Magh Purnima 2026: 1 फरवरी को है माघ पूर्णिमा, जानें इस दिन क्या करना शुभ है और क्या करना अशुभ
Published by : Neha Kumari Updated At : 27 Jan 2026 2:44 PM
माघ पूर्णिमा 2026
Magh Purnima 2026: माघ पूर्णिमा का दिन स्नान-दान, पूजा-पाठ और अन्य धार्मिक कार्य करने के लिए सबसे उत्तम माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन किया गया पुण्य कार्य अन्य दिनों की तुलना में 32 गुना अधिक फलदायी होता है. वहीं, इस दिन की गई कुछ गलतियों के कारण पूजा का फल नष्ट होने की संभावना भी रहती है.
Magh Purnima 2026: हिंदू धर्म में माघ मास की पूर्णिमा का विशेष आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व है. इसे ‘माघी पूर्णिमा’ के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और चंद्र देव की आराधना की जाती है. साल 2026 में 1 फरवरी, रविवार को माघ पूर्णिमा मनाई जाएगी. आइए जानते हैं इस दिन क्या करें और क्या नहीं.
क्या करें (Do’s)
- पवित्र स्नान: सूर्योदय से पूर्व किसी पवित्र नदी में स्नान करें. यदि संभव न हो, तो घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान करें.
- सूर्य देव को अर्घ्य: स्नान के पश्चात तांबे के लोटे से सूर्य देव को जल अर्पित करें.
- विष्णु-लक्ष्मी पूजन: इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें.
- दान-पुण्य: माघ पूर्णिमा के दिन दान करना बेहद शुभ माना जाता है. इस दिन तिल, गुड़, कंबल, घी, फल और अन्न का दान करना चाहिए.
- चंद्र दर्शन: शाम को चंद्रमा निकलने पर उन्हें अर्घ्य जरूर दें. इससे मानसिक शांति मिलती है और चंद्र दोष दूर होता है.
- तर्पण: अपने पितरों की शांति के लिए जल में काले तिल डालकर तर्पण करना शुभ होता है.
क्या न करें (Don’ts)
- देर तक न सोएं: पूर्णिमा के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठना चाहिए. सूर्योदय के बाद देर तक सोना शुभ नहीं माना जाता.
- तामसिक भोजन का त्याग: इस दिन मांस, मदिरा, लहसुन और प्याज जैसे तामसिक भोजन का सेवन बिल्कुल न करें. इसे अशुभ माना जाता है.
- वाद-विवाद से बचें: घर में क्लेश, गुस्सा या किसी का अपमान न करें. अपशब्द बोलने से पूजा का फल नष्ट हो जाता है.
- काले वस्त्र न पहनें: पूजा या शुभ कार्यों के दौरान काले रंग के कपड़े पहनने से बचना चाहिए. इस दिन पीले या सफेद वस्त्र धारण करना उत्तम है.
- तुलसी के पत्ते न तोड़ें: पूर्णिमा के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ना वर्जित माना गया है. यदि आप भगवान विष्णु को तुलसी का पत्ता अर्पित करना चाहते हैं, तो पूर्णिमा के एक दिन पहले ही पत्ते तोड़कर रख सकते हैं.
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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. प्रभात खबर किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.
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