जुड़ शीतल पर्व कल: मैथिली समाज में क्यों खास है यह त्योहार?

Published by : Shaurya Punj Updated At : 14 Apr 2026 9:05 AM

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कल मनाया जाएगा जुड़ शीतल पर्व

Jud Sheetal Festival 2026: जुड़ शीतल पर्व मैथिली समाज का खास त्योहार है, जिसमें बासी भोजन, शीतल जल और मां शीतला की पूजा का विशेष महत्व है, जो स्वास्थ्य और परंपरा से जुड़ा है.

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Jud Sheetal 2026: मैथिली भाषी समाज में 15 अप्रैल को ‘जुड़ शीतल’ पर्व बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है. यह पर्व विशेष रूप से शीतलता, स्वास्थ्य और पारिवारिक आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है. इस दिन लोग बासी जल से स्नान करते हैं और मां शीतला की पूजा-अर्चना करते हैं. पूजा के बाद बासी भोजन को प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है. साथ ही घर के मुख्य द्वार पर भी बासी भोजन अर्पित कर सिंदूर का टीका लगाया जाता है, जिससे मौसमी बीमारियों से बचाव की कामना की जाती है.

जुड़ शीतल 2026 कब है?

परंपरा के अनुसार, जुड़ शीतल पर्व सतुआनी (सतुआन) के अगले दिन मनाया जाता है. यही कारण है कि इसकी तिथि हर साल 14 या 15 अप्रैल के आसपास पड़ती है. मैथिली कैलेंडर के अनुसार 14 अप्रैल से नववर्ष की शुरुआत होती है, जबकि अगले दिन जुड़ शीतल का पर्व पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है.

‘जुड़ायल रहु’ का आशीर्वाद

इस पर्व की सबसे खास परंपरा है बड़ों द्वारा छोटों को आशीर्वाद देना. सुबह-सुबह घर के बुजुर्ग परिवार के सदस्यों के सिर पर चुल्लू भर ठंडा पानी डालते हैं और ‘जुड़ायल रहु’ (सदा शीतल रहो) का आशीर्वाद देते हैं. यह परंपरा न केवल धार्मिक भावना को दर्शाती है, बल्कि भीषण गर्मी में शरीर को ठंडक पहुंचाने का प्रतीक भी है.

बासी भोजन और सत्तू की परंपरा

रांची के हनुमान जोड़ा मंदिर के पुजारी रामेश्वर पाठक के अनुसार जुड़ शीतल के दिन भोजन की परंपरा भी बेहद खास होती है. इस दिन ताजा भोजन बनाने के बजाय एक दिन पहले तैयार किया गया बासी भोजन खाने का रिवाज है. इसमें कढ़ी-बड़ी, भात (चावल), सत्तू, दही-चूड़ा और आम की चटनी प्रमुख रूप से शामिल होते हैं. हालांकि यह सुनने में अलग लग सकता है, लेकिन इसके पीछे वैज्ञानिक कारण छिपा है. गर्मी के मौसम की शुरुआत में ठंडा और हल्का भोजन शरीर को संतुलित रखने में मदद करता है और पाचन तंत्र को आराम देता है.

लोकसंस्कृति और उत्सव का रंग

इस दिन लोकगीत, पारंपरिक व्यंजन और सांस्कृतिक आयोजन पूरे वातावरण को उत्सवमय बना देते हैं. परिवार, रिश्तेदार और पड़ोसी मिलकर इस पर्व का आनंद लेते हैं, जिससे सामाजिक संबंध भी मजबूत होते हैं.

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अन्य प्रमुख तिथियां

जुड़ शीतल के आसपास अन्य महत्वपूर्ण धार्मिक तिथियां भी आती हैं. 15 अप्रैल को प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि मनाई जाएगी, जबकि 17 अप्रैल को अमावस्या तिथि शाम तक रहेगी, जिस दिन स्नान और दान का विशेष महत्व माना जाता है. इस प्रकार जुड़ शीतल पर्व परंपरा, स्वास्थ्य और सामाजिक एकता का सुंदर संदेश देता है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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