ग्रहण के दौरान प्रकृति में क्या बदलता है? जानें जानवरों और पक्षियों का अजीब व्यवहार

Updated at : 09 Feb 2026 6:38 AM (IST)
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Grahan 2026 bizarre animal behaviour

ग्रहण के दौरान पशु पक्षियों का होता है अजीब व्यवहार

Grahan 2026 : ग्रहण के दौरान दिन में अंधेरा छा जाता है, जिससे प्रकृति का संतुलन बिगड़ता है. जानवर और पक्षी भ्रमित होकर अजीब व्यवहार करने लगते हैं, जिसे वैज्ञानिकों ने भी दर्ज किया है.

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Grahan 2026: आने वाली 17 फरवरी 2026 को साल का पहला सूर्यग्रहण लगने जा रहा है. सूर्यग्रहण को लेकर इंसानों में उत्सुकता और रोमांच देखा जाता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जब दिन में अचानक अंधेरा छा जाता है, तो जानवरों पर इसका क्या असर पड़ता है?

सूर्यग्रहण क्या होता है

सूर्यग्रहण तब होता है जब सूरज, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीध में आ जाते हैं और चंद्रमा, सूर्य को आंशिक या पूर्ण रूप से ढक लेता है. इस दौरान कुछ समय के लिए दिन में अंधकार जैसा माहौल बन जाता है. यही अचानक हुआ बदलाव जानवरों को भ्रमित कर देता है.

मकड़ियां तोड़ देती हैं अपना जाल

साइंस अलर्ट में प्रकाशित स्टीव पोर्तगल की रिपोर्ट के अनुसार, सूर्यग्रहण के समय कई प्रजातियों की मकड़ियां अजीब व्यवहार करने लगती हैं. वे अचानक बेचैन हो जाती हैं और अपने ही बनाए जाल को तोड़ देती हैं. जैसे ही ग्रहण खत्म होता है और रोशनी लौटती है, वे दोबारा जाल बनाना शुरू कर देती हैं.

पक्षी, मछलियां और चमगादड़ हो जाते हैं भ्रमित

सूर्यग्रहण के दौरान पक्षी और मछलियां भी भ्रम की स्थिति में आ जाती हैं. आमतौर पर पक्षी शाम के समय अपने घोंसलों की ओर लौटते हैं, लेकिन ग्रहण के कारण उन्हें लगता है कि अभी लौटने का समय नहीं हुआ है. वहीं चमगादड़, जो रात में सक्रिय होते हैं, उन्हें लगता है कि रात हो गई है और वे उड़ना शुरू कर देते हैं.

बंदरों में डर का माहौल

वर्ष 2010 में अर्जेंटीना में अजारा प्रजाति के उल्लू बंदरों पर एक अध्ययन किया गया. ये बंदर पूरी तरह निशाचर होते हैं. ग्रहण के दौरान जैसे ही अंधेरा बढ़ा, उन्होंने भोजन की तलाश बंद कर दी. वे पेड़ों पर चलने से भी डरने लगे, मानो उन्हें रास्ता दिखाई न दे रहा हो.

2017 का सूर्यग्रहण और चिड़ियाघर का अनुभव

साल 2017 में अमेरिका में पड़े सूर्यग्रहण के दौरान करीब 2 मिनट 42 सेकेंड तक सूर्य दिखाई नहीं दिया. इस दौरान साउथ कैरोलिना के एक चिड़ियाघर में जानवरों के व्यवहार का अध्ययन किया गया. जिराफ घबराकर इधर-उधर भागने लगे. वहीं कछुओं ने अचानक प्रजनन से जुड़ा व्यवहार दिखाया. चिड़ियाघर के कर्मचारी एडम हार्टस्टोन के अनुसार, उस समय चिड़ियाघर के 75% से ज्यादा जानवरों ने ग्रहण पर स्पष्ट प्रतिक्रिया दी.

सूर्यग्रहण सिर्फ खगोलीय घटना नहीं है, बल्कि यह प्रकृति और जीव-जंतुओं पर भी गहरा असर डालता है. अचानक रोशनी का कम होना जानवरों को भ्रमित और भयभीत कर देता है, जिससे उनका व्यवहार पूरी तरह बदल जाता है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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