता. यदि शनि को मित्र बनाया जाए और सही उपाय किए जाएं, तो यही काल करियर और व्यापार में प्रगति का द्वार खोल सकता है. जानिए शनि से लाभ के उपाय.

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Shani Sade Sati Dhaiya 2025: ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को दंडाधिकारी और न्यायाधीश कहा गया है. वे प्रत्येक व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं. नवग्रहों में शनि सबसे धीमी गति से चलने वाला ग्रह है, जिसे एक राशि से दूसरी में जाने में करीब ढाई वर्ष का समय लगता है. शनि का यह धीमा और दीर्घकालिक प्रभाव ही साढ़ेसाती और ढैय्या जैसे योगों को जन्म देता है, जो जीवन में बड़ी चुनौतियां लेकर आते हैं.

शनि को सूर्य का पुत्र माना गया है और वैदिक ज्योतिष में उन्हें पाप ग्रह की पहली श्रेणी में रखा गया है. उन्हें यमराज के समकक्ष माना जाता है. वे मकर और कुंभ राशि के स्वामी होते हैं. हालांकि, जब शनि शुभ स्थान पर होते हैं, तो व्यक्ति को सफलता, सुख-सुविधाएं, न्यायप्रियता और परिश्रम का उचित फल प्रदान करते हैं.

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शनि के प्रभाव से व्यक्ति वकील, न्यायाधीश, राजनेता, किसान, व्यापारी (विशेषकर तेल, चमड़ा, कंबल से जुड़ा व्यापार) तथा विद्युत उपकरणों में निपुण बन सकता है. लेकिन यदि शनि अशुभ हों, तो जीवन में रुकावटें, रोग और संघर्ष बढ़ते हैं.

मीन राशि में शनि का गोचर: मार्च 2025 से प्रभाव

29 मार्च 2025 से शनि मीन राशि में गोचर कर चुके हैं और वे 3 जून 2027 तक इसी राशि में स्थित रहेंगे. मीन राशि के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं, और शनि तथा बृहस्पति सम ग्रह माने जाते हैं, यानी एक-दूसरे के लिए तटस्थ या कभी-कभी विरोधी.

ऐसे में शनि का मीन राशि में होना शुभ संकेत नहीं माना जाता, क्योंकि यह गोचर प्राकृतिक आपदाओं, सामाजिक संघर्षों और बीमारियों में वृद्धि ला सकता है.

शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का वर्तमान प्रभाव (2025)

  • मेष राशि – चढ़ती साढ़ेसाती (प्रभाव: सिर)
  • मीन राशि – दूसरी चरण (प्रभाव: पेट)
  • कुंभ राशि – अंतिम चरण (प्रभाव: पैर)

ढैय्या का प्रभाव

सिंह और धनु राशि पर वर्तमान में शनि की ढैय्या चल रही है.

सिंह और धनु राशि पर वर्तमान में शनि की ढैय्या चल रही है.

शनि की दृष्टि का प्रभाव

शनि जन्मकुंडली में जिस भाव में बैठते हैं, उस भाव के फल को मजबूत करते हैं. लेकिन जिन भावों पर उनकी दृष्टि पड़ती है (विशेषकर तीसरी दृष्टि), वहां बाधाएं या परेशानियां देखने को मिलती हैं. इसीलिए कई लोग शनि की महादशा या अंतरदशा से डरते हैं. लेकिन यदि शनि शुभ स्थान में हो, तो वह दीर्घकालिक सफलता और जीवन में स्थिरता प्रदान करते हैं.

शनि दोष को शांत करने के उपाय

  • हनुमान चालीसा का पाठ करें
  • हर शनिवार को हनुमान चालीसा पढ़ें, और बंदरों को गुड़ व भुना चना खिलाएं.
  • दान-पुण्य करें
  • गरीबों को भोजन कराना, वस्त्र दान देना शनि दोष को शांत करता है.
  • मंत्र जाप
  • प्रतिदिन स्नान के बाद 108 बार जाप करें: “ॐ शं शनैश्चराय नमः”
  • काली चींटी को मीठा भोजन दें
  • आटे में गुड़ या शक्कर मिलाकर काली चींटियों को खिलाएं.
  • छाया दान करें
  • शनिवार को सरसों या तिल के तेल में चेहरा देखकर उसे मंदिर में दान करें.
  • पीपल के वृक्ष की पूजा करें
  • सूर्योदय के बाद पीपल को जल अर्पित करें और सरसों के तेल का दीपक जलाएं. परिक्रमा करें (3 या 7 बार).
  • बटुक भैरव की पूजा करें
  • शनि के अधिदेव बटुक भैरव की पूजा शनि दोष को शांत करती है.
  • नीलम रत्न या लोहे का छल्ला धारण करें
  • शनिवार को नीलम रत्न मध्यमा अंगुली में पहनें (ज्योतिषीय परामर्श से).
  • या काले घोड़े की नाल या नाव की कील से बना लोहे का छल्ला पहनें.

विशेष परामर्श के लिए संपर्क करें
ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष, वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
8080426594 / 9545290847

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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