फुलेरा दूज पर ऐसे करें पूजा, जानें शुभ मुहूर्त और महत्व

Updated at : 26 Feb 2025 2:32 PM (IST)
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Phulera Dooj 2025 kab hai

Phulera Dooj 2025 kab hai

Phulera Dooj 2025: हर वर्ष फाल्गुन पूर्णिमा के दिन होली का त्योहार मनाया जाता है. इसके एक दिन पूर्व होलिका दहन का आयोजन किया जाता है. फुलेरा दूज के दिन भगवान कृष्ण और देवी राधा रानी की पूजा करने से भक्त की सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं. इसके साथ ही जीवन में उपस्थित सभी प्रकार के दुख और संकट समाप्त हो जाते हैं.

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Phulera Dooj 2025: सनातन धर्म में फाल्गुन मास का विशेष स्थान है. यह महीना भगवान शिव, जिन्हें देवों के देवता माना जाता है, को समर्पित है. इस मास में महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है. इसके अलावा, फाल्गुन पूर्णिमा के दिन होली का उत्सव भी मनाया जाता है. होली की शुरुआत फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि से होती है, जिस दिन फुलेरा दूज का त्योहार मनाया जाता है. साल 2025 में यह त्योहार किस दिन मनाया जाएगा, इसका महत्व क्या है इसके बारे में आइए जानते हैं विस्तार से.

कब है फुलेरा दूज

फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि 01 मार्च 2025 को प्रातः 03 बजकर 16 मिनट पर प्रारंभ होगी और यह 02 मार्च 2025 को 12 बजकर 09 मिनट पर समाप्त होगी. इस प्रकार, उदयातिथि के अनुसार, 1 मार्च 2025 को फुलेरा दूज का पर्व मनाया जाएगा. फुलेरा दूज के अवसर पर शुभ योग, साध्य योग और त्रिपुष्कर योग का विशेष संयोग बन रहा है.

इस दिन मनाया जाएगा फुलेरा दूज, जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व

फुलेरा दूज के दिन पूजा करने की विधि

इस दिन प्रातः जल्दी उठकर स्नान और ध्यान करना आवश्यक है. इसके पश्चात सूर्य देव को जल अर्पित करना चाहिए. फिर घर के पूजा स्थल या किसी राधा-कृष्ण मंदिर में जाकर जल से राधा-कृष्ण का अभिषेक करना चाहिए. इसके बाद चौकी पर राधा-कृष्ण जी को स्थापित कर उन पर पुष्पों की वर्षा करनी चाहिए और दीप जलाना चाहिए. इसके उपरांत राधा-कृष्ण के मंत्रों का जप और आरती करनी चाहिए. तत्पश्चात नैवेद्य, धूप, फल, और अक्षत आदि का अर्पण करना चाहिए. माखन, मिश्री, और खीर का भोग भी लगाया जा सकता है. अंत में प्रसाद का वितरण करके पूजा को समाप्त करना चाहिए.

Phulera Dooj 2025: शुभ समय

  • अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:10 से 12:57 बजे तक
  • प्रातः सन्ध्या: सुबह 05:32 से 06:46 बजे तक
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:29 से 03:16 बजे तक
  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:19 से 06:43 बजे तक
  • त्रिपुष्कर योग: सुबह 06:46 से 11:22 बजे तक
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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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