इस दिन है एकदंत संकष्टी व्रत, जानें शुभ मुहूर्त और जरूरी सामग्री

Published by :Shaurya Punj
Published at :03 May 2026 2:15 PM (IST)
विज्ञापन
Ekdant Sankashti Chaturthi samagri list

एकदंत संकष्टी चतुर्थी पूजा सामग्री

Ekdant Sankashti Chaturthi 2026: एकदंत संकष्टी चतुर्थी 2026 आने वाले हफ्ते में रखा जाएगा. इस दिन भगवान गणेश को उनकी प्रिय वस्तुएं अर्पित कर पाएं सुख, शांति और सभी संकटों से मुक्ति. यहां से जानें पूजा की सही तिथि, व्रत विधि और पूजा सामग्री

विज्ञापन

Ekdant Sankashti Chaturthi 2026: हिंदू धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य माना गया है. किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत उनसे ही की जाती है, क्योंकि वे विघ्नहर्ता और सुख-समृद्धि के दाता हैं. ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को एकदंत संकष्टी चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है. इस दिन व्रत और विधिपूर्वक पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. आइए जानते हैं इस व्रत की सही तिथि और पूजा में उपयोग होने वाली जरूरी सामग्री के बारे में.

कब है एकदंत संकष्टी चतुर्थी 2026?

पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 5 मई 2026 को सुबह 5:24 बजे से शुरू होगी और 6 मई 2026 को सुबह 7:51 बजे समाप्त होगी. संकष्टी चतुर्थी का व्रत चंद्रोदय के आधार पर रखा जाता है. ऐसे में 5 मई को चतुर्थी तिथि चंद्रोदय के समय विद्यमान रहेगी, इसलिए यह व्रत 5 मई 2026, मंगलवार को रखा जाएगा. इस दिन भक्त दिनभर उपवास रखते हैं और रात्रि में चंद्र दर्शन के बाद व्रत खोलते हैं. मान्यता है कि इस व्रत को रखने से सभी संकट दूर होते हैं और जीवन में सुख-शांति आती है.

पूजा सामग्री का महत्व

किसी भी पूजा में सही सामग्री का होना बेहद जरूरी होता है. एकदंत संकष्टी चतुर्थी के दिन उपयोग की जाने वाली सामग्री का धार्मिक महत्व होने के साथ-साथ यह पूजा के प्रभाव को भी बढ़ाती है. भगवान गणेश को उनकी प्रिय वस्तुएं अर्पित करने से वे शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की सभी इच्छाएं पूर्ण करते हैं.

गणेश जी की प्रतिमा या चित्र

पूजा की शुरुआत भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र से होती है. यदि घर में पहले से प्रतिमा मौजूद है, तो उसी की पूजा की जा सकती है. अन्यथा इस दिन नई प्रतिमा स्थापित करना भी शुभ माना जाता है. प्रतिमा को स्वच्छ और पवित्र स्थान पर स्थापित करना चाहिए, जिससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और पूजा में एकाग्रता बनी रहती है.

दूर्वा घास का विशेष महत्व

भगवान गणेश को दूर्वा अत्यंत प्रिय होती है. पूजा में दूर्वा अर्पित करना अनिवार्य माना गया है. मान्यता है कि दूर्वा अर्पित करने से भगवान गणेश शीघ्र प्रसन्न होते हैं और सभी बाधाओं को दूर करते हैं. दूर्वा को हमेशा तीन या पांच पत्तियों के समूह में अर्पित करना शुभ होता है.

मोदक और लड्डू का भोग

मोदक भगवान गणेश का सबसे प्रिय भोग माना जाता है. इसके अलावा लड्डू भी उन्हें अति प्रिय हैं. पूजा के दौरान इन मिठाइयों का भोग लगाने से भगवान प्रसन्न होते हैं. मोदक को ज्ञान और आनंद का प्रतीक माना जाता है, जिससे जीवन में खुशहाली और समृद्धि आती है.

लाल फूल और सिंदूर

भगवान गणेश को लाल रंग बहुत प्रिय है, इसलिए पूजा में लाल फूल और सिंदूर का विशेष महत्व होता है. लाल फूल अर्पित करने से भगवान की कृपा प्राप्त होती है, जबकि सिंदूर लगाने से शुभता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.

धूप, दीप और अगरबत्ती

पूजा के दौरान धूप, दीप और अगरबत्ती जलाना आवश्यक होता है. यह वातावरण को शुद्ध और पवित्र बनाते हैं. दीपक जलाना अज्ञान के अंधकार को दूर करने का प्रतीक है, जबकि धूप और अगरबत्ती भगवान को प्रसन्न करने के लिए उपयोग की जाती हैं.

नारियल और फल अर्पण

नारियल को शुभता और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है. पूजा में नारियल अर्पित करने से भगवान गणेश की विशेष कृपा प्राप्त होती है. इसके साथ ही मौसमी फल भी अर्पित करने चाहिए, जो समर्पण और कृतज्ञता का प्रतीक होते हैं.

एकदंत संकष्टी चतुर्थी का व्रत और पूजा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाने का श्रेष्ठ माध्यम माना गया है. सही तिथि, विधि और सामग्री के साथ पूजा करने से भगवान गणेश की कृपा प्राप्त होती है और सभी संकट दूर होते हैं.

विज्ञापन
Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola