शुभ कार्यों के लिए करना होगा इंतजार, होलाष्टक के बाद आया मलमास

Published by : Shaurya Punj Updated At : 15 Mar 2025 8:09 AM

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Kharmas 2025 started

Kharmas 2025 started: कल, अर्थात् 14 मार्च को सूर्य मीन राशि में प्रवेश कर चुका है, जिसे मीन संक्रांति के नाम से जाना जाता है. मीन संक्रांति के साथ ही खरमास की अवधि प्रारंभ होती है. इस समय के दौरान विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और अन्य मांगलिक कार्यों का आयोजन करना निषिद्ध माना जाता है. यह मान्यता है कि खरमास के दौरान यदि कोई शुभ कार्य किया जाता है, तो उसकी सफलता में बाधाएँ उत्पन्न होती हैं, क्योंकि इस समय सूर्य और देवगुरु बृहस्पति की ऊर्जा कमजोर हो जाती है.

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Kharmas 2025: होलाष्टक के समाप्त होने के साथ ही हिंदू पंचांग के अनुसार मलमास (खरमास) की शुरुआत होती है, जिसके कारण एक महीने तक शुभ कार्यों पर प्रतिबंध लगा रहता है. धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से मलमास को अशुभ माना जाता है, इसलिए इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण, मुंडन और अन्य मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं.

खरमास की हुई शुरूआत

होलाष्टक की समाप्ति 13 मार्च को होलिका दहन के दिन से हो चुकी है. अब कल यानी 14 मार्च से खरमास की शुरूआत हो चुकी है. खरमास के दौरान मांगलिक कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और नए व्यवसाय की शुरुआत करना निषिद्ध है. इस अवधि में वाहन, सोना आदि की खरीदारी भी नहीं की जाती है. खरमास का अंत 14 अप्रैल 2025 को होगा.

मलमास (खरमास) क्या है

  • मलमास तब होता है जब सूर्य देव गुरु की राशियों धनु या मीन में प्रवेश करते हैं. इस समय को खरमास भी कहा जाता है और इसे शुभ कार्यों के लिए निषिद्ध माना जाता है.
  • इस दौरान देवताओं को विश्राम की अवस्था में माना जाता है.
  • ग्रहों की स्थिति इस समय शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं होती.
  • यह अवधि साधना, भक्ति और दान-पुण्य के लिए अत्यंत उपयुक्त मानी जाती है.

होलाष्टक और मलमास का संबंध

  • होलाष्टक होली से आठ दिन पूर्व आरंभ होता है और होलिका दहन के दिन समाप्त होता है.
  • यदि इसके बाद मलमास का आरंभ होता है, तो शुभ कार्यों को करने से मना किया जाता है.
  • यह स्थिति विशेष रूप से तब उत्पन्न होती है जब सूर्य होली के बाद धनु या मीन राशि में प्रवेश करता है.
  • इस कारण एक महीने तक विवाह, गृह प्रवेश, यज्ञोपवीत, मुंडन आदि जैसे कार्य नहीं किए जाते हैं.

मलमास के दौरान क्या करें?

हालांकि इस समय शुभ कार्यों की अनुमति नहीं होती, लेकिन आध्यात्मिक साधना के लिए यह अवधि अत्यंत उपयुक्त मानी जाती है:

  • भगवान विष्णु की पूजा करें.
  • दान-पुण्य करें और जरूरतमंदों की सहायता करें.
  • गाय को चारा दें और तुलसी की सेवा करें.
  • व्रत, ध्यान और मंत्र जाप करें.

मलमास के बाद शुभ कार्य कब प्रारंभ होंगे?

मलमास के समाप्त होते ही चैत्र शुक्ल पक्ष में नववर्ष और चैत्र नवरात्रि का आरंभ होता है. इस अवधि से शुभ कार्यों की शुरुआत की जा सकती है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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