Karwa Chauth 2025 Chand Time : मुंबई, अहमदाबाद और कोलकाता समेत अन्य जगहों पर इस समय हुआ करवा चौथ के चांद का दर्शन
Karwa Chauth 2025 Chand Time: करवा चौथ का पर्व आज 10 अक्टूबर को मनाया जा रहा है. पर्व मुख्य रूप से उत्तर भारत में मनाया जाता है और हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक महीने की पूर्णिमा के चार दिन बाद, यानी अक्टूबर या नवंबर के महीने में आता है. जब चांद निकलता है, तो महिलाएं छलनी या दुपट्टे के माध्यम से चांद को निहारती हैं, प्रार्थना करती हैं और फिर अपने पति के हाथों से जल एवं भोजन ग्रहण कर व्रत खोलती हैं. यहां हम बताने जा रहे हैं भारत के प्रमुख शहरों में कितने बजे दिखेगा चांद?
अन्य प्रमुख शहरों का चांद निकलने का समय
मध्य भारत में करवा चौथ 2025 चंद्रोदय
मध्य भारत के शहरों में करवा चौथ 2025 का चंद्रमा रात के 8:15 बजे से 8:35 बजे के बीच दिखाई देगा. व्रती महिलाएं इस समय चंद्रमा दर्शन कर अपने निर्जला व्रत का पारण करें.
जबलपुर, भिलाई और नागपुर में चांद दर्शन
जबलपुर: रात 8:17 बजे
भिलाई: रात 8:15 बजे
नागपुर: रात 8:32 बजे
डामोह और देवास में चंद्रोदय
डामोह: रात 8:17 बजे
देवास: रात 8:33 बजे
इन शहरों में चांद का दर्शन करते समय छन्नी या पारंपरिक दीये का प्रयोग करें. यह पारंपरिक विधि पति की लंबी आयु और घर में खुशहाली लाने में सहायक मानी जाती है.
पश्चिम भारत में चांद दर्शन के सुझाव
चंद्रमा निकलने से पहले व्रती महिलाएं सरगी ग्रहण, करवा माता की पूजा और कथा पाठ करें. जैसे ही चंद्रमा दिखाई दे, छन्नी में दीया रखकर चंद्रमा देखें. यह रीति पति-पत्नी के प्रेम और जीवन में खुशहाली बढ़ाने में सहायक मानी जाती है.
मध्य भारत में चांद दर्शन के सुझाव
चांद निकलने से पहले महिलाएं सरगी ग्रहण, पूजा और कथा पाठ करें. जैसे ही चंद्रमा दिखाई दे, दीया या छन्नी में रखकर दर्शन करें. इससे व्रत का शुभ प्रभाव और वैवाहिक प्रेम बढ़ता है.
जबलपुर, भिलाई और नागपुर में चांद दर्शन
जबलपुर: रात 8:17 बजे
भिलाई: रात 8:15 बजे
नागपुर: रात 8:32 बजे
Karwa Chauth 2025 Moonrise Time Live Updates: व्रत का आध्यात्मिक और प्रेम संबंधी महत्व
करवा चौथ का व्रत केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह पति-पत्नी के प्रेम और विश्वास को भी मजबूत करता है.
पश्चिम भारत में चांद दर्शन के सुझाव
चंद्रमा निकलने से पहले व्रती महिलाएं सरगी ग्रहण, करवा माता की पूजा और कथा पाठ करें. जैसे ही चंद्रमा दिखाई दे, छन्नी में दीया रखकर चंद्रमा देखें. यह रीति पति-पत्नी के प्रेम और जीवन में खुशहाली बढ़ाने में सहायक मानी जाती है.
पूर्वोत्तर भारत में करवा चौथ 2025 चंद्रमा दर्शन
पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में करवा चौथ का चंद्रमा सबसे पहले दिखाई देगा. गुवाहाटी, कोलकाता, भुवनेश्वर और आसनसोल जैसे शहरों में चंद्रमा दर्शन का समय शाम 7:20 बजे से 7:59 बजे के बीच है. इस समय व्रती महिलाएं छन्नी में दिया रखकर चंद्रमा देखें और पति की लंबी आयु, वैवाहिक खुशहाली और समृद्धि के लिए व्रत का पारण करें.
गुवाहाटी और चेरापूंजी में चंद्रमा दर्शन
गुवाहाटी: रात 7:20 बजे
चेरापूंजी: रात 7:22 बजे
पूर्वोत्तर भारत में सबसे पहले चंद्रमा इन शहरों में दिखाई देगा. इस समय व्रती महिलाएं करवा माता की पूजा और कथा पाठ का पालन करके चांद का दीदार करें.
कोलकाता और आसनसोल में चांद का समय
कोलकाता: रात 7:43 बजे
आसनसोल: रात 7:46 बजे
इन शहरों में चंद्रमा दर्शन के साथ छन्नी में दीया रखकर चांद देखना शुभ माना जाता है. यह परंपरा पति की लंबी आयु और वैवाहिक स्थिरता के लिए की जाती है.
भुवनेश्वर में चंद्रमा दर्शन
भुवनेश्वर: रात 7:59 बजे
भुवनेश्वर में व्रती महिलाएं चंद्रमा दर्शन के साथ निर्जला व्रत का पारण और करवा माता की पूजा करें. यह रीति पति-पत्नी के प्रेम और जीवन में खुशहाली बढ़ाने में सहायक मानी जाती है.
पूर्वोत्तर भारत में चांद दर्शन के सुझाव
चंद्रमा निकलने से पहले सरगी ग्रहण करें, करवा माता की पूजा और कथा पाठ का पालन करें. जैसे ही चंद्रमा दिखाई दे, छन्नी में दीया रखकर चंद्रमा का दर्शन करें. यह परंपरा पति-पत्नी के प्रेम, विश्वास और वैवाहिक खुशहाली को मजबूत करने के लिए निभाई जाती है.
करवा चौथ के दिन चंद्रमा को अर्घ्य देते समय क्या बोलना चाहिए?
धार्मिक मान्यता के अनुसार, चंद्रमा को अर्घ्य देते समय चंद्र मंत्र और चंद्र स्तुति का जाप करना चाहिए. इसके अलावा, अर्घ्य देते समय पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए माता करवा और चंद्रदेव से प्रार्थना करनी चाहिए.
चंद्र स्तुति
ऊँ दधि-शंख-तुषाराभं क्षीरोदार्णव-सम्भवम्।
नमामि शशिनं सोमं शंभोर्मुकुट-भूषणम्॥
चंद्रमा मंत्र
ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः
ॐ श्रीं श्रीं चन्द्रमसे नमः
करवा चौथ के दिन चंद्रमा को अर्घ्य देते समय क्या बोलना चाहिए?
धार्मिक मान्यता के अनुसार, चंद्रमा को अर्घ्य देते समय चंद्र मंत्र और चंद्र स्तुति का जाप करना चाहिए. इसके अलावा, अर्घ्य देते समय पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए माता करवा और चंद्रदेव से प्रार्थना करनी चाहिए.
पूर्वोत्तर भारत में चांद दर्शन के सुझाव
चंद्रमा निकलने से पहले सरगी ग्रहण करें, करवा माता की पूजा और कथा पाठ का पालन करें. जैसे ही चंद्रमा दिखाई दे, छन्नी में दीया रखकर चंद्रमा का दर्शन करें. यह परंपरा पति-पत्नी के प्रेम, विश्वास और वैवाहिक खुशहाली को मजबूत करने के लिए निभाई जाती है.
करवा चौथ 2025: व्रत और पूजा का शुभ मुहूर्त
करवा चौथ 2025 में व्रत का शुभ समय सुबह 6:19 बजे से रात 8:13 बजे तक रहेगा. महिलाएं इस दौरान निर्जला व्रत रखती हैं और चंद्रमा के दर्शन के बाद ही व्रत खोलती हैं. इस वर्ष चंद्र दर्शन का समय दिल्ली-एनसीआर में रात 8:13 बजे निर्धारित है.
करवा चौथ पूजा का शुभ समय
इस दिन पूजा का मुहूर्त शाम 5:57 बजे से रात 7:11 बजे तक रहेगा, जिसकी अवधि लगभग 1 घंटा 14 मिनट है. इस दौरान महिलाएं करवा माता, भगवान गणेश और चंद्रदेव की पूजा करती हैं और कथा श्रवण से व्रत पूर्ण करती हैं.
सरगी ग्रहण करने का उत्तम समय
व्रत से पहले सरगी ग्रहण करने का सबसे शुभ समय ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 4:40 से 5:30 बजे तक है. इस दौरान महिलाएं अपनी सास द्वारा दी गई सरगी ग्रहण करती हैं जो पूरे दिन के निर्जला व्रत की ऊर्जा प्रदान करती है.
चंद्रोदय का लाइव अपडेट
इस साल दिल्ली-एनसीआर में चांद का उदय रात 8:13 बजे IST पर होगा. देश के अन्य प्रमुख शहरों में यह समय 8:10 से 9:20 बजे के बीच रहेगा. जैसे-जैसे चांद निकलने के समय की पुष्टि होगी, यहां लाइव अपडेट दिए जाएंगे ताकि आप सही समय पर व्रत खोल सकें.
करवा चौथ का महत्व
करवा चौथ केवल एक व्रत नहीं बल्कि प्रेम, समर्पण और वैवाहिक सुख का प्रतीक है. महिलाएं पूरे दिन अपने पति की लंबी उम्र, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना करती हैं. चंद्रमा को छलनी से देखकर व्रत खोलने की परंपरा दांपत्य प्रेम और विश्वास का सुंदर प्रतीक है.
लेखक के बारे में
By Shaurya Punj
मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.
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