Sakat Chauth 2025: इस दिन है सकट चौथ, इसलिए रखा जाता है यह व्रत

Updated at : 15 Jan 2025 2:20 PM (IST)
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Sakat Chauth 2025

Sakat Chauth 2025

Sakat Chauth 2025: सकट चौथ को संकष्टी चतुर्थी, वक्रकुंडी चतुर्थी और तिलकुटा चौथ के नाम से भी जाना जाता है. संकष्टी चतुर्थी का व्रत हर महीने आयोजित होता है, लेकिन माघ महीने में आने वाली संकष्टी चतुर्थी का विशेष महत्व है. मान्यता है कि जो माताएं सकट चौथ के दिन निर्जला व्रत करती हैं और पूरी श्रद्धा से गणेश भगवान की पूजा करती हैं, उनकी संतान हमेशा स्वस्थ रहती है.

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Sakat Chauth 2025: सकट चौथ को मगही चौथ और तिल चौथ के नाम से भी जाना जाता है.भारतीय संस्कृति और परंपराओं में यह दिन विशेष स्थान रखता है. यह त्योहार हर साल मकर संक्रांति के बाद माघ मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है. मान्यता है कि इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से जीवन की सभी बाधाएं समाप्त होती हैं और सुख-समृद्धि आती है. खासतौर पर यह व्रत माएं अपने संतान की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और उज्जवल भविष्य की कामना के लिए रखती हैं.जानिए सकट चौथ व्रत कब है? शुभ मुहूर्त समेत पूरी डिटेल.

सकट चौथ की तिथि और शुभ मुहूर्त

सकट चौथ इस वर्ष 17 जनवरी 2025 को सुबह 04:06 बजे प्रारंभ होकर 18 जनवरी 2025 को सुबह 05:30 बजे समाप्त होगी. इस दिन का सबसे शुभ समय “ब्रह्म मुहूर्त” है, जो सुबह 05:27 बजे से 06:21 बजे तक रहेगा.

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सकट चौथ व्रत क्यों रखा जाता है?

यह व्रत मुख्य रूप से संतान के सुख और समृद्धि के लिए रखा जाता है.खासतौर पर माताएं यह व्रत अपने बच्चों की भलाई के लिए करती हैं, ताकि उनके बच्चों को लंबी उम्र, स्वास्थ्य और समृद्धि प्राप्त हो. कई माताएं तो इस दिन निर्जला व्रत भी करती हैं, यानी वे पानी तक नहीं पीतीं. व्रत का समापन चांद को देखकर और पूजा-अर्चना करके किया जाता है.इस दिन व्रत कथा पढ़ना भी जरूरी होता है, ताकि भगवान गणेश प्रसन्न हों और माता-पिता के संतान के लिए आशीर्वाद दें.

भगवान गणेश को कौन सी चीजें अर्पित की जाती हैं?

इस दिन भगवान गणेश को मोदक लड्डू, तिल, गुड़, फल आदि अर्पित किए जाते हैं. इसके अलावा, यह भी माना जाता है कि इस दिन चंद्र देव को जल अर्पित करने से संतान की सेहत में सुधार हो सकता है.

दान-पुण्य और समाज सेवा

सकट चौथ पर दान और पुण्य कार्य करना भी बहुत फायदेमंद माना जाता है. लोग इस दिन गरीबों को भोजन या अन्य आवश्यक चीजें दान करते हैं, जिससे भगवान गणेश खुश होते हैं और आशीर्वाद देते हैं

जन्मकुंडली, वास्तु, तथा व्रत त्यौहार से सम्बंधित किसी भी तरह से जानकारी प्राप्त करने हेतु दिए गए नंबर पर फोन करके जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
8080426594/9545290847

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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