ePaper

Mumma Boy Astrology Tips: क्या आप भी हैं मां के लाड़ले, ज्योतिष से जानें, मां की सलाह क्यों बन जाती है सबसे जरूरी

Updated at : 23 Dec 2025 3:23 PM (IST)
विज्ञापन
Mumma Boy Astrology Tips

मां के लाड़लों के लिए ज्योतिषीय प्रभाव

Mumma Boy Astrology Tips: ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को मन और भावनाओं का कारक ग्रह माना गया है. कुंडली में चंद्रमा की स्थिति व्यक्ति के स्वभाव, मां से जुड़ाव और रिश्तों की गहराई को दर्शाती है. जानें कैसे मजबूत चंद्रमा बनाता है व्यक्ति को संवेदनशील और भावुक.

विज्ञापन

Mumma Boy Astrology Tips:   ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को मन, भावना और मानसिक स्थिति का कारक ग्रह माना गया है. व्यक्ति का स्वभाव कितना संवेदनशील, भावुक या मानसिक रूप से स्थिर होगा, इसका बड़ा संकेत कुंडली में चंद्रमा की स्थिति से मिलता है. ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा से बताते हैं जिन जातकों की कुंडली में चंद्रमा मजबूत और शुभ स्थिति में होता है, वे भावनात्मक रूप से गहरे और रिश्तों को महत्व देने वाले होते हैं.

किन भावों में चंद्रमा हो तो मां से जुड़ाव बढ़ता है

यदि चंद्रमा कुंडली के प्रथम, चतुर्थ, पंचम, सप्तम, नवम या दशम भाव में स्थित हो, तो जातक का मां के साथ गहरा भावनात्मक जुड़ाव देखा जाता है. ऐसे लोग किसी भी बड़े निर्णय से पहले मां की राय लेना जरूरी समझते हैं. इनके लिए मां सिर्फ अभिभावक नहीं, बल्कि भावनात्मक सहारा होती हैं.

चंद्रमा और शुक्र का प्रभाव: प्रेम में भावुकता

जब कुंडली में चंद्रमा और शुक्र एक साथ हों, पास-पास हों या एक-दूसरे पर दृष्टि डालते हों, तो व्यक्ति प्रेम और रिश्तों में अत्यधिक समर्पित होता है. ऐसे जातक दिल से प्यार करते हैं और भावनाओं को खुलकर व्यक्त करते हैं. ये लोग रिश्तों में अपनापन और केयर को सबसे ऊपर रखते हैं.

चंद्र-राहु योग और मां पर मानसिक निर्भरता

यदि चंद्रमा पर राहु की दृष्टि हो या चंद्र-राहु योग बने, तो जातक मानसिक रूप से मां पर अधिक निर्भर हो सकता है. छोटी-छोटी बातों में भी मां से सलाह लेने की आदत बन जाती है. समाज में ऐसे लोगों को अक्सर “मम्मा बॉय” कहा जाता है, लेकिन ज्योतिष इसे भावनात्मक सुरक्षा की आवश्यकता से जोड़कर देखता है, न कि कमजोरी से.

ये भी देखें: पति हमेशा आपका ही बना रहेगा, सोने से पहले करें ये उपाय

भावनात्मक संतुलन क्यों है जरूरी

ज्योतिष के अनुसार मजबूत चंद्रमा भावनात्मक शक्ति देता है, लेकिन अत्यधिक निर्भरता जीवन के अन्य रिश्तों में असंतुलन पैदा कर सकती है. इसलिए भावनाओं के साथ विवेक और आत्मनिर्भरता का संतुलन बनाए रखना जरूरी माना गया है.

विज्ञापन
Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola