सतुआन पर्व : परंपरा, स्वास्थ्य और आस्था का अनोखा संगम
Published by : Shaurya Punj Updated At : 14 Apr 2026 8:21 AM
आज मनाया जा रहा है सतुआन पर्व
Satuaan 2026: सतुआन पर्व बिहार-झारखंड की खास परंपरा है, जिसमें सत्तू, कच्चा आम और दान-पुण्य का महत्व है. यह पर्व आस्था के साथ-साथ स्वास्थ्य से भी गहराई से जुड़ा हुआ है.
Satuaan 2026: जैसे ही सूरज की तपिश बढ़ने लगती है और खेतों से नई फसल घर पहुंचती है, वैसे ही झारखंड और बिहार के घरों में एक खास सुगंध फैल जाती है—सत्तू, मुड़ और कच्चे आम की. इसी लोकपरंपरा को सतुआन (सत्तूआनी) पर्व कहा जाता है, जिसे आज पूरे क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, मंगलवार सुबह 11:45 बजे सूर्य देव मेष राशि में प्रवेश करेंगे, हालांकि इस पर्व का पुण्यकाल सूर्योदय से ही प्रभावी माना गया है.
पूजा-विधि और धार्मिक मान्यताएं
इस पावन अवसर पर लोग प्रातःकाल स्नान कर भगवान विष्णु सहित अन्य देवी-देवताओं की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करते हैं. पूजा में सत्तू, मीठे फल, मुड़, कच्चा आम (टिकोला), खीरा, ककड़ी और पंखा अर्पित किया जाता है. इसके बाद इन वस्तुओं का दान किया जाता है और परिवार के साथ प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है. पंडितों के अनुसार, इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक पूजा एवं दान करने से पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है.
परंपरा में छिपा स्वास्थ्य का विज्ञान
सतुआन पर्व केवल धार्मिक दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य और जीवनशैली से भी गहराई से जुड़ा हुआ है. यह पर्व नई फसल के स्वागत के साथ-साथ गर्मी के मौसम की शुरुआत का संकेत देता है.
इस समय खेतों से नया चना घर आता है, जिससे सत्तू तैयार किया जाता है. सत्तू की तासीर ठंडी होती है, जो शरीर को गर्मी से राहत देती है और लंबे समय तक सुरक्षित भी रहती है. कच्चे आम और गुड़ के साथ सत्तू का सेवन शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ संतुलन भी बनाए रखता है. यही कारण है कि इस मौसम में इसका सेवन परंपरा का अहम हिस्सा बन गया है.
कुलदेवता पूजा और लोक परंपराएं
सतुआन के दिन घर-घर में कई विशेष परंपराएं निभाई जाती हैं. सुबह महिलाएं बच्चों के सिर पर ठंडा पानी डालकर उन्हें आशीर्वाद देती हैं. मान्यता है कि इससे पूरे वर्ष शरीर में शीतलता बनी रहती है और बीमारियों से रक्षा होती है.
शाम के समय लोग पेड़-पौधों में पानी डालते हैं ताकि वे भीषण गर्मी में सूख न जाएं. एक घड़े में पानी भरकर उसमें छोटा छेद कर सूत लगाया जाता है, जिससे पानी धीरे-धीरे टपकता रहता है. इसे जीव-जंतुओं की प्यास बुझाने और घर में सुख-शांति बनाए रखने का प्रतीक माना जाता है.
साथ ही कुलदेवता की पूजा का भी विशेष महत्व होता है, जिसमें आटा, सत्तू, आम, ठंडे पेय और पंखा अर्पित किया जाता है.
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आयुर्वेदिक दृष्टिकोण और सावधानियां
आयुर्वेद के अनुसार सत्तू शरीर को ठंडक प्रदान करता है और इसमें उच्च मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जो पाचन तंत्र के लिए लाभकारी है. यह गर्मी के मौसम में ऊर्जा बनाए रखने में भी सहायक होता है.
हालांकि, गठिया, यूरिक एसिड या सायटिका जैसी समस्याओं से ग्रसित लोगों को सत्तू का सेवन सावधानी से करना चाहिए. वहीं, कफ और खांसी की समस्या वाले लोगों को भी सीमित मात्रा में ही इसका सेवन करना उचित माना जाता है. इस प्रकार सतुआन पर्व आस्था, परंपरा और स्वास्थ्य का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है.
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By Shaurya Punj
शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.
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