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Christmas 2024: हर साल 25 दिसंबर को ही क्यों मनाया जाता है क्रिसमस का त्योहार, जानें इतिहास और महत्व

Updated at : 24 Dec 2024 11:42 AM (IST)
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Christmas 2024

Christmas 2024

Christmas 2024: क्रिसमस का इतिहास ईसा मसीह के जन्म से संबंधित है। ईसाई धर्म के अनुसार, 25 दिसंबर को प्रभु यीशु मसीह का जन्म हुआ था, इसलिए इस दिन को क्रिसमस के रूप में मनाया जाता है. यह पर्व पहली बार 336 में ईसाई रोमन सम्राट कॉन्सटेंटाइन के शासनकाल में मनाया गया था. पोप जुलियस ने 25 दिसंबर को जीसस क्राइस्ट के जन्मदिन को मनाने का निर्णय लिया था.

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Christmas 2024:  क्रिसमस ईसाई समुदाय का एक प्रमुख पर्व है, जिसे हर वर्ष 25 दिसंबर को बड़े धूमधाम से मनाया जाता है. इस दिन गिरिजाघरों में क्रिसमस की घंटियों की मधुर ध्वनि गूंजती है. साथ ही, सभी गिरिजाघरों को रंग-बिरंगी रोशनी और अन्य सजावटी वस्तुओं से सजाया जाता है. इस अवसर पर, ईसाई लोग अपने घरों में केक काटते हैं और एक-दूसरे को मिठाई खिलाते हैं. क्रिसमस 25 दिसंबर को क्यों मनाया जाता है, यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न है.  यहां जानें 25 दिसंबर को ही क्यों मनाया जाता है क्रिसमस

क्रिसमस का इतिहास

क्रिसमस का इतिहास ईसा मसीह के जन्म से संबंधित है, जैसा कि बाइबल के न्यू टेस्टामेंट में वर्णित है. ईसाई धर्म के अनुयायियों के अनुसार, 25 दिसंबर को प्रभु यीशु मसीह का जन्म हुआ था, इसलिए इस दिन को क्रिसमस के रूप में मनाया जाता है. हालांकि, कुछ इतिहासकारों और धार्मिक अनुयायियों का मानना है कि ईसा का जन्म वास्तव में इस दिन नहीं हुआ था और यह केवल एक प्रतीकात्मक जन्मदिन है. बाइबल में यीशु की जन्म तिथि का उल्लेख नहीं है, फिर भी हर वर्ष 25 दिसंबर को क्रिसमस का उत्सव मनाया जाता है. यह माना जाता है कि यीशु मसीह का जन्म मरियम के घर हुआ था, और कहा जाता है कि मरियम को एक स्वप्न में प्रभु के पुत्र यीशु के जन्म की भविष्यवाणी की गई थी.

सैंटा क्लॉज का क्रिसमस से संबंध क्या है?

क्रिसमस का पर्व यीशु मसीह के जन्म के उपलक्ष्य में मनाया जाता है, फिर भी इस दिन को सैंटा क्लॉज के नाम से क्यों जाना जाता है? वास्तव में, सैंटा का वास्तविक नाम संत निकोलस है, और यह कथा 280 ईस्वी में तुर्की से शुरू होती है. सैंटा उत्तरी ध्रुव पर अपनी पत्नी मिसेज क्लॉज के साथ निवास करते हैं. वह एक खुशमिजाज व्यक्ति हैं, जिनकी सफेद दाढ़ी है और जिनके हृदय में दया और करुणा का भाव भरा हुआ है. संत निकोलस जरूरतमंदों और बीमारों की सहायता के लिए यात्रा किया करते थे.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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