Magh Purnima 2026: दान-पुण्य का दिन माघ पूर्णिमा, लेकिन किन चीजों का दान करना माना जाता है अशुभ

Published by : Shaurya Punj Updated At : 27 Jan 2026 10:57 AM

विज्ञापन

माघ पूर्णिमा पर इन चीजों के दान से करें परहेज

Magh Purnima 2026 daan: माघ पूर्णिमा पर दान-पुण्य का विशेष महत्व है, लेकिन शास्त्रों के अनुसार कुछ वस्तुओं का दान अशुभ माना जाता है. जानिए माघ पूर्णिमा पर किन चीज़ों का दान नहीं करना चाहिए.

विज्ञापन

Magh Purnima 2026 Daan: माघ पूर्णिमा हिंदू धर्म में स्नान, दान और पुण्य कर्मों का विशेष दिन माना जाता है. इस दिन गंगा स्नान और जरूरतमंदों को दान करने की परंपरा है. लेकिन शास्त्रों और धार्मिक मान्यताओं में यह भी बताया गया है कि कुछ वस्तुओं का दान इस दिन नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे पुण्य के स्थान पर अशुभ फल मिल सकता है. अगर आप माघ पूर्णिमा पर दान करने की योजना बना रहे हैं, तो यह जानना जरूरी है कि किन चीजों से बचना चाहिए.

माघ पूर्णिमा का धार्मिक महत्व

माघ पूर्णिमा को भगवान विष्णु चंद्र देव और पवित्र नदियों, विशेषकर मां गंगा को समर्पित माना गया है. मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान से पापों से मुक्ति मिलती है. दान करने से अक्षय पुण्य प्राप्त होता है. संयम और सात्विक आचरण का विशेष महत्व होता है. इसी कारण दान में शुद्धता और विवेक जरूरी बताया गया है.

माघ पूर्णिमा के दिन किन चीजों का दान नहीं करना चाहिए?

दान की वस्तुक्यों दान नहीं करना चाहिएधार्मिक मान्यता
लोहे की वस्तुएंलोहा शनि ग्रह और नकारात्मक ऊर्जा से जुड़ा माना जाता हैपूर्णिमा के सात्विक दिन पर अशुभ फल दे सकता है
काले रंग की वस्तुएंयह दिन चंद्र देव और भगवान विष्णु को समर्पित हैकाले रंग को इस दिन शुभ नहीं माना जाता
नमकनमक का संबंध ऋण और आर्थिक असंतुलन से माना गया हैशुभ तिथि पर दरिद्रता बढ़ने की मान्यता
तेलतेल तामसिक प्रकृति का माना जाता हैसात्विक पर्व पर वर्जित
मदिरा / नशीली वस्तुएंपूजा और दान की भावना के विपरीतधार्मिक रूप से निषिद्ध
फटे या पुराने कपड़ेदान में शुद्धता और उपयोगिता जरूरीअशुद्ध वस्तु से पुण्य नहीं मिलता

लोहे से बनी वस्तुएं

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार लोहा शनि ग्रह से जुड़ा माना जाता है. ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा ने बताया कि इसे भारी और नकारात्मक ऊर्जा वाला तत्व कहा गया है. माघ पूर्णिमा जैसे सात्विक दिन पर लोहे के बर्तन, औजार या अन्य लोहे की वस्तुओं का दान करने से बचना चाहिए.

काले रंग की वस्तुएं

माघ पूर्णिमा का दिन चंद्र देव और भगवान विष्णु को समर्पित होता है. इस दिन श्वेत और सात्त्विक रंगों को श्रेष्ठ माना गया है, इसलिए काले वस्त्र, काले तिल, काली चादर जैसी वस्तुओं का दान इस दिन शुभ नहीं माना जाता.

नमक का दान

शास्त्रीय मान्यताओं में नमक को ऋण, विवाद और आर्थिक असंतुलन से जोड़ा गया है. इसी कारण पूर्णिमा जैसे शुभ अवसर पर नमक का दान करने से बचने की सलाह दी जाती है. मान्यता है कि इससे आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं.

तेल और मदिरा जैसी तामसिक वस्तुएं

माघ पूर्णिमा सात्विक पर्व है. इस दिन तेल, शराब, मांसाहार से जुड़ी कोई भी वस्तु दान करना उचित नहीं माना जाता, क्योंकि ये सात्त्विकता को भंग करती हैं, पूजा और दान की भावना के विपरीत होती हैं.

फटे, पुराने या अशुद्ध कपड़े

दान का अर्थ केवल देना नहीं, बल्कि सम्मान, उपयोगिता और शुद्धता भी है, इसलिए फटे हुए बहुत पुराने या गंदे कपड़े दान करना अशुभ माना गया है. माघ पूर्णिमा पर स्वच्छ और उपयोगी वस्तुओं का ही दान करना चाहिए.

ये भी पढ़ें: माघ पूर्णिमा कब है? जानें सही तिथि, महत्व, पूजा विधि और मंत्र

माघ पूर्णिमा पर दान करते समय क्या ध्यान रखें?

  • दान श्रद्धा और शांत मन से करें
  • वस्तु साफ और उपयोगी हो
  • दान से पहले अहंकार न रखें
  • जरूरतमंद व्यक्ति को ही दान दें
  • यही बातें दान को सार्थक बनाती हैं.

माघ पूर्णिमा 2026 शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार माघ पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 1 फरवरी 2026 की सुबह 5:52 बजे होगी और इसका समापन 2 फरवरी 2026 को तड़के 3:38 बजे होगी. इसी अवधि में स्नान, दान और पूजा का विशेष महत्व माना गया है.

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
अनुभव: 15+ वर्ष
विशेषज्ञता: वैदिक ज्योतिष, ग्रह गोचर विश्लेषण

विज्ञापन
Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola