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चंद्रग्रहण समाप्त, जानें अब कब लगेगा अगला ग्रहण

Updated at : 03 Mar 2026 6:53 PM (IST)
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When the next eclipse will occur

कब है साल का अगला ग्रहण

Chandra Grahan 2026: आज 3 मार्च 2026 को साल का पहला पूर्ण चंद्रग्रहण लगा था, जिसमें चांद ब्लड मून बना दिखा. जानें अब साल का अगला ग्रहण कब लगेगा.

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Grahan 2026: साल 2026 का पहला पूर्ण चंद्रग्रहण 3 मार्च को लगा था. यह एक दुर्लभ खगोलीय घटना थी, जिसे दुनिया भर में उत्साह के साथ देखा गया. इस लूनर एक्लिप्स का मैग्नीट्यूड 1.155 था, जिसके कारण यह पूर्ण चंद्र ग्रहण बना. ग्रहण अब समाप्त हो चुका है, लेकिन इसकी चर्चा अभी भी जारी है. हम यहां आपको ये भी बताने वाले हैं कि साल का अगला ग्रहण कब लगेगा.

कब से कब तक रहा ग्रहण

यह चंद्रग्रहण दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर शुरू हुआ था और शाम 6 बजकर 47 मिनट पर समाप्त हुआ. इस दौरान चंद्रमा धीरे-धीरे पृथ्वी की छाया में प्रवेश करता गया और पूर्ण अवस्था में पहुंचा. पूर्ण अवस्था में चांद पूरी तरह से लाल रंग का दिखाई दिया, जिसे आमतौर पर “ब्लड मून” कहा जाता है.

क्यों दिखा चांद लाल?

पूर्ण चंद्रग्रहण के समय पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है. पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है. इसी दौरान सूर्य की किरणें पृथ्वी के वायुमंडल से होकर मुड़ जाती हैं और लाल रंग की रोशनी चंद्रमा तक पहुंचती है. इसी वजह से चांद का रंग गहरा लाल नजर आता है. यह दृश्य काफी आकर्षक और अद्भुत था.

सूतक काल का प्रभाव

चंद्रग्रहण के साथ सूतक काल भी प्रभावी रहा था. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूतक काल ग्रहण शुरू होने से पहले ही लग जाता है. इस दौरान पूजा-पाठ और शुभ कार्यों से परहेज किया जाता है. ग्रहण समाप्त होने के बाद लोग स्नान और शुद्धिकरण के साथ अपने नियमित कार्यों में लौट आए.

साल 2026 के अन्य ग्रहण

साल 2026 में आने वाले दिनों में दो और ग्रहण होने वाले हैं.

29 जुलाई 2026 को सूर्य ग्रहण लगेगा. यह अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और अंटार्कटिका के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा. भारत में यह नजर नहीं आएगा, इसलिए इसका सूतक काल यहां मान्य नहीं होगा.

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28 अगस्त 2026 को दूसरा चंद्र ग्रहण होगा. यह उत्तर और दक्षिण अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका के कुछ क्षेत्रों में दिखाई देगा, लेकिन भारत में नहीं दिखेगा. इसलिए इसका सूतक काल भी भारत में प्रभावी नहीं माना जाएगा.

कुल मिलाकर साल 2026 में चार ग्रहण हैं, लेकिन भारत में केवल 3 मार्च का पूर्ण चंद्रग्रहण ही देखा गया. यह खगोलीय घटना विज्ञान और आस्था, दोनों ही दृष्टि से विशेष रही.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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