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Kharmas 2024: खरमास में तुलसी पूजा का है खास महत्व, यहां से जानें

Updated at : 03 Dec 2024 10:55 AM (IST)
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Kharmas 2024 importance of tulsi puja in this month

Kharmas 2024 importance of tulsi puja in this month

Kharmas 2024: धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, खरमास का महीना शुभ नहीं माना जाता है और इस दौरान मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है. फिर भी, खरमास के समय पूजापाठ का महत्व अत्यधिक बढ़ जाता है. यह मान्यता है कि इस महीने में तुलसी पूजा विशेष रूप से फलदायी होती है. खरमास के दौरान तुलसी से संबंधित कुछ कार्य अवश्य करने चाहिए, जिससे व्यक्ति को मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है.

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Kharmas 2024: खरमास एक विशेष समय होता है, जो साल में दो बार आता है.हिन्दू धर्म में इसे अशुभ माना जाता है, इसलिए इस समय कोई भी शुभ कार्य जैसे शादी, गृहप्रवेश, या मुंडन संस्कार नहीं किए जाते. धार्मिक दृष्टिकोण से यह समय भगवान की भक्ति, पूजा और आत्म-शुद्धि का होता है.

खरमास 2024 की तिथियां

2024 में खरमास 15 दिसंबर से शुरू होगा और 14 जनवरी 2025 को मकर संक्रांति के दिन समाप्त होगा. इस दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किए जाते, लेकिन पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यों का महत्व बढ़ जाता है. तुलसी पूजा में सूर्य को जल अर्पित करना और भगवान विष्णु की पूजा को विशेष महत्व दिया जाता है.

तुलसी पूजा का महत्व

खरमास के दौरान पूजा करना अत्यधिक शुभ माना जाता है. यह समय नकारात्मक ऊर्जा का अधिकतम होता है, जिसे पूजा और कुछ विशेष विधियों के माध्यम से शांति में बदला जा सकता है.तुलसी पूजा को इस दौरान सबसे महत्वपूर्ण माना गया है. धार्मिक ग्रंथों में तुलसी को पवित्रता और शुद्धता का प्रतीक माना जाता है. नियमित रूप से तुलसी की पूजा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है और परिवार के संकटों का निवारण होता है.

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तुलसी पूजा के लाभ

तुलसी के पौधे को जल अर्पित करने और दीप जलाने से ग्रहों के नकारात्मक प्रभावों में कमी आती है, जिससे सुख और समृद्धि आती है. ऐसा विश्वास है कि तुलसी पूजा से भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी प्रसन्न होते हैं, और घर में खुशहाली आती है.

तुलसी पूजा के नियम

तुलसी पूजा करते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए:
सुबह के समय तुलसी को जल अर्पित करें और शाम को दीपक जलाएं.
इस समय तुलसी की पत्तियां तोड़ना अशुभ माना जाता है, इसलिए इसका ध्यान रखें.
तुलसी पर सिंदूर या शादी के सामान का प्रयोग न करें.
तुलसी के पौधे के आसपास सफाई रखें और रोज उसकी आरती करें.

खरमास का आध्यात्मिक महत्व

खरमास के दौरान शुभ कार्यों पर प्रतिबंध का आध्यात्मिक संदेश है. यह समय आत्ममंथन, ध्यान और भगवान की भक्ति के लिए है. धार्मिक विश्वासों के अनुसार, इस समय किए गए दान, जाप या तपस्या का फल कई गुना बढ़ जाता है. खासकर तुलसी पूजा को पापों का नाश करने और जीवन में नई ऊर्जा लाने का एक प्रभावशाली उपाय माना गया है. खरमास के दौरान तुलसी पूजा न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से, बल्कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है.

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ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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