Pitra Dosh: पितरों के नाराज होने पर नहीं बनते कोई भी काम, जानें संकेत, कैसे मिलेगी पितृ दोष से मुक्ति

Published by : Ashish Lata Updated At : 09 Sep 2022 1:55 PM

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Pitra Dosh: इस साल पितृ पक्ष 10 सितंबर से शुरू होने जा रहा है. हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का विशेष महत्व है. ऐसे में अगर आपके कोई भी काम नहीं हो रहे हैं या फिर रुके हुए हो तो, समझ ले कि कहीं आपको पितृ दोष तो नहीं लगा है.

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Pitru Paksha 2022: हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का विशेष महत्व है. पितृ पक्ष में पूर्वजों को याद कर उन्हें खुश किया जाता है. इस साल 10 सितंबर 2022 दिन शनिवार से पितृ पक्ष शुरू होगा, जो अगले 15 दिनों तक चलेगा. पितृ पक्ष यानि श्राद्ध का समापन 25 सितंबर 2022 को होगा. माना जाता है कि जब किसी व्यक्ति की मौत होती है, तो वह पितृदेव बन जाता है और अपने वंशजों की रक्षा करते हैं, ऐसे में अगर आप उनकी छाया या फिर पितृ पक्ष में उनको याद नहीं करते हैं, तो वह नाराज हो जाते है, जिसके बाद आपके कोई काम नहीं बनते हैं. ऐसे में आज हम आपको कुछ संकेतों के बारे में बताएंगे, जिसे आपको पत चल जाएगा कि क्या आपके पितृ भी आपसे नाराज तो नहीं है.

पितृ पक्ष क्या है?

पितृ पक्ष को नाराज होने के लक्षण लोगों को हर रोज देखने को मिल जाते हैं. जिसमें घर में कलेश बढ़ना या फिर आपके घर में कोई भी मंगल कार्य का ना होना, हर किसी से अनबन, लड़ाई-झगड़ा बढ़ना, मन मुटाव होना, यह सब पितृ दोष का एक कारण हो सकता है. पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए पितृपक्ष में श्राद्ध और तर्पण करना जरूरी माना जाता है. इस अवधि के दौरान, श्राद्ध अनुष्ठान करने में मदद करने वाले ब्राह्मण पुजारियों को भोजन, कपड़े और दान देना फलदायी माना जाता है.

पितृ पक्ष कैसे लगता है?

अगर किसी व्यक्ति के जीवन में उसके संतान से जुड़ी बाधाए आती है, और उनकी संतान एक बात नहीं सुनता, या फिर उसके साथ बुरा होता है. या फिर मंगल कार्य रुक जाते हैं, शादी में बार-बार रुकावटें आ रही हैं. शादी की बात बनते-बनते बिगड़ जाती है. वैवाहिक जीवन में कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, तो समझ लीजिए ये भी पितृ दोष के लक्षण है.

पितृ पक्ष को खुश करने के उपाय

पितृ पक्ष में पिंडदान जरूर करें, तबही आपके पितृ आपसे खुश होंगे और आपके रुके हुए सभी कार्य आसानी से हो जाएंगे. पितरों को प्रसन्न करने के लिए किसी जरूरमंद को भोजन, कपड़े, जूते-चप्पल, पैसे आदि चीजों का दान करें. इससे पितर काफी ज्यादा प्रसन्न रहते हैं. पितरों को तृप्त करने के लिए देवताओं ऋषियों या पितरों को चावल और तील का मिश्रित के साथ जल अर्पित करने की क्रिया को तर्पण कहते है.

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पितृ पक्ष में भूल कर भी न करें ये भूल

पितृपक्ष (Pitra Paksh) के दौरान लहसुन और प्याज के सेवन से बचना अतिआवश्यक है. हिंदू धर्म में लहसुन-प्याज को तामसिक भोजन के रूप में माना जाता है. इसलिए पितृपक्ष के दौरान भोजन में लहसुन प्याज का इस्तेमाल किसी भी रूप में नहीं करना चाहिए. इसके अलावा, इस दौरान मांसाहार भोजन और मदिरा आदि के सेवन बचना चाहिए.

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Ashish Lata

लेखक के बारे में

By Ashish Lata

आशीष लता डिजिटल मीडिया की अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभात खबर में सीनियर कंटेंट राइटर के साथ एंटरटेनमेंट हेड के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया इंडस्ट्री में करीब 7 साल का अनुभव रखने वाली आशीष ने एंटरटेनमेंट से लेकर देश-दुनिया और विभिन्न राज्यों की खबरों पर गहराई से काम किया है. बिहार, मध्यप्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों से जुड़ी खबरों के कंटेंट प्रोडक्शन में भी उनकी मजबूत पकड़ रही है. वह खबरों को आसान, रोचक और पाठकों की रुचि के अनुसार पेश करने के लिए जानी जाती हैं. एंटरटेनमेंट जर्नलिज्म में आशीष की खास दिलचस्पी सिनेमा और सितारों की दुनिया से जुड़ी खबरों में रही है. वह बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री की थ्रोबैक स्टोरीज, BTS अपडेट्स, सेलेब्रिटी गॉसिप, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट, टीवी शोज, वेब सीरीज और स्टार इंटरव्यू जैसे विषयों पर लगातार लिखती रही हैं. इसके अलावा स्पेशल और प्रीमियम न्यूज कंटेंट तैयार करने में भी उनकी खास विशेषज्ञता मानी जाती है. उनकी राइटिंग स्टाइल में फैक्ट्स, एंटरटेनमेंट वैल्यू और रीडर्स फर्स्ट अप्रोच का अच्छा संतुलन देखने को मिलता है. आशीष लता ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्लस न्यूज से की थी. यहां उन्होंने बिहार में एंकर और रिपोर्टर के रूप में काम करते हुए कई महत्वपूर्ण ग्राउंड रिपोर्ट्स कीं. इस दौरान उन्होंने अशोक चौधरी और नगर निगम अध्यक्ष जैसे कई प्रमुख नेताओं के इंटरव्यू भी किए. शुरुआती दौर में रिपोर्टिंग और फील्ड जर्नलिज्म के अनुभव ने उनकी लेखन शैली और न्यूज प्रेजेंटेशन को और मजबूत बनाया. इसके बाद आशीष ने एबीपी न्यूज और ईटीवी भारत जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में रहते हुए उन्होंने न्यूज कवरेज, डिजिटल कंटेंट और एंटरटेनमेंट रिपोर्टिंग के कई अलग-अलग फॉर्मेट्स पर काम किया. लगातार बदलते डिजिटल मीडिया ट्रेंड्स को समझते हुए उन्होंने अपने कंटेंट को हमेशा ऑडियंस फ्रेंडली और SEO ऑप्टिमाइज्ड बनाए रखा. पटना में जन्मी आशीष लता की शुरुआती पढ़ाई पटना सेंट्रल स्कूल, सीबीएसी से हुई. इसके बाद उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन की डिग्री हासिल की. आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स ऑफ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया किया. उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि और मीडिया अनुभव उन्हें हिंदी पत्रकारिता के उन मूल सिद्धांतों की मजबूत समझ प्रदान करते हैं, जो जर्नलिज्म के बेसिक प्रिंसिपल 5Ws+1H यानी पर आधारित न्यूज राइटिंग के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं.

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