Janmashtami Vrat Katha: कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर सुनें ये व्रत कथा, कान्हा जी बरसाएंगे आशीर्वाद
Published by : Shaurya Punj Updated At : 16 Aug 2025 3:48 PM
Janmashtami Vrat Katha in Hindi (AI Generated Image)
Janmashtami 2025 Vrat Katha: यह भगवान श्रीकृष्ण के जन्म और उनके दिव्य अवतार की पावन कथा है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखकर और कथा का श्रवण करने से भक्त न केवल अपार पुण्य अर्जित करते हैं, बल्कि जीवन में सुख-समृद्धि, सौभाग्य और शांति की प्राप्ति भी होती है। ऐसा माना जाता है कि व्रत कथा के बिना जन्माष्टमी का व्रत अधूरा माना जाता है।
Janmashtami Vrat Katha: कृष्ण जन्माष्टमी की कथा हमें यह सिखाती है कि जीवन के अंधकार में भी प्रकाश की राह संभव है. संघर्षों के बीच उम्मीद बनाए रखना और अधर्म पर धर्म की विजय ही इसका मुख्य संदेश है. इस वर्ष जन्माष्टमी का पावन पर्व 16 अगस्त को धूमधाम से मनाया जाएगा. इस विशेष अवसर पर हम आपके लिए प्रस्तुत कर रहे हैं जन्माष्टमी की पौराणिक कथा, जो प्रेम, आशा और धर्म की पुनर्स्थापना का प्रतीक मानी जाती है. मान्यता है कि इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना के साथ व्रत कथा का पाठ अवश्य करना चाहिए, क्योंकि इसके बिना व्रत अधूरा माना जाता है. आइए जानते हैं इस पावन कथा के बारे में…
कृष्ण जन्म की कथा
- द्वापर युग में मथुरा पर भोजवंशी राजा उग्रसेन का शासन था. लेकिन उसका पुत्र कंस अत्याचारी और क्रूर था. उसने अपने ही पिता को राजसिंहासन से हटाकर स्वयं सत्ता हथिया ली. कंस की एक बहन देवकी थी, जिनका विवाह यदुवंशी सरदार वसुदेव से हुआ था.
- एक बार जब कंस अपनी बहन देवकी को ससुराल पहुंचाने जा रहा था, तभी आकाशवाणी हुई—
- “हे कंस, जिस बहन को तू प्रेमपूर्वक विदा कर रहा है, उसी की आठवीं संतान तेरे विनाश का कारण बनेगी.”
- यह सुनकर कंस क्रोधित हो उठा और तुरंत देवकी की हत्या करना चाहता था. तभी देवकी ने विनम्रता से कहा— “भाई, मेरे गर्भ से जो भी संतान होगी, मैं उसे तुम्हारे हवाले कर दूंगी. बहनोई की हत्या से तुम्हें क्या लाभ?”
- देवकी की बात मानकर कंस ने उन्हें जीवित छोड़ दिया, लेकिन सुरक्षा के लिए वसुदेव और देवकी को मथुरा की कारागार में कैद कर दिया.
- एक-एक करके देवकी के सात बच्चे हुए और निर्दयी कंस ने सभी का वध कर दिया. अब आठवें पुत्र का जन्म होना शेष था. उसी समय गोकुल में नंद की पत्नी यशोदा भी संतान की प्रतीक्षा कर रही थीं.
- जब देवकी ने आठवें पुत्र को जन्म दिया, तभी कारागार में दिव्य प्रकाश फैला. उनके सामने चतुर्भुज रूप में शंख, चक्र, गदा और पद्म धारण किए भगवान विष्णु प्रकट हुए. वसुदेव और देवकी ने उनके चरणों में प्रणाम किया. भगवान ने कहा—
- “अब मैं शिशु का रूप धारण करूंगा. तुम मुझे गोकुल में अपने मित्र नंद के घर पहुंचा दो और वहाँ जन्मी कन्या को यहाँ ले आना. भय मत करो—पहरेदार सो जाएंगे, कारागार के द्वार स्वयं खुल जाएंगे और यमुना तुम्हें मार्ग देगी.”
- जैसा भगवान ने कहा, वैसा ही हुआ. वसुदेव ने शिशु कृष्ण को टोकरी में रखा और अंधेरी रात में कारागार से निकल पड़े. उफनती यमुना ने उन्हें सुरक्षित पार कराया और वे गोकुल पहुंच गए. वहां उन्होंने नंद-यशोदा के यहां जन्मी कन्या को लिया और शिशु कृष्ण को उनके पास सुला दिया.
- सुबह जब कंस को खबर मिली कि देवकी के यहां संतान हुई है, तो वह तुरन्त कारागार पहुंचा और नवजात कन्या को उठाकर भूमि पर पटकना चाहा. लेकिन वह दिव्य कन्या आकाश में प्रकट हो गई और बोली—
- “अरे मूर्ख कंस! मुझे मारने से कुछ नहीं होगा. तेरा काल तो पहले ही गोकुल पहुँच चुका है. वही तेरे पापों का अंत करेगा.”
- यही है भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की अद्भुत कथा, जो धर्म की पुनर्स्थापना और अधर्म के अंत का प्रतीक है.
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By Shaurya Punj
शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.
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