Laxmi Panchami 2024: आज इस शुभ मुहूर्त में करें लक्ष्मी जी की पूजा, आर्थिक तंगी से मिलेगा छूटकारा

Updated at : 12 Apr 2024 5:41 PM (IST)
विज्ञापन
लक्ष्मी पूजा

लक्ष्मी पूजा

Laxmi Panchami 2024: आज लक्ष्मी पंचमी है. आज माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना करने का विधान है. लक्ष्मी पंचमी का पर्व रखने से मानव के जीवन में धन, समृद्धि और ज्ञान की प्राप्ति होती है.

विज्ञापन

Laxmi Panchami 2024: मां लक्ष्‍मी को धन की देवी कहा गया है. लक्ष्‍मी जी की कृपा से जातक का जीवन अपार धन-ऐश्‍वर्य और सुख में व्यतीत होता है. इसलिए श्रद्धालु लक्ष्‍मी माता को प्रसन्‍न करने के लिए कई तरह का उपाय करते है. ऐसे में मां लक्ष्‍मी को प्रसन्‍न करने के लिए दिवाली के बाद सबसे बड़ा दिन लक्ष्मी पंचमी होता है. ऐसे में इस साल लक्ष्मी पंचमी का व्रत 12 अप्रैल 2024 को रखा जायेगा. आइए विस्तार से जानते है कि लक्ष्मी पंचमी का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व के बारे में …

लक्ष्‍मी पंचमी 2024 पूजा मुहूर्त कब है?

लक्ष्मी पंचमी का व्रत 12 अप्रैल को रखा जायेगा. पंचमी तिथि 12 अप्रैल को दोपहर 1 बजकर 11 मिनट से प्रारंभ होकर अगले दिन 13 अप्रैल को दोपहर 12 बजकर 03 मिनट पर समाप्त हो जाएगी, इसलिए लक्ष्मी पंचमी व्रत पूजन 12 अप्रैल को ही किया जाएगा. आज अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 56 मिनट से 12 बजकर 47 मिनट तक रहेगा. वहीं, विजय मुहूर्त दोपहर 02 बजकर 30 मिनट से लेकर दोपहर 03 बजकर 21 मिनट तक रहेगा. लाभ मुहूर्त सुबह 11 बजकर 15 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 06 मिनट तक रहेगा. इसके साथ ही अमृत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 06 मिनट से लेकर दोपहर 01 बजे तक रहेगा.

लक्ष्मी पंचमी पूजन मे कौन कौन सी सामग्री लगती है?

लक्ष्मी पूजन के लिए सामग्री के रूप में चंदन, केले के पत्ते, सुगंधित फूलों की माला, चावल, दूर्वा, लाल धागा, सुपारी, नारियल, मखाने की खीर, नैवेद्य और घी को पूजा में शामिल कर सकते है.

लक्ष्मी पंचमी 2024 पूजा विधि

लक्ष्मी पंचमी के दिन सबसे पहले जल्दी उठकर स्नान-ध्यान करें, इसके बाद साफ वस्त्र धारण करें. एक साफ चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर, माता लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें. इसके बाद, सबसे पहले भगवान गणेश व इष्ट देवी-देवताओं की उपासना करें और फिर माता लक्ष्मी की पूजा करें. पूजा के दौरान माता लक्ष्मी की प्रतिमा को पंचामृत से स्नान कराएं और उन्हें गंध, पुष्प, धूप, दीप, फल, चंदन, सुपारी, रोली और मोली अर्पित करें. पूजा के दौरान लक्ष्मी स्तोत्र और मंत्रों का पाठ करें. लक्ष्मी पंचमी कथा का पाठ या श्रवण करें. फिर दीप जलाकर माता लक्ष्मी की आरती करें और माता को मिठाई का भोग अर्पित करें.

लक्ष्मी पंचमी व्रत का क्या महत्व है?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, लक्ष्मी पंचमी का पर्व रखने से मानव के जीवन में धन, समृद्धि और ज्ञान की प्राप्ति होती है. इसके साथ ही इस व्रत को रखने से मां लक्ष्मी प्रसन्न हो जाती है और जातक के जीवन में खुशहाली प्रदान करता है. लक्ष्मी पंचमी के दिन शुभ मुहूर्त में पूजा-पाठ करने से धन लाभ होता है.

Also Read: Chaitra Navratri 4th Day: आज करें माता कूष्मांडा की पूजा, जानिए शुभ मुहूर्त- पूजा विधि, मंत्र और आरती

विज्ञापन
Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola