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आज मनाया जा रहा है माघ बिहू, असम में है इसका खास महत्व, जानें

Updated at : 15 Jan 2025 7:56 AM (IST)
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Magh Bihu 2025 festival celebration

Magh Bihu 2025

Magh Bihu 2025: माघ बिहू जिसे बिहू भी कहा जाता है अत्यंत शुभ माना जाता है.यह असम के प्रमुख उत्सवों में से एक है.इस दिन अग्नि देव की पूजा का आयोजन किया जाता है. यह पर्व आज 15 जनवरी 2025, बुधवार को भव्य तरीके से मनाया जा रहा है.

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Magh Bihu 2025: माघ बिहू असम में आज 15 जनवरी को मनाया जा रहा है. यह पर्व जिसे भोगाली बिहू के नाम से भी जाना जाता है, एक फसल उत्सव है जो कटाई के अंत का प्रतीक है और पूरे असम में बड़े उत्सव और सामुदायिक कार्यक्रमों के साथ मनाया जाता है. माघ बिहू का उत्सव अक्सर दक्षिण भारत में पोंगल उत्सव और देश के पश्चिमी हिस्सों में मकर संक्रांति उत्सव के लगभग एक ही समय पर मनाया जाता है.

दो दिनों तक मनाया जाता है ये विशेष उत्सव

माघ बिहू का उत्सव दो दिनों तक मनाया जाता है, जिसमें प्रत्येक दिन के लिए विशिष्ट परंपराएं होती हैं. पहले दिन को उरुका के नाम से जाना जाता है. इस दिन लोग मिलकर ‘मेजी’ (एक बड़ा अलाव) और ‘भेलाघर’ (घास-फूस से बना अस्थायी घर) तैयार करते हैं. युवा लोग खेतों से घास लाकर भेलाघर का निर्माण करते हैं. रात के समय परिवार और मित्र मेजी के चारों ओर इकट्ठा होते हैं, ढोल बजाते हैं, बिहू गीत गाते हैं और नई फसल के व्यंजनों का आनंद लेते हैं. दूसरे दिन का विशेष महत्व होता है. इस दिन सुबह-सुबह मेजी को जलाया जाता है, जो पुराने को समाप्त कर नए की शुरुआत का प्रतीक है. लोग अग्नि देव की पूजा करते हैं और हवन करते हैं.

माघ बिहू का महत्व

माघ बिहू का उत्सव असम में एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान है. माघ बिहू का उत्सव अलाव जलाने और अग्नि देवता की पूजा करने के इर्द-गिर्द घूमता है. लोग अक्सर बांस, पत्तियों और छप्पर से एक अस्थायी झोपड़ी बनाते हैं, जिसे मेजी और भेलाघर के नाम से जाना जाता है, और भेलाघर में वे दावत के लिए तैयार भोजन खाते हैं, और फिर अगली सुबह झोपड़ियों को जला देते हैं. सुंगा पिठा, तिल पिठा आदि जैसे चावल के केक और लारू नामक नारियल की कुछ अन्य मिठाइयों का उपयोग करके विशेष व्यंजन बनाना भी स्मरणोत्सव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है.

माघ बिहू के उत्सव को अक्सर एक सामुदायिक कार्यक्रम के रूप में देखा जाता है जो सभी को एक साथ लाता है. लोग इस दिन को मनाने के लिए पारंपरिक असमिया खेल जैसे ‘टेकेली भोंगा’ (बर्तन तोड़ना) और भैंसों की लड़ाई में भी शामिल होते हैं. हम आशा करते हैं कि माघ बिहू 2025 आपके जीवन को उस प्रेम, प्रकाश और खुशी से भर दे जिसके आप हकदार हैं.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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