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Pausha Putrada Ekadashi 2025: इसलिए रखा जाता है पौष पुत्रदा एकादशी व्रत, जानें तिथि और पूजा समय

Updated at : 06 Jan 2025 10:32 AM (IST)
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Pausha Putrada Ekadashi 2025 date in Hindi

Pausha Putrada Ekadashi 2025

Pausha Putrada Ekadashi 2025: नए वर्ष की पहली एकादशी पौष मास की पुत्रदा एकादशी होगी. यह माना जाता है कि एकादशी व्रत करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है, साथ ही भगवान विष्णु की कृपा भी प्राप्त होती है.

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Pausha Putrada Ekadashi 2025: पौष पुत्रदा एकादशी का पर्व भगवान विष्णु की पूजा से जुड़ा हुआ है, जो जीवन के सभी दुखों को दूर करने और धर्म के फल को प्राप्त करने का मार्ग प्रदान करता है. साल भर में कुल 24 एकादशी व्रत होते हैं और हर एकादशी का महत्व अपनी-अपनी तरह से होता है. 2025 में नया साल शुरू हो चुका है और इस साल की पहली एकादशी, पौष पुत्रदा एकादशी, 10 जनवरी को मनाई जाएगी.इस दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु की पूजा की जाती है, जिससे सुख, शांति, समृद्धि और भगवान विष्णु के आशीर्वाद की प्राप्ति होती है.

पौष पुत्रदा एकादशी 2025 की तिथि

2025 की पहली एकादशी पौष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी, 10 जनवरी को होगी. इस दिन व्रत रखने से व्यक्ति को सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती हैं.

पौष पुत्रदा एकादशी 2025 का समय

यह एकादशी 9 जनवरी 2025 को दोपहर 12:22 बजे से प्रारंभ होगी और 10 जनवरी 2025 को सुबह 10:19 बजे समाप्त होगी.

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पूजा मुहूर्त

पौष पुत्रदा एकादशी पूजा का विशेष मुहूर्त 8:34 AM से 11:10 AM तक रहेगा.

पौष पुत्रदा एकादशी 2025 व्रत परण समय

इस व्रत को 11 जनवरी 2025 को सुबह 7:15 AM से 8:21 AM के बीच तोड़ा जाएगा.इस दिन द्वादशी तिथि 8:21 AM पर समाप्त हो जाएगी.

एकादशी व्रत कैसे रखें?

एकादशी के दिन पारंपरिक रूप से निर्जला व्रत रखा जाता है, यानी बिना पानी के व्रत करना होता है. हालांकि, यदि कोई निर्जला व्रत नहीं रख सकता, तो वह फलाहार भी कर सकता है. दूध के साथ फल खाना भी मान्य है.

पौष पुत्रदा एकादशी व्रत क्यों रखा जाता है?

पौष पुत्रदा एकादशी व्रत का संबंध विशेष रूप से संतान सुख और बच्चों के कल्याण से है. कहा जाता है कि इस दिन व्रत रखने से संतान सुख प्राप्त होता है और बच्चे स्वस्थ रहते हैं. साथ ही, यह व्रत व्यक्ति को पापों से मुक्ति दिलाता है और उच्च लोकों की प्राप्ति का मार्ग खोलता है.

कौन कर सकता है यह व्रत?

यह व्रत सभी लोगों के लिए शुभ होता है, खासकर उन लोगों के लिए जिनके संतान सुख में कोई समस्या हो. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत रखने से उनकी कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है.
जन्मकुंडली, वास्तु, तथा व्रत त्यौहार से सम्बंधित किसी भी तरह से जानकारी प्राप्त करने हेतु दिए गए नंबर पर फोन करके जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
8080426594/9545290847

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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