खरमास में बंटे थे जेएसएससी सीजीएल के नियुक्ति पत्र, अब पूरी परीक्षा ही रद्द, क्या यह महज इत्तेफाक है या कुछ और?
खरमास में मिले थे जेएसएससी सीजीएल के ज्वाइनिंग लेटर, जानें क्या कहता है ज्योतिषशास्त्र
झारखंड में जेएसएससी सीजीएल परीक्षा (JSSC CGL Exam) परीक्षा रद्द होने के बाद खरमास में नियुक्ति पत्र बांटे जाने की चर्चा तेज है. जानें धार्मिक मान्यताओं के अनुसार खरमास में सरकारी नौकरी मिलना शुभ या अशुभ है या नहीं, नियुक्ति पत्र मिलने के लिए मुहूर्त जरूरी है या नहीं और परीक्षा रद्द होने के बाद भर्ती प्रक्रिया का भविष्य क्या हो सकता है.
JSSC CGL Exam Cancelled: झारखंड में जेएसएससी सीजीएल को लेकर 17 अगस्त 2026 को बड़ा फैसला लिया गया. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में जेएसएससी सीजीएल परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया गया. परीक्षा को लेकर लंबे समय से विवाद और अभ्यर्थियों की ओर से विरोध चल रहा था. मुख्यमंत्री ने खुद परीक्षा रद्द करने की आधिकारिक घोषणा की.
30 दिसंबर 2025 को बांटे गए थे नियुक्ति पत्र
जेएसएससी सीजीएल से जुड़ी चर्चा में एक बात खास तौर पर सामने आ रही है. चयनित अभ्यर्थियों को 30 दिसंबर 2025 को रांची के मोरहाबादी मैदान में जॉइनिंग लेटर दिए गए थे. यह तारीख खरमास की अवधि में आती है. ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल है कि आखिर खरमास में नौकरी मिलना या नियुक्ति पत्र प्राप्त करना शुभ माना जाता है या नहीं.
खरमास में नौकरी मिलना अशुभ है क्या?
ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा ने बताया कि ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य के धनु या मीन राशि में रहने की अवधि को खरमास या मलमास कहा जाता है. इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश और कुछ अन्य मांगलिक कार्यों को करने से परहेज किया जाता है. हालांकि, नौकरी मिलना, प्रतियोगी परीक्षा में सफलता या सरकारी नियुक्ति पत्र प्राप्त करना अशुभ नहीं माना जाता.
ये भी पढ़ें: JSSC CGL परीक्षा रद्द, 15 भर्ती परीक्षाओं पर संकट; छात्रों का प्रदर्शन जारी
सरकारी नौकरी के लिए मुहूर्त जरूरी नहीं
सरकारी नौकरी की चयन प्रक्रिया विभागीय नियमों के अनुसार निर्धारित होती है. परीक्षा, परिणाम, नियुक्ति और योगदान की तारीख अभ्यर्थी अपनी इच्छा से तय नहीं करता. इसलिए अगर विभाग की ओर से खरमास के दौरान नियुक्ति पत्र दिया गया है, तो इसे अशुभ मानने की जरूरत नहीं है. नौकरी से जुड़ी प्रक्रिया की वैधता प्रशासनिक नियमों से तय होती है.
खरमास में शुभ माने जाते हैं ये काम
धार्मिक मान्यताओं में खरमास को पूजा-पाठ, भगवान विष्णु और सूर्य उपासना, दान-पुण्य, जप और धार्मिक कार्यों के लिए अच्छा समय माना गया है. इसलिए इस अवधि में नौकरी मिलना व्यक्ति के लिए उपलब्धि ही है. हां, विवाह या गृह प्रवेश जैसे व्यक्तिगत मांगलिक कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त देखने की परंपरा है.
ये भी पढ़ें: जिस परीक्षा से मिली नौकरी, वही रद्द; JSSC CGL के 1975 चयनित कर्मचारियों का भविष्य संकट में
जेएसएससी मामले में आगे क्या?
जेएसएससी सीजीएल मामले में फिलहाल सबसे अहम मुद्दा खरमास नहीं, बल्कि परीक्षा रद्द होने के बाद भर्ती प्रक्रिया का भविष्य है. नियुक्ति पा चुके और परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों से जुड़ी स्थिति सरकार के अगले फैसलों और आधिकारिक प्रक्रिया से स्पष्ट होगी. इसलिए खरमास को नौकरी की सफलता या असफलता से जोड़ना उचित नहीं होगा.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By शौर्य पुंज
मैं धर्म, ज्योतिष और आध्यात्मिक विषयों पर लेखन में विशेषज्ञता रखता हूं. हस्तरेखा शास्त्र, राशिफल, ग्रह-नक्षत्र, धार्मिक परंपराओं और पौराणिक कथाओं से जुड़े विषयों पर मेरी विशेष रुचि और गहरी समझ है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. धर्म और ज्योतिष के अलावा एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी लगातार लेखन करता रहा हूं. मेरी कोशिश रहती है कि जटिल विषयों को आसान, रोचक और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाया जाए.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए









