Navratri Saptami Date 2020: षष्ठी पर दर्शन दी मां, हुई प्राण-प्रतिष्ठा, जानिए आज सप्तमी, अष्टमी और नवमी पर किस देवी की होगी पूजा...
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 23 Oct 2020 10:49 AM
Navratri Saptami Date 2020: शहर के विभिन्न पूजा स्थानों पर षष्ठी पूजा पर गुरुवार को मां कात्यायनी स्वरूप की पूजा अलग-अलग समय में विधि-विधान से की गयी. सप्तमी पर शुक्रवार को सभी पूजा स्थानों पर प्राण-प्रतिष्ठा पूजन के बाद मां के दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं के लिए मंदिर का पट खोल दिया जायेगा. कालीबाड़ी, दुर्गाबाड़ी व रिफ्यूजी कॉलोनी में दुर्गापूजा का उत्साह कालीबाड़ी, दुर्गाबाड़ी व रिफ्यूजी कॉलोनी में षष्ठी पूजा को बोधन घट स्थापित की गयी. इसे माता का आगमन पूजा भी कहा जाता है.
Navratri Saptami Date 2020: शहर के विभिन्न पूजा स्थानों पर षष्ठी पूजा पर गुरुवार को मां कात्यायनी स्वरूप की पूजा अलग-अलग समय में विधि-विधान से की गयी. सप्तमी पर शुक्रवार को सभी पूजा स्थानों पर प्राण-प्रतिष्ठा पूजन के बाद मां के दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं के लिए मंदिर का पट खोल दिया जायेगा. कालीबाड़ी, दुर्गाबाड़ी व रिफ्यूजी कॉलोनी में दुर्गापूजा का उत्साह कालीबाड़ी, दुर्गाबाड़ी व रिफ्यूजी कॉलोनी में षष्ठी पूजा को बोधन घट स्थापित की गयी. इसे माता का आगमन पूजा भी कहा जाता है.
शुक्रवार को रिफ्यूजी कॉलोनी में स्थापित दोनों मां की प्रतिमा का प्राण-प्रतिष्ठा पूजन बंगला विधि-विधान से होगा. कचहरी चौक स्थित सत्कार क्लब की ओर से पूजा की लगभग तैयारी हो चुकी है. कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि षष्ठी पूजन के बाद माता दुर्गा की ननद को बेल निमंत्रण दिया गया. मुंदीचक, गढ़ैया में षष्ठी पूजन हुआ. सचिव कुमार धर्मेंद्र ने बताया कि शुक्रवार को प्रात: प्राण-प्रतिष्ठा पूजन होगा. शाम को मंदिर का पट विधि-विधान से पूजा के बाद खोला जायेगा.
दुर्गाबाड़ी के सचिव सुब्रतो मोइत्रा ने बताया कि दुर्गाबाडी में प्रात: बांग्ला विधि-विधान से षष्ठी पूजन हुआ और शाम में देवी दुर्गा का बोधन घट स्थापित हुआ. इसके बाद बेल आमंत्रण दिया गया. सप्तमी पर शुक्रवार को सप्तमी पूजा होगी. इसके बाद नवपत्रिका का प्रवेश होगा. कालीबाड़ी में षष्ठी पूजा बांग्ला विधि-विधान से की गयी. इसी दौरान आमंत्रण व अधिवास की रस्म पूरी की गयी. महासचिव विलास बागची ने बताया कि सप्तमी को केला के थंब को केला बहू के रूप में गंगा स्नान कराया जायेगा. इसके बाद भगवान गणेश की प्रतिमा के बगल में केला बहू स्थापित की जायेगी. माता का मुख्य घट स्थापित किया जायेगा.
रिफ्यूजी कॉलोनी स्थित नेताजी सुभाष युवा समिति, शरणार्थी शिविर, बरारी की ओर से बांग्ला विधि-विधान से षष्ठी पूजा हुई. समिति के पदाधिकारी अशोक सरकार ने बताया कि शुक्रवार को प्रात: छह बजे नवपत्रिका स्थान के लिए कलश शोभायात्रा निकाली जायेगी.
मुंदीचक वैष्णो दरबार में षष्ठी पूजा पर वैदिक विधान से पूजा की गयी. अध्यक्ष अजीत शेखर सिंह उर्फ छोटू सिंह के संचालन में सारा धार्मिक कार्यक्रम हुआ. वहीं राधादेवी लेन, मुंदीचक स्थित स्थायी मंदिर में पूजा-अर्चना की गयी. महिलाओं ने भजन गाया. शहर के भीखनपुर मिश्रा टोला, मंदरोजा चौक, उर्दू बाजार, परबत्ती, कंपनीबाग, महाशय ड्योढ़ी, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, रेलवे दुर्गा स्थान, मिरजानहाट आदि स्थानों पर मां की पूजा हुई. मोहद्दीनगर दुर्गा स्थान में देर रात मां की प्रतिमा को अपने स्थान पर लाया गया. सचिव गणेश मालाकार एवं प्रवक्ता राकेश रंजन केशरी ने बताया कि सप्तमी पूजा पर मां की प्राण-प्रतिष्ठा होगी.
23 अक्टूबर दिन शुक्रवार मां कालरात्रि पूजा
24 अक्टूबर दिन शनिवार मां महागौरी दुर्गा पूजा
25 अक्टूबर दिन रविवार मां सिद्धिदात्री पूजा
News Posted by: Radheshyam kushwaha
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