Shakambhari Navratri 2025: शाकंभरी नवरात्रि कब से शुरू, जानिए शारदीय नवरात्र से कैसे है अलग

Published by : Shaurya Punj Updated At : 11 Dec 2025 8:50 AM

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शाकंभरी नवरात्रि 2025 कब से

Shakambhari Navratri 2025: पौष मास में मनाई जाने वाली शाकंभरी नवरात्रि देवी शाकंभरी के उस दिव्य रूप को समर्पित है, जिसमें वे अन्न, फल और वनस्पतियों की अधिष्ठात्री मानी जाती हैं. यह नवरात्रि शारदीय नवरात्र से कई मायनों में अलग है—विशेष रूप से इसके तांत्रिक महत्व और प्रकृतिमय स्वरूप के कारण.

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Shakambhari Navratri 2025: पौराणिक कथाओं में आदिशक्ति दुर्गा के अनेक स्वरूपों का वर्णन मिलता है, जिनमें से एक हैं मां शाकंभरी—जो अन्न, फल, सब्जियों और वनस्पतियों की अधिष्ठात्री देवी मानी जाती हैं. दुर्गा सप्तशती के मूर्ति रहस्य के अनुसार मां शाकंभरी का वर्ण नील है और उनके नेत्र नीलकमल की भांति मोहक बताए गए हैं. मां कमल के पुष्प पर विराजित होती हैं, उनकी एक मुट्ठी में कमल और दूसरी में बाण होने का वर्णन मिलता है. यह रूप शक्ति, समृद्धि और संरक्षण का प्रतीक माना जाता है. पौष माह में मनाई जाने वाली शाकंभरी नवरात्रि इसी दिव्य स्वरूप को समर्पित है.

शाकंभरी नवरात्रि 2025 की तिथि

इस वर्ष शाकंभरी नवरात्रि 28 दिसंबर 2025 से प्रारंभ होकर 3 जनवरी 2026 को पूर्णिमा तिथि के साथ समाप्त होगी. यह नवरात्रि कुल 8 दिनों तक चलती है और पौष शुक्ल पक्ष की अष्टमी से लेकर पूर्णिमा तक मनाई जाती है. पहला दिन बनादा अष्टमी के नाम से लोकप्रिय है, जबकि अंतिम दिन उल्लास के साथ शाकंभरी पूर्णिमा मनाई जाती है. राजस्थान, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों में यह पर्व अत्यंत भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जाता है.

कौन हैं मां शाकंभरी?

पौराणिक कथा बताती है कि जब पृथ्वी पर भयंकर अकाल पड़ा, जल और अन्न का संकट गहराया और प्राणियों का जीवन कठिन हो गया, तब देवी भगवती ने शाकंभरी रूप धारण किया. कहा जाता है कि मां की दिव्य दृष्टि मात्र से धरती पर फल, सब्जियां, अनाज और हरी वनस्पतियां उग आईं, जिसने प्राणियों के जीवन को पुनः संजीवनी दी. इसीलिए उन्हें वनस्पति एवं अन्न की देवी कहा जाता है. माता की प्रतिमाओं में उन्हें फल, सब्जियों और हरी पत्तियों से आच्छादित रूप में दर्शाया जाता है, जो समृद्धि, पोषण और जीवनदायिनी शक्ति का प्रतीक है.

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शाकंभरी नवरात्रि कैसे अलग है शारदीय नवरात्रि से?

वर्ष में चार प्रमुख नवरात्रियां मानी गई हैं—शारदीय, चैत्र, माघ और आषाढ़. लेकिन शाकंभरी नवरात्रि विशेष रूप से तांत्रिक साधना और सिद्धि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है. यह नवरात्रि पौष शुक्ल पक्ष की अष्टमी से आरंभ होकर पौष पूर्णिमा पर समाप्त होती है. देवी के इस स्वरूप में प्रकृति, वनस्पति और अन्न की शक्ति को विशेष रूप से पूजित किया जाता है, जो इसे अन्य नवरात्रियों से अलग बनाता है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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