Geeta Mantra: भागवत गीता के मंत्र, जो रोज अपनाने से बदल सकते हैं आपकी किस्मत
Published by : Shaurya Punj Updated At : 03 Feb 2026 2:48 PM
गीता मंत्र के फायदे और महत्व
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Geeta Mantra: श्रीमद्भगवद्गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला मार्गदर्शक है. इसमें दिए गए मंत्र आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने महाभारत काल में थे. अगर इन उपदेशों को रोजमर्रा की जिंदगी में अपनाया जाए, तो सोच, व्यवहार और परिस्थितियों में सकारात्मक बदलाव आ सकता है.
कर्म करो, फल की चिंता मत करो
गीता का सबसे प्रसिद्ध उपदेश है—
“कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन”
इस मंत्र का अर्थ है कि इंसान का अधिकार केवल कर्म करने में है, फल उसके हाथ में नहीं। जब हम परिणाम की चिंता छोड़कर पूरी ईमानदारी से काम करते हैं, तो तनाव कम होता है और सफलता के रास्ते खुलते हैं.
आत्मविश्वास और आत्मबल बढ़ाने वाला मंत्र
गीता हमें सिखाती है कि आत्मा न कभी मरती है और न ही नष्ट होती है.
“न जायते म्रियते वा कदाचित्”
इस श्लोक का भाव यह है कि सच्चा स्वरूप आत्मा है, जो अजर-अमर है। इसे समझने से डर, असफलता और नकारात्मकता दूर होती है और आत्मविश्वास मजबूत होता है.
मन पर नियंत्रण का संदेश
अक्सर हमारा मन ही हमारी सबसे बड़ी कमजोरी बन जाता है. गीता कहती है—
“उद्धरेदात्मनाऽत्मानं”
अर्थात इंसान को स्वयं अपने मन को ऊंचा उठाना चाहिए। जो अपने मन पर नियंत्रण पा लेता है, वही अपने जीवन की दिशा बदल सकता है.
समभाव और संतुलन की सीख
गीता का एक और महत्वपूर्ण संदेश है— “समत्वं योग उच्यते”
इसका मतलब है कि सुख-दुख, लाभ-हानि में समान भाव रखना ही सच्चा योग है. यह मंत्र हमें हर परिस्थिति में संतुलित रहना सिखाता है.
कैसे बदलती है किस्मत?
जब इंसान अपने कर्म, सोच और व्यवहार को गीता के अनुसार ढाल लेता है, तो उसके फैसले बेहतर होने लगते हैं. धीरे-धीरे परिस्थितियां भी अनुकूल होने लगती. यही वजह है कि गीता के मंत्र केवल पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि जीने के लिए हैं.
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लेखक के बारे में
By Shaurya Punj
शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.
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