Sawan 2020: इस दिन से शुरू हो जाएगा भगवान शिव का महीना सावन, जानिये कोरोना काल में कैसे करें उनकी अराधना
Author : Radheshyam Kushwaha Published by : Prabhat Khabar Updated At : 28 Jun 2020 6:59 AM
Sawan 2020 Dates: 06 जुलाई से इस साल सावन का महीना शुरू हो रहा है. वहीं, सावन मास का समापन 03 अगस्त को होगा. इस महीने को भगवान शिवजी का महीना माना जाता है. इस महीने में भगवान शिवजी की पूजा करने से वो खुश होते हैं. इस बार सावन के महीने में विशेष शुभ संयोंग भी बना रहा है. इस सावन के महीने में पांच सोमवार हैं, ऐसा कई सालों बाद देखने को मिलता है जब सावन महीने की शुरुआत ही सोमवार के दिन से हो. सावन के पहले दिन सोमवार होने के कारण इसको विशेष महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
Sawan 2020 Dates: 06 जुलाई से इस साल सावन का महीना शुरू हो रहा है. वहीं, सावन मास का समापन 03 अगस्त को होगा. इस महीने को भगवान शिवजी का महीना माना जाता है. इस महीने में भगवान शिवजी की पूजा करने से वो खुश होते हैं. इस बार सावन के महीने में विशेष शुभ संयोंग भी बना रहा है. इस सावन के महीने में पांच सोमवार हैं, ऐसा कई सालों बाद देखने को मिलता है जब सावन महीने की शुरुआत ही सोमवार के दिन से हो. सावन के पहले दिन सोमवार होने के कारण इसको विशेष महत्वपूर्ण माना जा रहा है. सोमवार भगवान शिवजी का दिन माना जाता है. कहा जाता है कि इस दिन भगवान शिवजी का व्रत रखने वाले पर भोलनाथ की कृपा बरसती है.
सावन माह की शुरुआत होने पर भक्तों को सूर्य निकलने से पहले ही नहा-धोकर साफ वस्त्र धारण कर लेना चाहिए. घर में पूजन के स्थान पर भगवान शिव की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें. भगवान शिव का जल से अभिषेक करने के साथ ही उन्हें काले तिल अर्पित करें. ऐसी मान्यता है कि ‘ऊं नम: शिवाय’ मंत्र का जाप करने मात्र से ही भगवान शंकर भक्तों की हर मुराद को पूरा कर देते हैं. इसके अलावा, महादेव को बेल पत्र, चावल, जौ, घी और दूध, दही भी चढ़ा सकते हैं.
सावन महीने में इस बार भक्तों को अपने घर पर ही पूजा करना होगा. सावन के महीने में हर साल शिव भक्त कांवड़ यात्रा निकालते थे. इस बार कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण कांवड़ यात्रा का उत्साह ठंडा पड़ चुका है. सावन के दौरान मंदिरों में सरकारी गाइडलाइन्स के अनुसार और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए ही बाबा भोले भंडारी का जलाभिषेक किया जाएगा. इस बार न तो मंदिरों में भक्तों की ज्यादा भीड़ होगी और न ही शोभायात्राएं निकल सकेंगी. हालांकि, देवों के देव महादेव की पूजा-अर्चना आप घर में भी कर सकते हैं. बता दें कि कई सालों के बाद इस बार सावन में 36 शुभ संयोग बन रहे हैं. इस बार सावन में 11 सर्वार्थ सिद्धि, 10 सिद्धि योग, 12 अमृत योग और 3 अमृत सिद्धि योग भी बन रहे हैं.
शास्त्रों के अनुसार सावन माह में भक्तों को बैंगन खाने से परहेज करना चाहिए, क्योंकि कई लोग इस सब्जी को अशुद्ध मानते हैं. इसके अलावा, इस दौरान व्रत रखने वाले लोगों को दूध का सेवन भाी नहीं करना चाहिए. इसके पीछे धार्मिक मान्यता ये है कि दूध से भोले बाबा का अभिषेक किया जाता है, इसलिए इसका सेवन वर्जित है. इस महीने में भक्तों को मास-मदिरा तथा प्याज-लहसुन के सेवन से भी परहेज करना चाहिए.
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By Radheshyam Kushwaha
राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.
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