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Char Dham Yatra 2025: इस दिन से बंद होने वाले हैं केदारनाथ मंदिर के कपाट, कब होगी पंच पूजा की शुरुआत, जानें ताजा अपडेट

Updated at : 07 Oct 2025 9:53 AM (IST)
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Char Dham Yatra 2025

कब बंद होंगे केदारनाथ मंदिर के कपाट

Char Dham Yatra 2025: केदारनाथ मंदिर के कपाट इस वर्ष शीतकालीन प्रवास के लिए बंद होने वाले हैं. पंच पूजाओं की शुरुआत 21 नवंबर से होगी, जिसमें भगवान गणेश और अन्य देवताओं की विशेष पूजा-अर्चना शामिल रहेगी. श्रद्धालु अंतिम दर्शन के लिए समय पर पहुंचकर आस्था और भक्ति का अनुभव कर सकते हैं.

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Char Dham Yatra 2025: उत्तराखंड में स्थित चार धाम—केदारनाथ, बद्रीनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री—हर साल श्रद्धालुओं के लिए आस्था और भक्ति का केंद्र बने रहते हैं. भक्तजन इन पवित्र धामों के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए नियमित रूप से यात्रा करते हैं. हालांकि, ये मंदिर केवल छह महीने के लिए ही दर्शनार्थियों के लिए खुले रहते हैं. अब 2025 के लिए इन मंदिरों के कपाट बंद होने की तारीखें भी निर्धारित कर दी गई हैं.

कब बंद होन वाले हैं बद्रीनाथ मंदिर के कपाट ?

बद्रीनाथ मंदिर, जो चमोली जिले में स्थित है, के कपाट इस वर्ष विजयादशमी के पावन अवसर के बाद बंद कर दिए जाएंगे. अधिकारियों के अनुसार, उत्तराखंड के उच्च गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र में स्थित इस विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल के कपाट 25 नवंबर 2025 को दोपहर 2:56 बजे शीतकालीन प्रवास के लिए बंद किए जाएंगे. अगले वर्ष, यानी 2026 में, मंदिर के कपाट फिर से खोले जाएंगे.

पंच पूजाओं की तैयारी और भगवान गणेश की पूजा

कपाट बंद करने की प्रक्रिया के अंतर्गत पंच पूजाओं का आयोजन किया जाता है. पहले दिन, 21 नवंबर को, भगवान गणेश की विशेष पूजा होगी और शाम के समय उनके कपाट बंद किए जाएंगे.

आदि केदारेश्वर और शंकराचार्य मंदिर के कपाट कब बंद होंगे ?

22 नवंबर को आदि केदारेश्वर मंदिर और शंकराचार्य मंदिर के कपाट बंद किए जाएंगे. इस दिन मंदिरों में शीतकालीन प्रवास की तैयारी पूरी कर दी जाएगी.

खडग-पुस्तक पूजन और वेद ऋचाओं का वाचन

23 नवंबर को खडग-पुस्तक पूजन और वेद ऋचाओं का नियमित वाचन भी बंद कर दिया जाएगा. इस दिन से शीतकालीन तैयारी और अंतिम पूजा-अर्चना की प्रक्रिया पूर्ण होगी.

मां लक्ष्मी जी को कढ़ाई भोग

24 नवंबर को मां लक्ष्मी जी को कढ़ाई भोग अर्पित किया जाएगा. इसके अगले दिन, यानी 25 नवंबर को, दोपहर 2:56 बजे श्री बद्रीनाथ धाम के मुख्य कपाट शीतकालीन प्रवास के लिए बंद कर दिए जाएंगे.

शीतकालीन प्रवास के लिए देवी-देवताओं का प्रस्थान

26 नवंबर को श्री कुबेर जी, उद्धव जी और रावल जी के साथ-साथ आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी पांडुकेश्वर और श्री नृसिंह मंदिर, जोशीमठ के लिए शीतकालीन प्रवास हेतु प्रस्थान करेगी.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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