Hartalika Teej Vrat 2024 Live Shubh Muhurat, Puja Vidhi in hindi: आज मनाया जा रहा है हरतालिका तीज का त्योहार, जानें किस मुहूर्त में करें पूजा
Published by : Shaurya Punj Updated At : 06 Sep 2024 7:53 AM
Hartalika Teej 2024 Puja Vidhi LIVE: हरतालिका तीज व्रत का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और अन्य डिटेल
Hartalika Teej Vrat 2024 Live Shubh Muhurat, Puja Vidhi in hindi: उदया तिथि के अनुसार, हरतालिका तीज का व्रत शुक्रवार, 06 सितंबर 2024 को किया जाएगा. हरतालिका तीज की पूजा सुबह के समय करने का विधान है। ऐसे में पूजा का शुभ मुहूर्त कुछ इस प्रकार रहने वाला है -
हरतालिका व्रत पूजन को लेकर ये है मान्यता
मान्यता है कि इस दिन सखियां माता पार्वती की सहेलियां उनका हरण कर उन्हें जंगल में ले गई थीं. जहां माता पार्वती ने भगवान शिव को वर रूप में पाने के लिये कठोर तप किया था. तृतीया तिथि को तीज भी कहा जाता है. हरतालिका तीज के पिछे एक मान्यता यह भी है कि जंगल में स्थित गुफा में जब माता भगवान शिव की कठोर आराधना कर रही थी तो उन्होंने रेत के शिवलिंग को स्थापित किया था. मान्यता है कि यह शिवलिंग माता पार्वती द्वारा हस्त नक्षत्र में भाद्रपद शुक्ल तृतीया तिथि को स्थापित किया था इसी कारण इस दिन को हरियाली तीज के रूप में मनाया जाता है.
माता पार्वती को केले का भोग लगाएं
हरतालिका तीजा के दिन माता पार्वती को केले का भोग लगाकर दान करने से परिवार में सुख-शांति रहती है. शहद का भोग लगाकर दान करने से साधक को धन प्राप्ति के योग बनते हैं. गुड़ की वस्तुओं का भोग लगाकर दान करने से दरिद्रता का नाश होता है.
हरतालिका व्रत पूजन की सामग्री
फुलेरा विशेष प्रकार से फूलों से सजा होता है.
गीली काली मिट्टी अथवा बालू रेत.
केले का पत्ता.
विविध प्रकार के फल एवं फूल पत्ते.
बेल पत्र, शमी पत्र, धतूरे का फल एवं फूल, तुलसी मंजरी.
जनेऊ , नाडा, वस्त्र,.
माता गौरी के लिए पूरा सुहाग का सामग्री, जिसमे चूड़ी, बिछिया, काजल, बिंदी, कुमकुम, सिंदूर, कंघी, महावर, मेहँदी आदि एकत्र की जाती हैं. इसके अलावा बाजारों में सुहाग पूड़ा मिलता हैं जिसमे सभी सामग्री होती हैं.
घी, तेल, दीपक, कपूर, कुमकुम, सिंदूर, अबीर, चन्दन, नारियल, कलश.
पञ्चामृत – घी, दही, शक्कर, दूध, शहद.
बन रहा है शुभ संयोग
आज हरतालिका तीज पर बहुत ही अच्छा शुभ संयोग बन रहा है. पंचांग गणना के मुताबिक 06 सितंबर को हरतालिका पर रवि और शुक्ल योग के साथ चित्रा नक्षत्र का संयोग बन रहा है.
हरतालिका तीज पूजा सामग्री
मंदार का फूल का माला,गीली काली मिट्टी अथवा बालू रेत, केले का पत्ता,विविध प्रकार के फल एवं फूल पत्ते, बेल पत्र, शमी पत्र, धतूरे का फल एवं फूल, तुलसी मंजरी, जनेऊ , मौली, वस्त्र, माता गौरी के लिए पूरा सुहाग का सामग्री, जिसमे चूड़ी, बिछिया, काजल, बिंदी, कुमकुम, सिंदूर, कंघी, महावर, मेहँदी आदि एकत्र की जाती हैं. इसके अलावा बाजारों में सुहाग पूड़ा मिलता हैं जिसमे सभी सामग्री होती हैं, घी, तेल, दीपक, कपूर, कुमकुम, सिंदूर, अबीर, चन्दन, नारियल, कलश, पञ्चामृत – घी, दही, शक्कर, दूध, शहद
हरतालिका तीज व्रत के दौरान करें ये कार्य
निराहार रहकर व्रत करें.
रात्रि जागरण कर भजन करें.
बालू के शिवलिंग की पूजा करें.
सखियों सहित शंकर-पार्वती की पूजा आज रात में करें.
हरतालिका तीज महत्व
हरतालिका तीज व्रत करने से पति को लंबी आयु प्राप्त होती है. मान्यता है कि इस व्रत को करने से सुयोग्य वर की भी प्राप्ति होती है. संतान सुख भी इस व्रत के प्रभाव से मिलता है.
हरतालिका तीज पूजा मंत्र
माता पार्वती का मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु मां गौरी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।
गणेश मंत्र: ओम गणेशाय नम:
शिव मंत्र: ओम नम: शिवाय
हरतालिका तीज का व्रत सर्वप्रथम किसने रखा था
यह व्रत सर्वप्रथम पार्वती ने शिव को पाने के लिए किया था. इस दिन स्त्रियां सौभाग्य-वृद्धि के लिए शिव-पार्वती की पूजा करती हैं और कठोर निर्जल उपवास के साथ रात्रि जागरण भी करती हैं. जीवन में वैधव्य का सामना न करना पड़े और पुत्र-पौत्र से घर भरापूरा रहे, इसकी भी प्रार्थना वे महादेव से करती हैं.
हरतालिका तीज पूजा सामग्री
व्रत कथा पुस्तक, शिव को चढ़ाने के लिए 16 तरह के पत्ते – बेलपत्र, तुलसी, जातीपत्र, सेवंतिका, बांस, देवदार पत्र, चंपा, कनेर, अगस्त्य, भृंगराज, धतूरा, आम पत्ते, अशोक पत्ते. पान पत्ते, केले के पत्ते, शमी के पत्ते भोलेनाथ और पार्वती को चढ़ाना चाहिए.
हरतालिका तीज के दिन सोलह श्रृंगार का विशेष महत्व
हरतालिका तीज व्रत निर्जला होता है, जिसमें व्रती पानी भी नहीं पीते. इस दिन महिलाएं पूरी तरह से सोलह श्रृंगार कर शिव और पार्वती की पूजा करती हैं. इस तीज का संबंध भगवान शिव और माता पार्वती से है.
हरतालिका तीज को लेकर बाजार में भीड़
हरतालिका तीज को लेकर बाजारों में भीड़ देखने लायक है. महिलाओं में जबर्दस्त उत्साह दिख रहा है. महिलाओं ने बाजारों में पसंदीदा वस्तुओं की खरीदारी की. हरतालिका तीज सजने-संवरने का त्योहार है और इस त्योहार की मान्यता के चलते महिलाओं में खासा उत्साह है.
मां पार्वती की आरती
जय पार्वती माता, जय पार्वती माता.
ब्रह्म सनातन देवी, शुभ फल की दाता..
जय पार्वती माता…
अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्राता.
जग जीवन जगदम्बा हरिहर गुण गाता.
जय पार्वती माता…
सिंह को वाहन साजे कुंडल है साथा.
देव वधु जहं गावत नृत्य कर ताथा..
जय पार्वती माता…
सतयुग शील सुसुन्दर नाम सती कहलाता.
हेमांचल घर जन्मी सखियन रंगराता..
जय पार्वती माता…
शुम्भ-निशुम्भ विदारे हेमांचल स्याता.
सहस भुजा तनु धरिके चक्र लियो हाथा..
जय पार्वती माता…
सृष्टि रूप तुही जननी शिव संग रंगराता.
नंदी भृंगी बीन लाही सारा मदमाता.
जय पार्वती माता…
देवन अरज करत हम चित को लाता.
गावत दे दे ताली मन में रंगराता..
जय पार्वती माता…
श्री प्रताप आरती मैया की जो कोई गाता.
सदा सुखी रहता सुख संपति पाता..
जय पार्वती माता…।
हरतालिका तीज पर इस दौरान पूजा न करें
हरतालिका तीज पर सुबह 10:45 बजे से दोपहर 12:19 बजे तक राहुकाल रहेगा. इस दौरान पूजा न करें.
माता पार्वती ने सबसे पहले किया था व्रत
शिवपुराण के अनुसार, हरतालिका तीज व्रत को सबसे पहले माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए रखा था. मान्यता है कि इस व्रत को विधिपूर्वक करने वाले की रक्षा स्वयं भगवान शिव करते हैं.
हरतालिका तीज 2024 दिन का चौघड़िया मुहूर्त
चर-सामान्य मुहूर्त: सुबह में 06:02 बजे से 07:36 बजे तक
लाभ-उन्नति मुहूर्त: सुबह में 07:36 बजे से 09:10 बजे तक
अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त: सुबह में 09:10 बजे से 10:45 बजे तक
शुभ-उत्तम मुहूर्त: दोपहर में 12:19 बजे से 01:53 बजे तक
चर-सामान्य मुहूर्त: शाम में 05:02 बजे से 06:36 बजे तक
हरतालिका तीज पर इन चीजों का ना करें इस्तेमाल
हरतालिका तीज के दिन अगर आप व्रत रखती हैं तो महिलाएं लाल और हरी मिर्च का इस्तेमाल अपने भोजन में ना करें.
हरतालिका तीज 2024 का शुभ मुहूर्त
हरतालिका तीज व्रत भाद्रपद शुक्ल तृतीया तिथि 5 सितंबर को दोपहर 12:21 बजे से लेकर 6 सितंबर को दोपहर 3:01 बजे तक है. इसलिए उदया तिथि के आधार पर हरतालिका तीज का व्रत 6 सितंबर शुक्रवार को रखा जाएगा.
लेखक के बारे में
By Shaurya Punj
शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.
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