Sarva Pitru Amavasya 2025: 20 या 21 सितंबर, सर्वपितृ अमावस्या कब, जानें मुहूर्त

Updated at : 19 Sep 2025 11:10 AM (IST)
विज्ञापन
Sarva Pitru Amavasya 2025 Actual Date

कब है सर्वपितृ अमावस्या

Sarva Pitru Amavasya 2025: सर्वपितृ अमावस्या 2025 पितृपक्ष का अंतिम दिन है, जब पितरों के श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान का विशेष महत्व होता है. इस बार लोग 20 या 21 सितंबर को लेकर असमंजस में हैं. आइए जानें सर्वपितृ अमावस्या 2025 की सही तिथि और शुभ मुहूर्त.

विज्ञापन

Sarva Pitru Amavasya 2025 Actual Date: सनातन परंपरा में आश्विन मास की अमावस्या का विशेष धार्मिक महत्व है. इस दिन पितृपक्ष का समापन होता है और श्राद्ध, तर्पण तथा पिंडदान जैसे कर्मकांडों का अंतिम दिन माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन पितरों को श्रद्धा और विधिवत पूजा के साथ विदाई दी जाती है. जिन लोगों को अपने पितरों के निधन की तिथि ज्ञात नहीं होती, वे इसी दिन सर्वपितृ अमावस्या पर श्राद्ध कर सकते हैं. यही कारण है कि यह दिन पूरे वर्ष में सबसे महत्वपूर्ण पितृ तिथि मानी जाती है.

सर्वपितृ अमावस्या 2025 की तिथि

आश्विन मास की अमावस्या तिथि 21 सितंबर 2025 को रात 12 बजकर 16 मिनट पर प्रारंभ होकर 22 सितंबर 2025 को देर रात 1 बजकर 23 मिनट तक रहेगी. पंचांग के अनुसार सर्वपितृ अमावस्या रविवार, 21 सितंबर को मनाई जाएगी. इस दिन पितरों के तर्पण और श्राद्ध का विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है.

शुभ मुहूर्त (श्राद्ध और तर्पण के लिए)

  • कुतुप मुहूर्त – सुबह 11:50 से दोपहर 12:38 तक
  • रौहिण मुहूर्त – दोपहर 12:38 से 1:27 तक
  • अपराह्न काल – दोपहर 1:27 से 3:53 तक

क्यों करें इस दिन श्राद्ध

इस दिन विधिपूर्वक श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और आशीर्वाद देते हैं. मान्यता है कि इससे परिवार में सुख, शांति और समृद्धि आती है. जो लोग वर्षभर पितरों की तिथि भूल जाते हैं, उनके लिए सर्वपितृ अमावस्या ही पितृ तृप्ति का सबसे बड़ा अवसर है.

सर्व पितृ अमावस्‍या पर कर सकते हैं सभी पितरों का श्राद्ध

सर्वपितृ अमावस्या को महालय समापन या महालय विसर्जन भी कहा जाता है. इस दिन पितरों का श्राद्ध करना अत्यंत शुभ और आवश्यक माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन विधिपूर्वक श्राद्ध करने से पूर्वज प्रसन्न होकर सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं. कहा जाता है कि सर्वपितृ अमावस्या पर श्राद्ध करने से सभी पितरों की आत्माएं तृप्त होकर संतुष्ट हो जाती हैं और परिवार पर उनका आशीर्वाद बना रहता है.

विज्ञापन
Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola